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Tag: Shraddha Narendra Pandey

  • कानपुर देहात: मां ने बेटे की हत्या कर बीमा रकम के लिए रिश्तों की मर्यादा तोड़ी

    कानपुर देहात: मां ने बेटे की हत्या कर बीमा रकम के लिए रिश्तों की मर्यादा तोड़ी

    रिपोर्ट कानपुर देहात | कानपुर देहात से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। यहां एक माँ ने लालच और अवैध प्रेम के चक्कर में अपने ही बेटे की हत्या करा दी। बीमा की रकम और प्रेमी के साथ रहने की चाहत ने उस मां को हैवान बना दिया, जिसने कभी बेटे को अपनी गोद में सुलाया था।

    मामला बरौर थाना क्षेत्र के अंगदपुर गांव का है। यहां रहने वाली ममता सिंह ने अपने 22 वर्षीय बेटे प्रदीप सिंह उर्फ सुक्खा की हत्या अपने प्रेमी मयंक कटियार और उसके भाई ऋषि कटियार के साथ मिलकर कराई। पिता की मौत के बाद ममता का रिश्ता प्रेमी मयंक से गहराता चला गया। बेटा लगातार इसका विरोध करता था — कहता था, “मां, ये रास्ता गलत है…” लेकिन लालच ने ममता को अंधा कर दिया।

    रिपोर्ट के अनुसार, ममता ने बेटे के नाम पर चार बीमा पॉलिसियां कराईं जिनकी रकम लाखों में थी। इसके बाद उसने बेटे को रास्ते से हटाने की साजिश रची। बहाने से बेटे को बुलाया गया, और फिर मयंक और ऋषि ने हथौड़ी से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। शव को हाईवे किनारे फेंक दिया गया ताकि यह सड़क हादसा लगे।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि यह एक योजनाबद्ध हत्या थी। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से साजिश का पर्दाफाश किया। मुख्य आरोपी मयंक ने कबूल किया —

    “ममता आंटी ने कहा था, उसे खत्म कर दो… बीमा की रकम मिल जाएगी, फिर हम साथ रहेंगे।”

    एसपी कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पांडेय ने बताया कि हत्या में शामिल ममता, मयंक और ऋषि को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथौड़ी, तमंचा और कार बरामद की है।

    गांव के लोग कहते हैं — “जिस मां की दुआओं से बेटा जिया करता था, उसी ने उसकी सांसें छीन लीं।” यह सिर्फ हत्या की कहानी नहीं, बल्कि ‘ममता की मौत’ की कहानी बन गई है।

  • कानपुर देहात: SP श्रद्धा नरेंद्र पांडेय जमीन पर बैठकर सुनती दिखीं दिव्यांग महिला की शिकायत

    कानपुर देहात: SP श्रद्धा नरेंद्र पांडेय जमीन पर बैठकर सुनती दिखीं दिव्यांग महिला की शिकायत

    कानपुर देहात- कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक (SP) श्रद्धा नरेंद्र पांडेय का हालिया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह जमीन पर बैठकर एक दिव्यांग महिला से उसकी शिकायत सुनती नजर आ रही हैं। इस व्यवहार ने आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा दिया।

    मामला उस समय का है जब SP कार्यालय में जनसुनवाई चल रही थी। इस दौरान एक दिव्यांग महिला अपनी समस्या लेकर आई। महिला को कार्यालय तक लाने की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन SP श्रद्धा नरेंद्र पांडेय खुद महिला के पास गईं और उनके सामने जमीन पर बैठकर पूरे धैर्य के साथ महिला की शिकायत सुनी।

    सिर्फ सुनने तक ही नहीं, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत उचित कार्रवाई के निर्देश भी दिए। यह संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण सोशल मीडिया पर लोगों की खूब सराहना पा रहा है। लोग बता रहे हैं कि इस तरह के व्यवहार से पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम होती है और समाज में विश्वास का माहौल बनता है।

    कौन हैं आईपीएस श्रद्धा?

    श्रद्धा पांडेय का जन्म 1 जून 1986 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम नरेंद्र राममूर्ति पांडेय है। श्रद्धा अपने नाम के साथ पिता का नाम भी लिखती हैं। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी से एमटेक तक की पढ़ाई की। इसके बाद बीमा और आईसीएलएस सेवा में कार्यरत रहीं। श्रद्धा का सपना सेना में जाने का था। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2011 में संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा में भाग लिया। वे अखिल भारतीय स्तर पर चौथी रैंक हासिल करने में सफल रहीं। हालांकि, दृष्टि दोष के कारण मेडिकल राउंड पास नहीं कर सकीं

    श्रद्धा नरेंद्र पांडेय की यह पहल यह साबित करती है कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य और करुणा का भी प्रतीक होती है।