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  • Akshar Patel Injury: पहले टी20 में अक्षर पटेल को लगी चोट, कप्तान की बढ़ी चिंता

    Akshar Patel Injury: पहले टी20 में अक्षर पटेल को लगी चोट, कप्तान की बढ़ी चिंता

    Akshar Patel Injury : पहले टी20 में अक्षर पटेल को लगी चोट, कप्तान की बढ़ी चिंता नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर अक्षर पटेल को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जा रहे पहले टी20 मुकाबले के दौरान चोट लग गई। यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 16वें ओवर में हुई, जब अक्षर पटेल फील्डिंग के दौरान गेंद को रोकने की कोशिश कर रहे थे।चोट लगते ही अक्षर पटेल कुछ देर तक मैदान पर असहज नजर आए, जिससे भारतीय टीम मैनेजमेंट और कप्तान की चिंता बढ़ गई। हालांकि बाद में मेडिकल स्टाफ ने उनका प्राथमिक उपचार किया।

    कैसे लगी अक्षर पटेल को चोट?

    न्यूजीलैंड की पारी के दौरान एक तेज शॉट को रोकने के प्रयास में अक्षर पटेल ने डाइव लगाई। इसी दौरान गेंद उनके हाथ/शरीर से टकराई, जिसके बाद वह दर्द में नजर आए।मैदान पर फिजियो को बुलाया गया और कुछ देर तक इलाज चला।हालांकि अभी तक बीसीसीआई या टीम प्रबंधन की ओर से उनकी चोट को लेकर आधिकारिक मेडिकल अपडेट जारी नहीं किया गया है।

    टीम इंडिया के लिए क्यों अहम हैं अक्षर पटेल?

    अक्षर पटेल मौजूदा समय में भारतीय टी20 टीम के प्रमुख ऑलराउंडर माने जाते हैं।मिडिल ओवर्स में किफायती गेंदबाजी निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी शानदार फील्डिंग इन तीनों कारणों से अक्षर टीम का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में सीरीज के शुरुआती मैच में लगी चोट ने कप्तान और टीम मैनेजमेंट की टेंशन बढ़ा दी है

  • अमर शहीद हेमू कल्याणी को दी गई श्रद्धांजलि,शहीदों के बलिदान की याद और प्रेरणा

    अमर शहीद हेमू कल्याणी को दी गई श्रद्धांजलि,शहीदों के बलिदान की याद और प्रेरणा

    कानपुर।उत्तर प्रदेश के कानपुर में आज 21 जनवरी 2026 को अमर शहीद हेमू कल्याणी की पुण्यतिथि बड़ी श्रद्धा और भावनाओं के साथ मनाई गई। यह दिन उनके शहादत दिवस के रूप में याद किया गया। आयोजन श्री झूलेलाल शिव मंदिर (ब्लाक 13, गोबिंदनगर) में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के कई गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया और शहीद को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

    हेमू कल्याणी: देशभक्ति की जीवंत मिसाल

    अमर शहीद हेमू कल्याणी का जन्म 23 मार्च, 1923 को सुकुर सिंध प्रांत, अखंड भारत में हुआ था। बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के दौरान उन्होंने अपनी बहादुरी का परिचय दिया।जब अंग्रेजों की हथियारों से भरी ट्रेन उनके क्षेत्र से गुजर रही थी, तब हेमू कल्याणी ने रेल की पटरियां उखाड़कर विरोध किया। इसी साहसिक कदम के कारण ब्रिटिश शासन ने उन्हें गिरफ्तार कर 21 जनवरी 1943 को फांसी पर लटका दिया। शहीद हेमू कल्याणी ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया।

    श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समाज ने जताया सम्मान

    आज के कार्यक्रम में शहीद हेमू कल्याणी की प्रतिमा पर मनोज तलरेजा, बंटी सिधवानी, मनोज लालवानी, बलराम कटारिया सहित समाज के कई गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण किया। इस अवसर पर पूरा झूलेलाल मंदिर प्रांगण “अमर शहीद हेमू कल्याणी अमर रहे, अमर रहे, अमर रहे” के उद्घोष से गूंज उठा।मुख्य अतिथियों में श्यामलाल मूलचंदानी (अध्यक्ष), सुरेश कटारिया, महेश मनचंदा, डॉ. सुरेश मदान, डॉ. सुरेश आहूजा, बंटी सिधवानी, संजू डाबरानी, नरेश फूलवानी, चंद्रभान मोहनानी, मुरारी लाल चुग और कई अन्य शामिल रहे। उन्होंने शहीद की शहादत को याद किया और उनके बलिदान को देशवासियों के लिए प्रेरणा बताया।

