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  • उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर को मनाई जाएगी महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश

    उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर को मनाई जाएगी महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को महर्षि वाल्मीकि जयंती का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में राज्य अवकाश घोषित किया है।

    महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि और रामायण के रचयिता के रूप में जाना जाता है। उनकी जयंती पर प्रदेशभर में शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। लोग अपने-अपने क्षेत्रों में वाल्मीकि मंदिरों में पूजा-अर्चना कर उनकी शिक्षाओं को स्मरण करेंगे।

    सरकार की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश Negotiable Instruments Act 1881 के तहत नहीं आता। यानी इस दिन बैंक और वित्तीय संस्थान खुले रहेंगे, जबकि शैक्षणिक और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।

    प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन समाज को समानता, ज्ञान और मानवता का संदेश देता है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

  • मथुरा में ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी में डूबी कार, ट्रैफिक पुलिस ने बहादुरी दिखाकर बचाई जान वीडियो वायरल

    मथुरा में ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी में डूबी कार, ट्रैफिक पुलिस ने बहादुरी दिखाकर बचाई जान वीडियो वायरल

    मथुरा:उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सोमवार को भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। हालात इतने बिगड़ गए कि शहर के ओवरब्रिज के नीचे एक कार पूरी तरह पानी में डूब गई। कार के अंदर सवार लोगों की जान खतरे में पड़ गई, लेकिन मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने फुर्ती और बहादुरी दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह पुलिसकर्मी पानी में उतरकर कार का दरवाजा खोलते हैं और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालते हैं। बताया जा रहा है कि कार में एक परिवार सवार था जो बरसात के कारण जलभराव में फंस गया था।

    स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और साहसिक कदम की सराहना की है। वहीं, नगर निगम और प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि बारिश के बाद शहर में जलभराव की समस्या हर साल क्यों दोहराई जाती है।मथुरा पुलिस ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट से भी इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा “ट्रैफिक पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। जनता की सेवा ही हमारा कर्तव्य है।”

  • Noida Traffic Alert: नोएडा दौरे पर सीएम योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का करेंगे निरीक्षण

    Noida Traffic Alert: नोएडा दौरे पर सीएम योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का करेंगे निरीक्षण

    नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नोएडा दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता फेज-2 स्थित राफे मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट परिसर पहुंचेंगे।यह यूनिट देशभर में तेजी से उभरते हुए एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में अपनी पहचान बना चुकी है। सुरक्षा और औद्योगिक दृष्टिकोण से यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।

    सीएम योगी का 3 से 4 घंटे का दौरा

    जानकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कार्यक्रम दोपहर करीब 3 बजे से निर्धारित है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। दोनों नेता यहां लगभग 3 से 4 घंटे तक समय बिताएंगे और कंपनी की कार्यप्रणाली, तकनीक तथा उत्पादन क्षमता का विस्तार से अवलोकन करेंगे। राफे एमफाइबर कंपनी भारतीय सशस्त्र बलों और पुलिस बलों के लिए ड्रोन, मानव रहित यान के इंजन और अन्य रक्षा उपकरणों का निर्माण करती है।

    ट्रैफिक रूट डायवर्जन लागू

    सीएम योगी और रक्षा मंत्री के नोएडा दौरे को लेकर पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है।चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी और फिल्म सिटी क्षेत्र में यातायात डायवर्ट रहेगा।वीआईपी काफिला गुजरने तक आम वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी।आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।ट्रैफिक संबंधी मदद के लिए यातायात हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क किया जा सकता है।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    • लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
    • सेक्टर-80 में एक अस्थाई हेलीपैड तैयार किया गया है, जहां से वीवीआईपी का आगमन और प्रस्थान होगा।
    • डीएनडी से फेज-2 और फेज-2 से सेक्टर-62 मॉडल टाउन गोल चक्कर तक अलग-अलग स्थानों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
    • पुलिस प्रशासन ने कहा है कि इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा।
  • फतेहपुर जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं पर भड़के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, कर्मचारी गिरफ्तार

    फतेहपुर जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं पर भड़के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, कर्मचारी गिरफ्तार

    Fatehpur News जिले के हरदौली गांव में कच्चा मकान गिरने से घायल लोगों का हालचाल जानने के लिए कैबिनेट मंत्री राकेश सचान शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की अव्यवस्थाएँ सामने आईं और मंत्री भड़क उठे।

    जांच के दौरान खुद को सीएमएस का पीए बताने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रमोद चौधरी ने मंत्री को गुमराह करने की कोशिश की। मंत्री ने दावा किया कि मरीज का एक्स-रे हो चुका है, जबकि मौके पर मौजूद परिजनों ने बताया कि अब तक एक्स-रे नहीं हुआ है।

    इस पर मंत्री ने सख्त नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद कोतवाल तारकेश्वर राय को निर्देश दिया कि उक्त कर्मचारी को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस ने कर्मचारी प्रमोद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है।

    कैबिनेट मंत्री ने इस पूरे मामले पर सीएमओ डॉ. राजीव नयन गिरी को फटकार लगाई और सख्त जांच के आदेश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    इस दौरान अस्पताल में भर्ती एक घायल रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं, मामले पर सीएमएस ने टिप्पणी करने से परहेज किया।

  • “नो हेलमेट नो फ्यूल” 1 से 30 सितंबर तक यूपी में लागू नया नियम

    “नो हेलमेट नो फ्यूल” 1 से 30 सितंबर तक यूपी में लागू नया नियम

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 1 सितंबर से 30 सितंबर तक “नो हेलमेट, नो फ्यूल” अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बिना हेलमेट लगाए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा।सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को दंडित करना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। जिलाधिकारी के नेतृत्व में अभियान का संचालन होगा और जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरसीएस) इसका समन्वय करेगी। पुलिस, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन प्रवर्तन की मुख्य जिम्मेदारी निभाएंगे।

