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  • कानपुर देहात: जसापुर शिव मंदिर में शिव-पार्वती की मूर्तियां खंडित, ग्रामीणों में तनाव

    कानपुर देहात: जसापुर शिव मंदिर में शिव-पार्वती की मूर्तियां खंडित, ग्रामीणों में तनाव

    कानपुर देहात:कानपुर देहात में 2 साल से बंद मंदिर में शिव-पार्वती की खंडित मूर्तियां मिलीं। घटना की जानकारी होते ही भारी संख्या में ग्रामीण जुट गए और हंगामा करने लगे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी। काफी देर तक किसी के ना पहुंचने पर उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। मंगलपुर थाना क्षेत्र के जसापुर गांव में स्थित शिव मंदिर में शुक्रवार को शिव-पार्वती की मूर्तियां खंडित पाई गईं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। साथ ही मंदिर परिसर में नंदी की मूर्ति भी अपने स्थान से हटाई मिली। कानपुर देहात: जसापुर शिव मंदिर में शिव-पार्वती की मूर्तियां खंडित

    मंदिर का निर्माण गांव के ही रामशवरूप द्वारा कई साल पहले करवाया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, रामशवरूप बाद में धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, जिसके कारण मंदिर में पूजा-अर्चना कई वर्षों से बंद है। मंदिर की उम्र को लेकर ग्रामीणों के बीच मतभेद हैं — कुछ का कहना है कि यह लगभग पांच साल पुराना है, तो कुछ इसे दस साल पुराना मानते हैं।कानपुर देहात: जसापुर शिव मंदिर में शिव-पार्वती की मूर्तियां खंडित, ग्रामीणों में तनाव

    घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में जमा हो गए और हंगामा करने लगे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।मंदिर के पुजारी ने कहा कि यह घटना श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाती है और प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई है।कानपुर देहात: जसापुर शिव मंदिर में शिव-पार्वती की मूर्तियां खंडित, ग्रामीणों में तनाव

    दो साल से बंद था मंदिर ग्रामीणों के मुताबिक मंदिर गांव के ही रामस्वरूप ने कई सालों पहले बनवाया था। बाद में उन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया। इसके बाद 2 साल से मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं हो रही थी।

  • Sawan Somwar 2025: सावन के सोमवार को कीजिए इस कानपुर के रहस्यमय मंदिर के दर्शन मिलेगा मनचाहा वर

    Sawan Somwar 2025: सावन के सोमवार को कीजिए इस कानपुर के रहस्यमय मंदिर के दर्शन मिलेगा मनचाहा वर

    कानपुर- कानपुर नगर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित खेरेश्वर मंदिर, न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि एक रहस्यमयी आध्यात्मिक स्थल भी है। गंगा नदी के तट पर बसे इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि महाभारत कालीन योद्धा अश्वत्थामा आज भी यहाँ प्रतिदिन सबसे पहले भगवान शिव की पूजा करते हैं।

    विशेषताएं: कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    • खेरेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है।
    • सावन माह में यहां हजारों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
    • मंदिर की वास्तुकला में प्राचीन हिन्दू शैली की झलक मिलती है, जो इतिहास और आस्था का संगम दर्शाती है।
    • प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष रुद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन होता है।

    🕉️ अद्भुत घटना: बिना खुले कपाट चढ़ी होती है पूजा सामग्री कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    श्रद्धालुओं और पुजारियों के अनुसार, मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही शिवलिंग पर फूल, जल और अन्य पूजन सामग्री चढ़ी हुई मिलती है। यह रहस्य आज तक विज्ञान भी नहीं सुलझा सका है, लेकिन आस्था अडिग है — “अश्वत्थामा ही प्रतिदिन शिव की प्रथम पूजा करते हैं।”


    इतिहास और मान्यता का सागर है ये मंदिर

    जानकारों का मानना है कि यह मंदिर करीब 5000 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना महाभारत काल में हुई थी। यह मंदिर महर्षि वेदव्यास के कालखंड से जुड़ा हुआ बताया जाता है। तभी से यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए तप और आराधना का प्रमुख स्थान बना हुआ है।

    विशेषताएं: कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    • खेरेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव के प्राचीनतम मंदिरों में गिना जाता है।
    • सावन माह में यहां हजारों कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
    • मंदिर की वास्तुकला में प्राचीन हिन्दू शैली की झलक मिलती है, जो इतिहास और आस्था का संगम दर्शाती है।
    • प्रत्येक सोमवार को यहां विशेष रुद्राभिषेक और भंडारे का आयोजन होता है।

    🕯️ महाशिवरात्रि पर उमड़ता है श्रद्धा का सैलाब कानपुर के रहस्यमय मंदिर

    हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि दूर-दराज़ के राज्यों से भी भक्त जलाभिषेक करने और खेरेश्वर बाबा के दर्शन हेतु पहुँचते हैं।

    🌿 धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम

    इस मंदिर का शांत और आध्यात्मिक वातावरण, गंगा के समीपस्थ स्थान, और हजारों वर्षों पुरानी मान्यताएं इसे अद्वितीय बनाते हैं। सावन मास में यहाँ भक्तों की टोलियां गंगाजल लेकर आते हैं और बाबा खेरेश्वर का जलाभिषेक करते हैं।

    भगवान शिव की आराधना करें
    यदि कोई भी लड़का या लड़की मनचाहा जीवनसाथी पाना चाहता है तो इसके लिए आपको भोलेनाथ की आराधना करना चाहिए. शिवपुराण के अनुसार, भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा दिन सोमवार है और आपको इसी खास दिन भगवान शिव की पूजा करना है.