    शहीदों के बलिदान की याद

    इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों ने कहा कि शहीदों की चिताओं पर हर वर्ष मेले लगेंगे और देश पर मर मिटने वालों का यही निशान रहेगा। हेमू कल्याणी जैसे सपूतों की शहादत देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी कहानी हमें हमेशा याद रहेगी।इस कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों को शहीदों के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें देशभक्ति का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर शहीद हेमू कल्याणी को नमन किया और उनके बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया।

  • महोबा : सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसानों की तबाही, नहर का पानी छोड़ने से 12 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न

    महोबा : सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसानों की तबाही, नहर का पानी छोड़ने से 12 बीघा गेहूं की फसल जलमग्न

    REPORT- चन्द्रशेखर नामदेव महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कबरई विकासखंड से सिंचाई विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बरीपुरा मौजा में नहर का पानी अनियंत्रित रूप से छोड़े जाने के कारण एक दर्जन से अधिक किसानों की कई बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। किसानों का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने अपने निजी स्वार्थ के चलते नहर को जरूरत से ज्यादा खुलवा दिया, जिससे खेत तालाब में तब्दील हो गए।

    अनियंत्रित नहर बनी किसानों के लिए आफत

    जानकारी के अनुसार, बरीपुरा नहर से अचानक अत्यधिक मात्रा में पानी छोड़ा गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि नहर का पानी आसपास के खेतों में घुस गया। देखते ही देखते किसानों की लगभग 12 बीघा गेहूं की खड़ी फसल पानी में डूब गई। कई खेतों में पानी का स्तर चार फीट तक पहुंच गया, जिससे फसल के पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका जताई जा रही है।

    पूर्व प्रधान पर गंभीर आरोप

    डढ़हत माफ गांव के किसानों ने आरोप लगाया है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने अपने फायदे के लिए नहर के फाटक क्षमता से अधिक खुलवा दिए। किसानों का कहना है कि पानी छोड़ने से पहले न तो कोई सूचना दी गई और न ही हालात का आकलन किया गया। इसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ा, जिनकी महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गई।

    शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

    पीड़ित किसानों ने बताया कि जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआ, उन्होंने तुरंत सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। कई बार फोन करने और मौके पर पहुंचने की मांग के बावजूद कोई अधिकारी समय पर नहीं पहुंचा। विभागीय उदासीनता और लापरवाही के चलते हालात और बिगड़ते चले गए।

    किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी

    आशाराम, मनसुख, सुमेरा, लखनलाल, केसरदास और राधारानी सहित कई किसान आज अपने खेतों के किनारे खड़े होकर बर्बाद फसल को देखने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि यही गेहूं की फसल उनके परिवार की आजीविका और कर्ज चुकाने का सहारा थी। फसल डूबने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    मुआवजे और कार्रवाई की मांग

    पीड़ित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही किसानों ने नहर संचालन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते पानी रोका जाता, तो इस भारी नुकसान से बचा जा सकता था।

    प्रशासन की भूमिका पर सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और किसानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़ित किसानों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाता है।

  • Mahoba Teacher Suspended News : कक्षा में ग्रामीण से पैर दबवाने और छात्राओं से मिड-डे मील का काम करवाने वाला शिक्षक निलंबित

    Mahoba Teacher Suspended News : कक्षा में ग्रामीण से पैर दबवाने और छात्राओं से मिड-डे मील का काम करवाने वाला शिक्षक निलंबित

    Mahoba Teacher Suspended News उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। चरखारी विकासखंड के कम्पोजिट उच्च विद्यालय छानी खुर्द में तैनात एक शिक्षक द्वारा कक्षा के भीतर ग्रामीण से पैर दबवाने और छात्राओं से मध्यान्ह भोजन (Mid Day Meal) से जुड़े कार्य करवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) राहुल मिश्रा ने आरोपी शिक्षक जगदीश प्रसाद को निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।


    वायरल वीडियो से मचा था हड़कंप

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ तौर पर देखा गया कि शिक्षक कक्षा के भीतर कुर्सी पर बैठा है और एक ग्रामीण उससे पैर दबवा रहा है। वहीं, दूसरे वीडियो में छात्राएं मध्यान्ह भोजन के लिए सब्जी काटती दिखाई दे रही हैं, जबकि एक व्यक्ति बनियान और अगोंछा पहने विद्यालय परिसर में घूमता नजर आ रहा है।यह दृश्य न केवल विद्यालय अनुशासन के विरुद्ध था, बल्कि छात्रों की गरिमा और अधिकारों पर भी सवाल खड़े करता है।

    नोटिस के बावजूद नहीं मिला संतोषजनक जवाब

    मामला सामने आने के बाद बीएसए राहुल मिश्रा ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन शिक्षक द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित कर दिया।


    बीएसए ने क्या कहा?

    बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने बताया कि“विद्यालय में कक्षा के दौरान किसी ग्रामीण से पैर दबवाना मानवीय गरिमा के खिलाफ है। छात्राओं से मध्यान्ह भोजन से जुड़े कार्य करवाना भी विद्यालय नियमों का उल्लंघन है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”


    विभागीय जांच के आदेश, शिक्षकों में हड़कंप

    शिक्षक के निलंबन के साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोष सिद्ध होने पर और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।बीएसए की इस सख्ती के बाद महोबा जिले के अन्य विद्यालयों में तैनात लापरवाह शिक्षकों में भी हड़कंप मच गया है।


    शिक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

    यह मामला एक बार फिर सरकारी स्कूलों में अनुशासन, निगरानी और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करता है। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का वीडियो वायरल, जनसभा में महिला को मंच पर बुलाते दिखे मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का वीडियो वायरल, जनसभा में महिला को मंच पर बुलाते दिखे मुख्यमंत्री

    पटना।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री एक जनसभा को संबोधित करते नजर आ रहे हैं, जहां वे अचानक भीड़ में मौजूद एक महिला को मंच के पास बुलाते हुए कहते हैं“अरे, वो महिला कहां गई? आईए न, इधर आओ!”मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों को खासा पसंद आ रहा है और वीडियो को सोशल मीडिया यूजर्स जमकर शेयर कर रहे हैं।

    जनसभा के दौरान सामने आया मानवीय अंदाज

    यह वीडियो उस वक्त का है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिले में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। भाषण के दौरान उनकी नजर भीड़ में खड़ी एक महिला पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा कर्मियों और मंच पर मौजूद अधिकारियों से उस महिला को पास लाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री की यह पहल जनता से सीधे संवाद और उनकी समस्याओं को सुनने की मंशा को दर्शाती है।

    सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।कुछ यूजर्स ने मुख्यमंत्री के इस व्यवहार को जनता से जुड़ाव और संवेदनशीलता बताया।वहीं कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक यात्रा के दौरान जनसंपर्क का हिस्सा करार दिया। हालांकि, ज्यादातर लोग नीतीश कुमार के इस सहज और सरल व्यवहार की तारीफ करते नजर आ रहे हैं।


    समृद्धि यात्रा का उद्देश्य

    बता दें कि समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानना, विकास कार्यों की समीक्षा करना और आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देते हुए भी दिखाई देते हैं।


    पहले भी चर्चा में रहे हैं नीतीश कुमार के बयान

    यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी बयान या वीडियो को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी उनके सहज बोलचाल और मंच से दिए गए तात्कालिक निर्देश कई बार सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।

  • रायबरेली पुलिस का मानवीय चेहरा, घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान

    रायबरेली पुलिस का मानवीय चेहरा, घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान

    रायबरेली।उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से पुलिस की संवेदनशीलता और मानवता की एक मिसाल सामने आई है। घरेलू हिंसा से परेशान एक विवाहिता ज़हर खाकर अपनी तीन नाबालिग बेटियों के साथ थाने पहुंच गई। समय रहते पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से महिला की जान बचा ली गई, जबकि उसकी बच्चियों की भी देखभाल की गई।यह मामला खीरों थाना क्षेत्र के बहादुरगढ़ गांव का है। यहां की रहने वाली 28 वर्षीय सोनी देवी घरेलू हिंसा से मानसिक रूप से इतनी टूट चुकी थी कि उसने आत्महत्या का प्रयास कर लिया।

    रायबरेली में पुलिस का मानवीय चेहरा: घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान
    रायबरेली में पुलिस का मानवीय चेहरा: घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जानरायबरेली में पुलिस का मानवीय चेहरा: घरेलू हिंसा से त्रस्त विवाहिता ज़हर खाकर थाने पहुंची, इंस्पेक्टर की तत्परता से बची जान

