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  • दिल्ली: बंदरों को भगाने के लिए PWD ने निकाली भर्ती, लंगूर की आवाज में काम करेंगे कर्मी

    दिल्ली: बंदरों को भगाने के लिए PWD ने निकाली भर्ती, लंगूर की आवाज में काम करेंगे कर्मी

    दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बंदरों की बढ़ती समस्या को देखते हुए PWD (Public Works Department) ने एक अनोखी पहल की है। अब बंदरों को भगाने के लिए लोगों की भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती में चयनित कर्मी लंगूर की आवाज निकालकर बंदरों को भगाने का काम करेंगे।

    क्यों निकली भर्ती?

    दिल्ली के कई इलाके जैसे कि साउथ दिल्ली, रोहिणी, और पुरानी कॉलोनियों में बंदरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ये बंदर न केवल सड़क पर और पार्कों में परेशान कर रहे हैं बल्कि घरों और दुकानों में भी घुसपैठ कर रहे हैं। इससे न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है बल्कि खाद्य सामग्री और घरों की सुरक्षा भी खतरे में है।PWD ने टेंडर जारी करते हुए कहा कि भर्ती किए जाने वाले कर्मी 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे और उनका मुख्य कार्य बंदरों को भगाना होगा। इसके लिए कर्मी को लंगूर की आवाज की नकल करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस तरह की पहल पहली बार दिल्ली में लागू की जा रही है।

    भर्ती की शर्तें

    • भर्ती केवल उन लोगों के लिए है, जो लंगूर की आवाज़ की सही नकल कर सकते हैं
    • हर कर्मी को 8 घंटे की शिफ्ट में काम करना होगा।
    • कर्मी शहर के ऐसे इलाकों में तैनात किए जाएंगे, जहां बंदरों की संख्या अधिक है।
    • PWD ने इस काम के लिए विशेष टेंडर जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    क्या है उद्देश्य?

    PWD का कहना है कि बंदरों से निपटने के लिए पारंपरिक उपाय जैसे जाल और रबर की गोली पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए लंगूर की आवाज़ निकालने वाले कर्मियों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया है। इस तकनीक के जरिए बंदर समझेंगे कि इलाके में बड़े लंगूर मौजूद हैं और वे खुद ही जगह छोड़ देंगे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह इको-फ्रेंडली और मानव-सुरक्षित तरीका है, क्योंकि इसमें बंदरों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। इसके अलावा, इससे लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

    दिल्ली में बंदरों की समस्या

    दिल्ली में बंदर अक्सर पेड़ों, तारों और खुले इलाकों में घूमते नजर आते हैं। लोग इनसे परेशान हैं क्योंकि बंदर खाने-पीने की वस्तुएं चोरी करते हैं और कभी-कभी झगड़े भी बढ़ा देते हैं। PWD का यह कदम शहरवासियों के लिए राहत भरा साबित होगा।

    आने वाले दिनों में क्या होगा?

    PWD जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी करके लंगूर आवाज कर्मियों की भर्ती शुरू करेगा। भर्ती के बाद ये कर्मी निर्धारित क्षेत्रों में तैनात होंगे और बंदरों को भगाने का काम करेंगे। इस पहल से उम्मीद है कि शहर में बंदरों की बढ़ती दिक्कत कम होगी और लोग सुरक्षित रह सकेंगे।

  • कानपुर: गुस्साई मेयर प्रमिला पांडे ने सड़क पर चलाया हथौड़ा, खराब काम पर भड़कीं

    कानपुर: गुस्साई मेयर प्रमिला पांडे ने सड़क पर चलाया हथौड़ा, खराब काम पर भड़कीं

    कानपुर। शहर की सड़कों की बदहाली को लेकर एक बार फिर मेयर प्रमिला पांडे का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को उन्होंने संगीत टॉकीज से चंद्रिका देवी चौराहे तक बनी सड़क का निरीक्षण किया, जहां हाल ही में पैचवर्क किया गया था। लेकिन मरम्मत के सिर्फ एक दिन बाद ही सड़क उखड़ने लगी। यह देखकर मेयर आपा खो बैठीं और मौके पर ही हथौड़ा उठाकर सड़क तोड़ने लगीं

    मेयर प्रमिला पांडे ने कहा कि जनता के पैसे से की जा रही मरम्मत में इतनी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और ठेकेदारों से सख्त लहजे में जवाब तलब किया। इसके बाद उन्होंने फोन पर संबंधित PWD अधिकारी को फटकार लगाई और चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।

    जानकारी के अनुसार, PWD विभाग ने कुछ दिन पहले इस सड़क पर पैचवर्क किया था। लेकिन गुणवत्ताहीन सामग्री और जल्दबाजी में काम पूरा करने के चलते सड़क दोबारा उखड़ने लगी। इससे स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बरसात के बाद सड़क की हालत और खराब हो जाएगी।

    मेयर ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि अगर दोबारा सड़क टूटी मिली तो सीधे निगम से ठेकेदार का भुगतान रोक दिया जाएगा।स्थानीय लोगों ने मेयर के इस कदम की सराहना की है और कहा कि अगर इसी तरह जनप्रतिनिधि जवाबदेही तय करते रहें तो शहर की सड़कों की स्थिति सुधर सकती है।