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Tag: UP cattle shelter negligence

  • Sonbhadra Cow Shelter News: गोवंश आश्रय स्थल में मरणासन्न हालात, कई गोवंश मृत, पूर्व विधायक रमेश दुबे ने किया लाइव, प्रशासन पर उठाए सवाल

    Sonbhadra Cow Shelter News: गोवंश आश्रय स्थल में मरणासन्न हालात, कई गोवंश मृत, पूर्व विधायक रमेश दुबे ने किया लाइव, प्रशासन पर उठाए सवाल

    प्रमुख बिंदु (Highlights):

    • केवली मयदेवली गोवंश आश्रय स्थल में कई गोवंश मृत, कई मरणासन्न
    • भूसा, पानी, इलाज की भारी कमी
    • रमेश दुबे ने किया फेसबुक लाइव, शासन-प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
    • ग्रामीणों में आक्रोश, पंचायत पर लगाए गंभीर आरोप
    • ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने अधिक संख्या को बताया समस्या की जड़
    • समाजवादी पार्टी ने आंदोलन की चेतावनी दी

    सोनभद्र जनपद के घोरावल विकासखंड अंतर्गत स्थित वृहद गोवंश संरक्षण केंद्र, केवली मयदेवली से बेहद चिंताजनक दृश्य सामने आए हैं। आश्रय स्थल में कई गोवंश मृत पाए गए हैं, जबकि कई अन्य मरणासन्न स्थिति में हैं। चारों ओर दुर्गंध, कीचड़ और लापरवाही का आलम साफ़ दिखाई दे रहा है।

    पूर्व विधायक रमेश चंद्र दुबे का दौरा और लाइव खुलासा : Sonbhadra Cow Shelter News

    समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक रमेश चंद्र दुबे को जब लगातार गोवंशों की मौत की सूचना मिली तो वे स्वयं मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने फेसबुक लाइव के माध्यम से गोवंश की दुर्दशा को सार्वजनिक किया।
    उन्होंने कहा:(Sonbhadra Cow Shelter News)

    गोवंशों की सेवा सिर्फ नारों तक सीमित है। ज़मीनी हकीकत ये है कि आश्रय स्थल में भूसा तक नहीं है, इलाज नहीं है और लाशें पड़ी हैं। यह घोर लापरवाही और अमानवीयता है।

    उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए मांग की कि:

    • आश्रय स्थल की व्यवस्था तत्काल सुधारी जाए
    • पशुओं के इलाज और भोजन की समुचित व्यवस्था हो
    • लापरवाह जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए

    स्थानीय आक्रोश और ग्राम पंचायत पर सवाल

    पूर्व विधायक की लाइव वीडियो के बाद स्थानीय ग्रामीणों में ग्राम पंचायत और ब्लॉक अधिकारियों के प्रति भारी नाराज़गी है।
    ग्रामीणों का आरोप है कि:

    • ग्राम प्रधान व पंचायत अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं
    • पशुओं के लिए चारे-पानी की व्यवस्था नहीं हो रही
    • शासन की प्राथमिकता केवल कागजों तक सीमित है

    ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का पक्ष

    ग्राम प्रधान प्रतिनिधि छोटेलाल ने बचाव में कहा: “आश्रय स्थल की क्षमता 400 पशुओं की है, लेकिन वर्तमान में 600 पशु रखे गए हैं, जिससे समस्या हो रही है। बरसात में अस्थाई रूप से दिक्कत आई है, लेकिन चारे की कोई कमी नहीं है।