Nation Now Samachar

Tag: Sawan2025

  • Sawan Somwar 2025: सावन के सोमवार को कीजिए इस कानपुर के रहस्यमय मंदिर के दर्शन मिलेगा मनचाहा वर

    Sawan Somwar 2025: सावन के सोमवार को कीजिए इस कानपुर के रहस्यमय मंदिर के दर्शन मिलेगा मनचाहा वर

    कानपुर- कानपुर नगर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित खेरेश्वर मंदिर, न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि एक रहस्यमयी आध्यात्मिक स्थल भी है। गंगा नदी के तट पर बसे इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि महाभारत कालीन योद्धा अश्वत्थामा आज भी यहाँ प्रतिदिन सबसे पहले भगवान शिव की पूजा करते हैं।

    विशेषताएं: कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    • खेरेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है।
    • सावन माह में यहां हजारों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
    • मंदिर की वास्तुकला में प्राचीन हिन्दू शैली की झलक मिलती है, जो इतिहास और आस्था का संगम दर्शाती है।
    • प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष रुद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन होता है।

    🕉️ अद्भुत घटना: बिना खुले कपाट चढ़ी होती है पूजा सामग्री कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    श्रद्धालुओं और पुजारियों के अनुसार, मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही शिवलिंग पर फूल, जल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ी हुई मिलती है। यह रहस्य आज तक विज्ञान भी नहीं सुलझा सका है, लेकिन आस्था अडिग है — “अश्वत्थामा ही प्रतिदिन शिव की प्रथम पूजा करते हैं।”


    इतिहास और मान्यता का सागर है ये मंदिर

    जानकारों का मानना है कि यह मंदिर करीब 5000 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना महाभारत काल में हुई थी। यह मंदिर महर्षि वेदव्यास के कालखंड से जुड़ा हुआ बताया जाता है। तभी से यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए तप और आराधना का प्रमुख स्थान बना हुआ है।

    विशेषताएं: कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    • खेरेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है।
    • सावन माह में यहां हजारों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
    • मंदिर की वास्तुकला में प्राचीन हिन्दू शैली की झलक मिलती है, जो इतिहास और आस्था का संगम दर्शाती है।
    • प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष रुद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन होता है।

    🕯️ महाशिवरात्रि पर उमड़ता है श्रद्धा का सैलाब कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि दूर-दराज़ के राज्यों से भी भक्त जलाभिषेक करने और खेरेश्वर बाबा के दर्शन हेतु पहुँचते हैं।

    🌿 धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम

    इस मंदिर का शांत और आध्यात्मिक वातावरण, गंगा के समीपस्थ स्थान, और हजारों वर्षों पुरानी मान्यताएं इसे अद्वितीय बनाते हैं। सावन मास में यहाँ भक्तों की टोलियां गंगाजल लेकर आते हैं और बाबा खेरेश्वर का जलाभिषेक करते हैं।

    भगवान शिव की आराधना करें
    यदि कोई भी लड़का या लड़की मनचाहा जीवनसाथी पाना चाहता है तो इसके लिए आपको भोलेनाथ की आराधना करना चाहिए. शिवपुराण के अनुसार, भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा दिन सोमवार है और आपको इसी खास दिन भगवान शिव की पूजा करना है.

  • बाराबंकी- लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा,जयकारों से गूंजा बाराबंकी

    बाराबंकी- लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा,जयकारों से गूंजा बाराबंकी

    बाराबंकी | सावन मास – प्रदोष तिथि विशेष

    उत्तर भारत के प्रसिद्ध शिवधाम लोधेश्वर महादेवा मंदिर में आज श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सावन मास के प्रदोष के अवसर पर हजारों शिवभक्तों की भीड़ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ी।श्रद्धालु “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष करते हुए मंदिर प्रांगण में पहुंचे और भोलेनाथ पर जल, बेलपत्र, चंदन, फूल व अक्षत अर्पित किए।

    हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा का अद्भुत दृश्य लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा

    प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनकी श्रद्धा और सेवा भाव को सम्मान दिया।
    इस दौरान पूरा लोधेश्वर धाम शिव नाम के जयकारों से गूंज उठा

    प्रशासन की व्यवस्थाएं सराहनीय

    • मंदिर परिसर और चारों ओर बैरिकेटिंग लगाई गई
    • सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम – मंदिर व आसपास के क्षेत्र में पुलिस तैनात
    • भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष दल तैनात

    सुबह जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, हजारों शिवभक्तों ने भगवान को जलाभिषेक किया और बेलपत्र व फूल चढ़ाए।

  • सद्भावना पुल पर अचानक रुकी डीएम की गाड़ी, कांवरियों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी!

    सद्भावना पुल पर अचानक रुकी डीएम की गाड़ी, कांवरियों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी!

    जौनपुर- सावन के पवित्र महीने में नगर के सद्भावना पुल पर  रास्ते में अचानक डीएम की गाड़ी रूकते ही कांवरियां के बीच पहुंच गये। जब जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र स्वयं कांवड़ियों के स्वागत के लिए पहुँचे। हाथ मे कांवर लेकर शिव के भक्तों के हौसलों को बढ़ाया। उन्होंने न केवल श्रद्धालु कांवड़ियों के बीच फल वितरण किया, बल्कि बाल कांवड़ियों से बातचीत करके डीएम ने उत्साहवर्धन किया।

    जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने इस दौरान कहा कि कांवड़ यात्रा भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। खासकर उत्तर प्रदेश में यह यात्रा शिव भक्ति, आस्था और सनातन परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में जनपद में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।

    “कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस एवं प्रशासन सतत निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारी ने बाल कांवड़ियों के साथ कुछ दूर तक कांवड़ उठाकर यात्रा में भाग भी लिया, जिससे वहां उपस्थित लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। उन्होंने सभी कांवड़ियों को शिवभक्ति के इस पवित्र पर्व पर शुभकामनाएं देते हुए संयम और डीजे के निर्धारित साउंड मानक के नियम का पालन करने की अपील किया है।