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  • रायबरेली पुलिस का मानवीय चेहरा, घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान

    रायबरेली पुलिस का मानवीय चेहरा, घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान

    रायबरेली।उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से पुलिस की संवेदनशीलता और मानवता की एक मिसाल सामने आई है। घरेलू हिंसा से परेशान एक विवाहिता ज़हर खाकर अपनी तीन नाबालिग बेटियों के साथ थाने पहुंच गई। समय रहते पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से महिला की जान बचा ली गई, जबकि उसकी बच्चियों की भी देखभाल की गई।यह मामला खीरों थाना क्षेत्र के बहादुरगढ़ गांव का है। यहां की रहने वाली 28 वर्षीय सोनी देवी घरेलू हिंसा से मानसिक रूप से इतनी टूट चुकी थी कि उसने आत्महत्या का प्रयास कर लिया।

    रायबरेली में पुलिस का मानवीय चेहरा: घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान
    रायबरेली में पुलिस का मानवीय चेहरा: घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जानरायबरेली में पुलिस का मानवीय चेहरा: घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान

    थाने के बाहर मंदिर पर बैठाईं तीन मासूम बेटियां

    जानकारी के मुताबिक, सोनी देवी ज़हर खाने के बाद सीधे खीरों थाने पहुंची। थाने के सामने स्थित मंदिर पर उसने अपनी तीनों नाबालिग बेटियों को बैठा दिया और वहां ड्यूटी पर तैनात सिपाही से कहा कि उसने ज़हर खा लिया है। यह सुनते ही सिपाही ने बिना देर किए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष सिंह को सूचना दी।

    “मेरी बच्चियों का ख्याल रखना…” कहकर रो पड़ी महिला

    सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर संतोष सिंह मौके पर पहुंचे। महिला की हालत बिगड़ रही थी। उसने इंस्पेक्टर से कहा“मैंने ज़हर खा लिया है, अब नहीं बचूंगी… मेरी तीन बच्चियों का ख्याल रखना।”महिला की हालत गंभीर देख इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बिना किसी औपचारिकता के तत्काल एंबुलेंस बुलवाई और उसे सीएचसी खीरों पहुंचाया।


    बच्चियों के लिए पुलिस ने की खाने-पीने की व्यवस्था

    महिला को अस्पताल भेजने के बाद पुलिस ने उसकी तीनों बेटियों को अकेला नहीं छोड़ा। पुलिसकर्मियों ने बच्चियों के लिए बिस्किट, दालमोट और खाने-पीने की व्यवस्था करवाई और उन्हें सुरक्षित स्थान पर बैठाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया।


    सास और ननद पर गंभीर आरोप

    पीड़िता सोनी देवी का आरोप है कि उसका पति गाजियाबाद में नौकरी करता है और घर पर मौजूद नहीं रहता। इस दौरान उसकी सास और ननद उसे लगातार प्रताड़ित करती थीं। महिला का कहना है कि उसके साथ बेलन से मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी प्रताड़ना दी जाती थी। इसी घरेलू हिंसा से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।


    जिला अस्पताल रेफर, हालत खतरे से बाहर

    सीएचसी खीरों में प्राथमिक उपचार के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रायबरेली रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल महिला की हालत खतरे से बाहर है और उसका इलाज जारी है।


    पुलिस का बयान

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला के बयान दर्ज किए जाएंगे।“पीड़िता से तहरीर मिलते ही घरेलू हिंसा के मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”