    थाने के बाहर मंदिर पर बैठाईं तीन मासूम बेटियां

    जानकारी के मुताबिक, सोनी देवी ज़हर खाने के बाद सीधे खीरों थाने पहुंची। थाने के सामने स्थित मंदिर पर उसने अपनी तीनों नाबालिग बेटियों को बैठा दिया और वहां ड्यूटी पर तैनात सिपाही से कहा कि उसने ज़हर खा लिया है। यह सुनते ही सिपाही ने बिना देर किए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष सिंह को सूचना दी।

    “मेरी बच्चियों का ख्याल रखना…” कहकर रो पड़ी महिला

    सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर संतोष सिंह मौके पर पहुंचे। महिला की हालत बिगड़ रही थी। उसने इंस्पेक्टर से कहा“मैंने ज़हर खा लिया है, अब नहीं बचूंगी… मेरी तीन बच्चियों का ख्याल रखना।”महिला की हालत गंभीर देख इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने बिना किसी औपचारिकता के तत्काल एंबुलेंस बुलवाई और उसे सीएचसी खीरों पहुंचाया।


    बच्चियों के लिए पुलिस ने की खाने-पीने की व्यवस्था

    महिला को अस्पताल भेजने के बाद पुलिस ने उसकी तीनों बेटियों को अकेला नहीं छोड़ा। पुलिसकर्मियों ने बच्चियों के लिए बिस्किट, दालमोट और खाने-पीने की व्यवस्था करवाई और उन्हें सुरक्षित स्थान पर बैठाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया।


    सास और ननद पर गंभीर आरोप

    पीड़िता सोनी देवी का आरोप है कि उसका पति गाजियाबाद में नौकरी करता है और घर पर मौजूद नहीं रहता। इस दौरान उसकी सास और ननद उसे लगातार प्रताड़ित करती थीं। महिला का कहना है कि उसके साथ बेलन से मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से भी प्रताड़ना दी जाती थी। इसी घरेलू हिंसा से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।


    जिला अस्पताल रेफर, हालत खतरे से बाहर

    सीएचसी खीरों में प्राथमिक उपचार के बाद महिला की स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रायबरेली रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल महिला की हालत खतरे से बाहर है और उसका इलाज जारी है।


    पुलिस का बयान

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला के बयान दर्ज किए जाएंगे।“पीड़िता से तहरीर मिलते ही घरेलू हिंसा के मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

  • सोनभद्र में रिश्ते की तलाश बना विवाद की वजह, बेटी के लिए रिश्ता देखने निकला पिता तीसरी शादी कर लौटा

    सोनभद्र में रिश्ते की तलाश बना विवाद की वजह, बेटी के लिए रिश्ता देखने निकला पिता तीसरी शादी कर लौटा

    उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। यहां एक व्यक्ति अपनी बेटी के लिए रिश्ता देखने के बहाने घर से निकला था, लेकिन कुछ दिनों बाद वह तीसरी शादी करके घर लौट आया। जब घर में मौजूद बच्चों और दूसरी पत्नी ने एक नई महिला को देखा, तो परिवार में भारी हंगामा खड़ा हो गया।जानकारी के अनुसार, व्यक्ति ने परिजनों को बताया था कि वह बेटी के लिए उपयुक्त वर की तलाश में जा रहा है। इसी दौरान उसने दूसरी जगह जाकर एक महिला से शादी कर ली और उसे पत्नी बताकर घर ले आया। जैसे ही दूसरी पत्नी और बच्चों को इस बात की जानकारी हुई, घर में विवाद शुरू हो गया।

    परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंचा मामला

    विवाद बढ़ने के बाद मामला परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच गया। वहां हुई सुनवाई के दौरान पूरी कहानी सामने आई, जिसे सुनकर काउंसलिंग में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। दूसरी पत्नी ने आरोप लगाया कि पति ने बिना किसी जानकारी या सहमति के तीसरी शादी कर ली, जो उसके अधिकारों का उल्लंघन है।

    दूसरी पत्नी का कहना है कि पति की इस हरकत से न सिर्फ उसे मानसिक पीड़ा हुई है, बल्कि बच्चों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। परिवार में तनाव का माहौल है और आपसी विश्वास पूरी तरह टूट चुका है।

