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  • Independence Day 2025: तिरंगे के रंग में रंगे बाबा विश्वनाथ, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय हिंद’ के नारों से गूंज उठा काशी धाम

    Independence Day 2025: तिरंगे के रंग में रंगे बाबा विश्वनाथ, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय हिंद’ के नारों से गूंज उठा काशी धाम

    वाराणसी: स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम देशभक्ति की भावना में पूरी तरह सराबोर हो गया। बाबा विश्वनाथ का दरबार तिरंगे के तीन रंगों — केसरिया, सफेद और हरे — से जगमगा उठा। यह भव्य नजारा देखकर हर श्रद्धालु का दिल गर्व और आस्था से भर गया। Independence Day 2025

    सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। जैसे ही भक्त मंदिर में पहुंचे, पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय हिंद’ के नारों से गूंज उठा। यह नज़ारा आस्था और देशभक्ति के अद्भुत संगम का प्रतीक बन गया। Independence Day 2025

    मंदिर प्रशासन ने इस खास दिन के लिए विशेष सजावट और रोशनी की व्यवस्था की थी। मंदिर परिसर में लगाए गए रंग-बिरंगे लाइट्स ने तिरंगे के रंगों को और भी आकर्षक बना दिया। Independence Day 2025

    स्थानीय लोग और पर्यटक इस ऐतिहासिक क्षण को अपने कैमरों में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाए। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरें और वीडियो ने इस दृश्य को देशभर में चर्चा का विषय बना दिया।

  • मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी 7 आरोपी बरी

    मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी 7 आरोपी बरी

    मालेगांव बम विस्फोट मामले में 17 साल के लंबे इंतजार के बाद फैसला (Malegaon Blast Case) आ गया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत गुरुवार को 2008 में हुए इस धमाके की जांच मामले में फैसला सुना दिया है. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित समेत सातों आरोपी बरी कर दिए गए हैं. विशेष एनआईए अदालत ने कहा है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल बाइक के साध्वी प्रज्ञा के होने के सबूत नहीं है. इन आरोपियों पर यूएपीए नहीं लगा सकते. 

    कोर्ट ने कहा कि इन आरोपियों पर घटना से जुड़े आरोप साबित नहीं हुए हैं. मामले में पेश तमाम गवाह बाद में अपने बयान से मुकर गए. आरडीएक्स लेफ्टिनेंट के घर से मिलने का साक्ष्य नहीं है. इस मामले के सभी सात आरोपी अब कोर्ट रूम पहुंच गए हैं. आपको बता दें कि अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से सुनवाई और अंतिम दलीलें पूरी करने के बाद 19 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी. 

    कोर्ट रूम पहुंचे सभी आरोपी मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला

    साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत इस मामले में जिन सात लोगों को आरोपी बनाया गया है, वो फिलहाल कोर्ट रूम पहुंच चुके हैं. कोर्ट की कार्रवाई अब से कुछ देर में शुरू हो सकती है. 

    कौन हैं मालेगांव के सात आरोपी, मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला

    मालेगांव बम धमाका मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस लिस्ट में पूर्व सांसद साध्व प्रज्ञा ठाकुर भी एक आरोपी हैं. इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, रिटायर मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी को आरोपी बनाया गया है.

    क्या हैं आरोप मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला

    रिपोर्ट्स के अनुसार इस मामले में कर्नल पुरोहित पर आरोप है कि उन्होंने आरडीएक्स कश्मीर से लाकर महाराष्ट्र स्थित अपने घर में छिपाया था. इस बम को सुधाकर चुतर्वेदी के देवलाली छावनी में स्थित घर में तैयार किया था. एटीएस ने दावा किया है कि बाइक पर बम प्रीवण टक्कलकी, रामजी कालसांगरा और संदीप डांगे ने लगाया था. ये भी एक बड़ी साजिश के तहत काम कर रहे थे. इस मामले में पहली चार्जशीट 2009 में दाखिल की गई थी. इसमें 11 आरोपी और 3 वान्टेंड थे. इलेक्ट्रॉनिक सबूतों में सुधाकर धर द्विवेदी के लैपटॉप की रिकॉर्डिंग, वॉयस सैंपल आदि शामिल किए गए थे. जांच के दौरान पता चला था कि जनवरी 2008 में फरीदाबाद, भोपाल, और नासिक में इस साजिश को लेकर बैठकों को दौर चला था.

  • Neetu Bisht Arrested News -इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    Neetu Bisht Arrested News -इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    नई दिल्ली / मुंबई – सोशल मीडिया पर अपनी स्टाइलिश छवि और एक्टिव पोस्ट्स के लिए मशहूर एक महिला पुलिस अफसर पर अब बेहद संगीन आरोप लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस अफसर ने एक बिज़नेसमैन के अपहरण की साजिश रची और उसे अंजाम भी दिया।घटना के बाद से ही सोशल मीडिया और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।


    क्या है पूरा मामला? इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    जानकारी के अनुसार, महिला पुलिस अफसर, जो खुद को सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी बताती है, ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर एक कारोबारी का अपहरण कर फिरौती मांगी। बिज़नेसमैन को एक सुनसान जगह पर बंदी बनाकर रखा गया था। पुलिस ने बिज़नेसमैन को सुरक्षित छुड़ा लिया है। अफसर और उसके साथी आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं।

    मांगी थी 50 लाख की रिश्वत इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    शिकायत के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर ने गृह मंत्रालय से जुड़े एक स्थानांतरण और भर्ती संबंधी मामले में कथित तौर पर कुल 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “आरोपी ने 50 लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें से 20.50 लाख रुपये शिकायतकर्ता द्वारा कथित तौर पर भुगतान और रिकॉर्ड कर लिए गए थे. शेष राशि कथित तौर पर दबाव बनाकर मांगी जा रही थी.”

    महिला एसआई पर क्या आरोप इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    उन्होंने आगे कहा कि शिकायतकर्ता ने लेन-देन के ठोस सबूत पेश किए, जिसके बाद सतर्कता दल ने जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि महिला सब-इंस्पेक्टर कथित तौर पर डॉक्टर और उसके बेटे को थाने के एक कमरे में ले गई, जहां उसने उनके साथ मारपीट की और उन्हें धमकाया. शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि दबाव में उसे रिश्वत की मांग पूरी करने के लिए मजबूर किया गया.