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  • कानपुर देहात में शराबी भतीजे ने चाची की पीट-पीटकर हत्या, दीपावली मनाने गांव आई थी महिला

    कानपुर देहात में शराबी भतीजे ने चाची की पीट-पीटकर हत्या, दीपावली मनाने गांव आई थी महिला

    कानपुर देहात। जिले के मंगलपुर थाना क्षेत्र के जसापुर गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सगे भतीजे ने शराब के नशे में अपनी चाची की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।

    जानकारी के मुताबिक, जसापुर गांव निवासी राजू अपनी पत्नी मोहिनी के साथ जयपुर में रहते थे। दीपावली का त्योहार मनाने के लिए दोनों गांव आए थे। गुरुवार की रात राजू का भतीजा कृष्ण शराब के नशे में घर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। जब मोहिनी ने विरोध किया, तो आरोपी ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल मोहिनी की मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही मंगलपुर थाना प्रभारी महेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    शुक्रवार सुबह सीओ डेरापुर राजीव सिरोही भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। पुलिस ने बताया कि आरोपी की तलाश में कई टीमों का गठन किया गया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

    यह वारदात दीपावली के त्योहार की खुशियों के बीच गांव में मातम का माहौल पैदा कर गई है। ग्रामीणों में घटना को लेकर आक्रोश और भय दोनों देखा जा रहा है।

  • झांसी जेल शिफ्ट हुए अतीक अहमद के बेटे अली अहमद, CM योगी से लगाई सुरक्षा की गुहार

    झांसी जेल शिफ्ट हुए अतीक अहमद के बेटे अली अहमद, CM योगी से लगाई सुरक्षा की गुहार

    संवाददाता – लोकेश मिश्रा झांसी:उत्तर प्रदेश के अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को हाल ही में झांसी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। अली अहमद ने जेल शिफ्ट होने के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगाई।

    अली अहमद ने मीडिया से कहा कि उन्हें अन्यथा जेल में सताया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह एक लॉ स्टूडेंट हैं, लेकिन उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। अली ने बताया कि गृह जिले से इतनी दूर जेल भेजना उनके लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग की।

    उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने और सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार दिया जाए। अली अहमद का कहना था कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या परेशानियों से बचे रहें।इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने जेल प्रशासन और सुरक्षा बलों से न्यायपूर्ण और सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की।

    जानकारी के अनुसार, अली अहमद के मामले की संपूर्ण कानूनी प्रक्रिया अभी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी जेल शिफ्टिंग और सुरक्षा उपाय कानून के तहत सुनिश्चित किए गए हैं, लेकिन अली की व्यक्तिगत सुरक्षा की मांग अब प्रमुखता से देखी जा रही है।

    झांसी जेल प्रशासन ने फिलहाल इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, यूपी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर रखा है।

  • बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, एक ही परिवार पर लाठी-डंडों से हमला, 4 घायल

    बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, एक ही परिवार पर लाठी-डंडों से हमला, 4 घायल

    संवाददाता – प्रमोद शर्मा
    लोकेशन – बरेली फरीदपुर (बरेली)। जमीन की लड़ाई ने एक बार फिर खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। थाना फरीदपुर क्षेत्र के मोहल्ला परा में दबंग पड़ोसियों ने एक ही परिवार पर लाठी-डंडों और वाकाओं से हमला बोल दिया। घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    पीड़ित मनोज उर्फ़ पप्पू पुत्र बाबूराम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनके चाचा की भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्ज़े की साजिश रची जा रही थी। इसी रंजिश के चलते 24 जुलाई की शाम करीब 7 बजे पड़ोसी सर्वेश पुत्र रामदास अपने साथियों के साथ अचानक हमला कर दिया।हमले में पप्पू, उनकी पत्नी राधा, बेटे अंकित और आयुष गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने न केवल जानलेवा हमला किया बल्कि पूरे परिवार को खुलेआम मौत की धमकी दी। बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष

    सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सर्वेश सहित सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक को सौंपी है। बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष

    हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय हमलावरों को बचा रही है। बुधवार शाम पीड़ित की पत्नी राधा कोतवाली पहुंचीं और कोतवाल राधेश्याम से मिलकर पुलिस पर ही गंभीर आरोप जड़ दिए। उनका कहना है कि—
    “हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं, पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय बचा रही है। अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हम थाने के सामने धरना देने को मजबूर होंगे।” बरेली: जमीन विवाद में खूनी संघर्ष