    महिला थाने में दर्ज कराई शिकायत

    मामले की गंभीरता को देखते हुए दूसरी पत्नी ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों की बात सुनी जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    समाज में उठे सवाल

    यह मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में भी कई सवाल खड़े कर रहा है। लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि पारिवारिक जिम्मेदारियों से जुड़ा ऐसा फैसला बिना संवाद और सहमति के कैसे लिया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारिवारिक संवाद और कानून की जानकारी बेहद जरूरी है।

    फिलहाल मामला जांच के अधीन है और परिवार परामर्श केंद्र के साथ-साथ पुलिस स्तर पर भी समाधान की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस प्रकरण में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

  • Mahakal Mandir Ujjain:महाकाल को अर्पित हुआ 2.35 किलो चांदी का मुकुट, भस्म आरती में दिखा आस्था का अद्भुत दृश्य

    Mahakal Mandir Ujjain:महाकाल को अर्पित हुआ 2.35 किलो चांदी का मुकुट, भस्म आरती में दिखा आस्था का अद्भुत दृश्य

    Mahakal Mandir Ujjain: उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान सोमवार को आस्था और श्रद्धा का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। गुजरात के जामनगर निवासी भक्त प्रदीप गुप्ता ने भगवान महाकाल को 2 किलो 350 ग्राम वजनी चांदी का मुकुट अर्पित किया। इस विशेष मुकुट को भस्म आरती के समय विधि-विधान के साथ बाबा महाकाल को धारण कराया गया, जिससे गर्भगृह की दिव्यता और भव्यता और अधिक बढ़ गई।

    यह चांदी का मुकुट विशेष रूप से भगवान शिव के चंद्रशेखर स्वरूप को दर्शाता है। मुकुट पर उकेरा गया चंद्रमा शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा का प्रतीक है, जो शांति, शक्ति और सौम्यता का संदेश देता है। जैसे ही बाबा महाकाल को यह मुकुट पहनाया गया, गर्भगृह “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।

    भक्त प्रदीप गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी पिछली महाकाल यात्रा के दौरान बाबा से एक विशेष मनोकामना मांगी थी। महाकाल की कृपा से मात्र तीन महीनों के भीतर उनका विंड पावर प्रोजेक्ट तय समय से पहले पूरा हो गया। इस चमत्कारी अनुभव के बाद उन्होंने अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए बाबा को यह मुकुट अर्पित करने का संकल्प लिया।

    प्रदीप गुप्ता ने कहा, “महाकाल की कृपा असीम है। जो भी सच्चे मन से बाबा से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। यह मुकुट मेरी श्रद्धा और धन्यवाद का प्रतीक है।”

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भस्म आरती में सम्मिलित होने वाले भक्तों को भगवान महाकाल का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी इच्छाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोर की इस दिव्य आरती में शामिल होने उज्जैन पहुंचते हैं।मंदिर प्रशासन और पुजारियों ने भी इस दान को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ऐसे भेंट अर्पण भक्त और भगवान के बीच अटूट आस्था के संबंध को दर्शाते हैं। यह मुकुट अब महाकाल मंदिर की अमूल्य धरोहरों में शामिल हो गया है।

  • IndiaMissilePower: क्या है दिव्यास्त्र और अग्नि-5 मिसाइल का कनेक्शन? जिससे दुश्मनों की नींद उड़ गई

    IndiaMissilePower: क्या है दिव्यास्त्र और अग्नि-5 मिसाइल का कनेक्शन? जिससे दुश्मनों की नींद उड़ गई

    IndiaMissilePower: भारत की सामरिक ताकत (Strategic Power) में हाल के वर्षों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसी कड़ी में दिव्यास्त्र (DIVYASTRA) और अग्नि-5 मिसाइल का नाम सबसे अहम हथियारों में शामिल हो चुका है। इन दोनों का कनेक्शन ऐसा है, जो किसी भी दुश्मन देश चाहे वह पाकिस्तान हो या चीन की रणनीति को पूरी तरह ध्वस्त कर सकता है।

    क्या है दिव्यास्त्र?

