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  • SONBHADRA CONGRESS PROTESTS: सोनभद्र में विद्यालयों के विलय के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

    SONBHADRA CONGRESS PROTESTS: सोनभद्र में विद्यालयों के विलय के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

    सोनभद्र/मनोज कुमार
    SONBHADRA CONGRESS PROTESTS: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे विद्यालयों के विलय कार्यक्रम के खिलाफ अब विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में 4 जुलाई को सोनभद्र में कांग्रेस पार्टी ने ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन जिला अध्यक्ष रामराज गोंड़ के नेतृत्व में हुआ, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। SONBHADRA CONGRESS PROTESTS

    कांग्रेस का विरोध: संविधान और अधिकारों के खिलाफ़- SONBHADRA CONGRESS PROTESTS

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय संविधान की मूल भावना और बच्चों के शिक्षा के अधिकार के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के विलय से न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी, बल्कि इससे जुड़े मिड डे मील कर्मचारियों, शिक्षकों और अभिभावकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। SONBHADRA CONGRESS PROTESTS

    कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ ने कहा –

    "सरकार का यह फैसला शिक्षा के क्षेत्र में भारी अव्यवस्था और असमानता को जन्म देगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही सुविधाओं की कमी है, और अब स्कूलों को बंद कर बच्चों को दूर भेजा जा रहा है।"

    🔹 मिड-डे-मील व रोजगार पर संकट

    प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने कहा कि विद्यालयों के विलय से मिड-डे-मील योजना में कार्यरत हजारों रसोइयों और सहयोगियों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। कई स्कूलों में ताले लग चुके हैं और कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। वहीं ग्रामीण इलाके के छात्रों को स्कूल पहुंचने में दूरी, सुरक्षा और सुविधा से समझौता करना पड़ रहा है।

    वक्ताओं ने मांग की कि सरकार को यह फैसला तत्काल वापस लेना चाहिए और इसकी जगह नए स्कूल खोलकर शिक्षा को सुलभ बनाया जाना चाहिए।

    🔹 मांग पत्र में शामिल प्रमुख बिंदु:-

    1. प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों के विलय का निर्णय रद्द किया जाए।
    2. ग्रामीण क्षेत्रों में नये स्कूल खोले जाएं।
    3. मिड डे मील से जुड़े कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित की जाए।
    4. शिक्षा के अधिकार को प्रभावित करने वाले निर्णयों को लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से लिया जाए।

    🔹 शांतिपूर्ण प्रदर्शन, भारी सुरक्षा

    प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी की और सरकार के फैसले की आलोचना की।

    जिलाधिकारी कार्यालय में ओएसडी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें स्पष्ट रूप से सरकार के निर्णय को वापस लेने की अपील की गई।

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  • Pilibhit School Merger: पीलीभीत में विद्यालय समायोजन के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, बच्चों को स्कूल भेजने से किया इनकार

    Pilibhit School Merger: पीलीभीत में विद्यालय समायोजन के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, बच्चों को स्कूल भेजने से किया इनकार

    Pilibhit School Merger: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे विद्यालय समायोजन अभियान के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। जनपद के बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पस्तोर कुइया के मजरा फिरसाह में ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय के समायोजन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया Pilibhit School Merger

    समायोजन का विरोध क्यों?- Pilibhit School Merger

    ग्रामीणों का आरोप है कि फिरसाह गांव के विद्यालय में फिलहाल 40 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। लेकिन शिक्षा विभाग ने स्कूल को पास के पस्तोर गांव में समायोजित करने का फैसला लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां समायोजन किया जा रहा है, उस स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हालत में है और बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। Pilibhit School Merger

    बच्चों को स्कूल न भेजने की चेतावनी- Pilibhit School Merger

    गांव वालों ने साफ कहा है कि वे अपने बच्चों को अन्य गांव के स्कूल में नहीं भेजेंगे। उन्होंने अपने बच्चों को फिलहाल घर पर ही बैठाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि अच्छी इमारत और सुविधा होने के बावजूद उनके स्कूल को बंद कर देना बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है।

    सरकार पर लगाए गंभीर आरोप- Pilibhit School Merger

    प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सरकार पर शिक्षा विरोधी रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की मंशा गरीबों के बच्चों को पढ़ाई से दूर रखने की है। एक ग्रामीण का कहना था, “हमारे स्कूल की इमारत पक्की और सुरक्षित है, फिर भी बच्चों को जर्जर स्कूल में क्यों भेजा जा रहा है?”

    अधिकारी कैमरे पर खामोश- Pilibhit School Merger

    मामले में बिलसंडा के खंड शिक्षा अधिकारी शिव शंकर मौर्य ने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं शिक्षा विभाग का आदेश है कि 50 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों का निकटतम स्कूलों में समायोजन किया जाएगा। बिलसंडा ब्लॉक में कुल 220 विद्यालय हैं, जिनमें से कई की छात्र संख्या कम है।

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