    पहले हेलमेट फिर मिलेगा ईंधन “नो हेलमेट, नो फ्यूल”

    परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने कहा-नो हेलमेट, नो फ्यूल दंड का अभियान नहीं है, बल्कि सुरक्षा का संकल्प है। हेलमेट पहनना जीवन का सबसे आसान और सस्ता बीमा है। सरकार चाहती है कि ‘हेलमेट पहले, ईंधन बाद में’ को एक स्थायी नियम बनाया जाए।”

    तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों की भूमिका “नो हेलमेट, नो फ्यूल”

    इस अभियान को सफल बनाने के लिए आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी तेल विपणन कंपनियों से सहयोग मांगा गया है। पेट्रोल पंप संचालकों से अपील की गई है कि वे बिना हेलमेट वालों को ईंधन न दें और अभियान को पूरी तरह लागू करें। खाद्य एवं रसद विभाग पेट्रोल पंप स्तर पर समन्वय और निगरानी करेगा।

    ईंधन बिक्री पर असर नहीं “नो हेलमेट, नो फ्यूल”

    परिवहन विभाग का कहना है कि ऐसे अभियानों का पहले भी सकारात्मक असर देखा गया है। शुरुआत में थोड़ी असुविधा होती है, लेकिन जल्द ही लोग हेलमेट पहनकर पेट्रोल पंप आने लगते हैं। इससे ईंधन बिक्री पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता, बल्कि यह पहल नागरिकों की सुरक्षा और सड़क हादसों में कमी लाने का प्रभावी कदम है।

  • बाराबंकी में अनोखा मामला: विवाहिता ने शादी के 3 महीने में छोड़ा पति, समलैंगिक संबंध का खुलासा

    बाराबंकी में अनोखा मामला: विवाहिता ने शादी के 3 महीने में छोड़ा पति, समलैंगिक संबंध का खुलासा

    बाराबंकी – उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता ने शादी के मात्र तीन महीने बाद ही अपने पति को छोड़ने का फैसला किया। महिला ने बताया कि वह अपने परिवार और अपनी इच्छानुसार जीवन जीना चाहती है। बाराबंकी में अनोखा मामला

    पति को छोड़ महिला मित्र के साथ रहने की जताई इच्छा

    घटना के समय पति मजदूरी पर था और परिवार के अन्य सदस्य खेत में मौजूद थे। महिला की महिला मित्र घर आई और दोनों ने घर को अंदर से बंद कर लिया। जब परिवार लौटकर आया तो दरवाजा बंद मिला। काफी देर बाद दरवाजा खुला और विवाहिता अपने मित्र के साथ दिखाई दी। बाराबंकी में अनोखा मामला

    स्थानीय पुलिस ने घटना की सूचना मिलने पर पीआरवी भेजकर थानेदार राकेश यादव के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। विवाहिता और उसकी महिला मित्र को थाने ले जाकर परिवारवालों से मिलवाया गया। दोनों पक्षों ने कोई कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं की, और उपनिरीक्षक राकेश यादव ने इसे समलैंगिकता और पारिवारिक मामला बताया।

  • सत्ता का संघर्ष और गांव की साजिश, बरेली के फरीदपुर में प्रधान पति पर हमला

    सत्ता का संघर्ष और गांव की साजिश, बरेली के फरीदपुर में प्रधान पति पर हमला

    संवाददाता – प्रमोद शर्मा, बरेली बरेली के थाना फरीदपुर क्षेत्र के ग्राम जेड से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने ग्रामीण राजनीति की असलियत को उजागर कर दिया है। ग्राम प्रधान का परिवार जहां विकास और कल्याण का प्रतीक होना चाहिए, वहीं अब राजनीतिक दुश्मनी और साजिश का शिकार बन रहा है।

    प्रधान पति पर हमला,सत्ता का संघर्ष और गांव की साजिश

    पीड़ित कल्लू शाह, जो ग्राम प्रधान की पत्नी के स्वामी हैं, 19 अगस्त की रात करीब साढ़े नौ बजे अपने मछली के तालाब की देखरेख करने निकले थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि उन लोगों ने न केवल गालियां दीं, बल्कि “प्रधान पद से बेदखली” की धमकी और शारीरिक हमला करने की भी कोशिश की। हालांकि गांववालों के हस्तक्षेप से उनकी जान बच गई।

    अवैध कब्जे और चोरी का खेल,सत्ता का संघर्ष और गांव की साजिश

    यह विवाद किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जों और चोरी का खेल छिपा है।

    • मस्जिद व मजार के दान पात्र को बार-बार तोड़ा गया।
    • चढ़ावे की रकम गायब की जाती रही।
    • यहां तक कि जनरेटर का अल्टीनेटर तक चोरी कर बेचा गया।
    • धार्मिक स्थलों की आड़ में निजी होटल और नाश्ते के खोखे खुले।

    जब भी इन गतिविधियों का विरोध हुआ, तो प्रतिरोध करने वालों को धमकी और मारपीट के जरिए चुप कराने की कोशिश की गई। यह मामला केवल प्रधान पति पर हुए हमले का नहीं है, बल्कि इसने गांव के लोकतांत्रिक ढांचे पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यदि प्रतिनिधि परिवार ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की सुरक्षा की गारंटी कैसे दी जा सकती है?

    पुलिस में तहरीर ,सत्ता का संघर्ष और गांव की साजिश

    पीड़ित कल्लू शाह ने फरीदपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।