    दिव्यास्त्र दरअसल भारत की MIRV तकनीक (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle) का कोडनेम है। इसका मतलब यह है कि एक ही मिसाइल से कई परमाणु वॉरहेड अलग-अलग लक्ष्यों पर सटीक हमला कर सकते हैं।
    यानी अब “एक मिसाइल = एक लक्ष्य” का दौर खत्म हो चुका है।

    अग्नि-5 मिसाइल की ताकत

    अग्नि-5 भारत की सबसे घातक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) में से एक है। इसके प्रमुख फीचर्स रेंज: 5000+ किलोमीटर स्पीड: करीब 29,635 km/h (Mach 24)टेक्नोलॉजी: MIRV (दिव्यास्त्र) लॉन्च प्लेटफॉर्म: पूरी तरह मोबाइल (Road-Mobile) वारहेड: परमाणु सक्षमअग्नि-5 को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल है और यह दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकती है।

    दिव्यास्त्र और अग्नि-5 का कनेक्शन

    असल कनेक्शन यही है कि दिव्यास्त्र तकनीक को अग्नि-5 में इंटीग्रेट किया गया है।इसका मतलब एक अग्नि-5 मिसाइल कई न्यूक्लियर वॉरहेड अलग-अलग शहर या सैन्य ठिकाने एक साथ तबाहीयही वजह है कि इसे भारत की परमाणु डिटरेंस शील्ड की रीढ़ माना जाता है।

    सेकंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी क्यों है खतरनाक?

    अगर कोई देश भारत पर पहले परमाणु हमला करता है, तब भी अग्नि-5 सुरक्षित ठिकानों से लॉन्च हो सकती है दुश्मन के कमांड सेंटर, न्यूक्लियर बेस और बड़े शहरों को निशाना बना सकती हैइसे ही कहते हैं Second Strike Capability, जो किसी भी न्यूक्लियर युद्ध में सबसे बड़ा डर होती है।

    पाकिस्तान और चीन क्यों चिंतित हैं?

    • पाकिस्तान के पास MIRV जैसी एडवांस तकनीक नहीं
    • चीन के बड़े शहर और मिलिट्री बेस अग्नि-5 की रेंज में
    • एक मिसाइल से कई लक्ष्य = जवाबी हमला लगभग असंभव

    इसी कारण रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि दिव्यास्त्र से लैस अग्नि-5 भारत को वैश्विक सैन्य शक्तियों की कतार में खड़ा करती है।दिव्यास्त्र और अग्नि-5 का संयोजन भारत की “No First Use” नीति को और मजबूत करता है। भारत हमला नहीं करता, लेकिन अगर हमला हुआ तो जवाब ऐसा होगा जिसे दुश्मन पीढ़ियों तक याद रखे।

  • Akshay Kumar Accident News: अक्षय कुमार की सुरक्षा गाड़ी का एक्सीडेंट, ऑटो से टक्कर के बाद पलटी कार

    Akshay Kumar Accident News: अक्षय कुमार की सुरक्षा गाड़ी का एक्सीडेंट, ऑटो से टक्कर के बाद पलटी कार

    Akshay Kumar Accident News: मुंबई के जुहू इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार को एस्कॉर्ट कर रही सुरक्षा गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। यह हादसा जुहू गांधीग्राम रोड पर उस समय हुआ, जब अक्षय कुमार शूटिंग खत्म कर अपने घर लौट रहे थे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अक्षय कुमार की मर्सिडीज कार के आगे उनकी सुरक्षा में चल रही गाड़ी अचानक एक ऑटो से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुरक्षा गाड़ी सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई और यातायात भी प्रभावित हुआ।

    शूटिंग से लौट रहे थे अक्षय कुमार

    बताया जा रहा है कि अभिनेता अक्षय कुमार एक फिल्म की शूटिंग पूरी कर लौट रहे थे। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे-पीछे सुरक्षा वाहन चल रहे थे। इसी दौरान जुहू गांधीग्राम रोड पर अचानक एक ऑटो सामने आ गया, जिससे सुरक्षा गाड़ी की भिड़ंत हो गई।

    ऑटो चालक घायल, अस्पताल में भर्ती

    इस हादसे में ऑटो चालक को चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस की मदद से घायल ऑटो चालक को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, चालक की हालत स्थिर बताई जा रही है।

    अक्षय कुमार पूरी तरह सुरक्षित

    राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में अक्षय कुमार को किसी तरह की चोट नहीं आई। हादसे के तुरंत बाद उनका काफिला कुछ देर के लिए रुका, लेकिन स्थिति सामान्य होने पर अक्षय कुमार वहां से रवाना हो गए।

    पुलिस ने संभाला मोर्चा

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर ट्रैफिक को सुचारु कराया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और अचानक ब्रेक को माना जा रहा है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर वीआईपी मूवमेंट और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।