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  • सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय शाहिद की हत्या, भट्ठा मालिक समेत तीन पर गंभीर आरोप

    सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय शाहिद की हत्या, भट्ठा मालिक समेत तीन पर गंभीर आरोप

    सिद्धार्थनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय किशोर की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। सदर थाना क्षेत्र के परसा महापात्र गांव निवासी 15 वर्षीय शाहिद का शव हरिराम के ईंट भट्ठे के पास स्थित तालाब के नजदीक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

    सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय शाहिद की हत्या, भट्ठा मालिक समेत तीन पर गंभीर आरोप

    जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7 बजे स्थानीय लोगों ने तालाब के पास एक किशोर का शव पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान शाहिद के रूप में की। मृतक के शरीर और सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।

    सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय किशोर की हत्या को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि भट्ठा मालिक अनूप, प्रमोद और गांव के रहने वाले गुलबाज़ ने शाहिद की बेरहमी से हत्या की है। आरोप है कि आरोपियों ने शाहिद को मोटरसाइकिल से बांधकर कुछ दूरी तक घसीटा और फिर लोहे की रॉड से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।परिजनों ने बताया कि शाहिद करीब 15 दिन पहले मुंबई से घर लौटा था और हरिराम के भट्ठे पर काम कर रहा था। बुधवार सुबह करीब 6 बजे गुलबाज़ उसे बुलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद शाम को उसकी हत्या की खबर आई। इस घटना से पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/chhibramau-up-udyog-vyapar-mandal-52th-foundation-day/

    घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल, पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। सिद्धार्थनगर में 15 वर्षीय किशोर की हत्या का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।

  • छिबरामऊ में धूमधाम से मना यूपी उद्योग व्यापार मंडल का 52वां स्थापना दिवस

    छिबरामऊ में धूमधाम से मना यूपी उद्योग व्यापार मंडल का 52वां स्थापना दिवस

    संवाददाता जय गुप्ता छिबरामऊ, कन्नौज में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का स्थापना दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। विशुनगढ़ रोड स्थित लिटिल स्टार मैरिज लॉन में आयोजित इस समारोह में संगठन के 52 वर्षों के गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और उपलब्धियों को याद किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी, पदाधिकारी और संगठन से जुड़े लोग मौजूद रहे।

    इस अवसर पर प्रदेश कार्य समिति सदस्य एवं नगर पालिका अध्यक्ष मनोज दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का 52 वर्षों का सफर संघर्ष, विश्वास और व्यापारियों के स्वाभिमान की कहानी है। उन्होंने कहा कि संगठन ने हर दौर में व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठाई है।

    वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष एवं खाटू श्याम सेवा समिति के अध्यक्ष विवेक गुप्ता ने कहा कि यह संगठन केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक आंदोलन और एक परिवार है, जिस पर प्रदेश के लाखों व्यापारियों का अटूट विश्वास है। उन्होंने संगठन की एकजुटता और मजबूती पर जोर दिया।

    नगर अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता लालू ने कहा कि अपनी स्थापना से लेकर अब तक संगठन ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन व्यापारियों के सम्मान और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। चाहे इंस्पेक्टर राज के खिलाफ संघर्ष हो, कर सुधारों की मांग हो या व्यापारियों पर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी हो, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल हमेशा एक मजबूत ढाल बनकर खड़ा रहा है।

    किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने संगठन को प्रदेश का सबसे पुराना, सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली व्यापारी संगठन बताया। उन्होंने कहा कि इसकी जड़ें प्रदेश के हर जिले, तहसील और कस्बे तक फैली हुई हैं, जिससे यह व्यापारियों की आवाज को मजबूती प्रदान करता है।

    कार्यक्रम के दौरान विधिक बाट-माप विज्ञान विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्यप्रणाली और समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। व्यापारियों ने अपनी समस्याएं रखीं और उनके समाधान की मांग की।

    इस अवसर पर बृजेश गुप्ता, वेद प्रकाश राठौर, सत्यनारायण वर्मा, आनंद गुप्ता, नरेश गुप्ता गोल्डी, प्रभाकर गुप्ता, अनिल यादव, अमित भारतीय, अनुपम वर्मा, प्रियांशु गुप्ता, रामू गुप्ता, दीपक किराना, इमरान खान सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।

  • एक ही लिफ्ट में दिखे केशव मौर्य और शिवपाल यादव, विधानसभा में सियासी चर्चा तेज

    एक ही लिफ्ट में दिखे केशव मौर्य और शिवपाल यादव, विधानसभा में सियासी चर्चा तेज

    केशव मौर्य और शिवपाल यादव एक लिफ्ट में नजर आने का मामला विधानसभा परिसर में चर्चा का विषय बन गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान उस समय सभी की नजरें ठहर गईं, जब उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव एक ही लिफ्ट से एकसाथ जाते हुए दिखाई दिए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना विधानसभा भवन के भीतर की है। जैसे ही दोनों नेता लिफ्ट के पास पहुंचे, वहां मौजूद कुछ अन्य लोग भी लिफ्ट में चढ़ने लगे। इसी दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने हल्के-फुल्के अंदाज में वहां मौजूद लोगों से कहा, “तुम लोग बाहर आओ, मुझे शिवपाल जी के साथ जाने दो।” उनका यह बयान सुनते ही आसपास मौजूद लोग मुस्कुरा उठे और माहौल कुछ पल के लिए अनौपचारिक हो गया।

    केशव मौर्य और शिवपाल यादव एक लिफ्ट में दिखने का यह दृश्य देखते ही देखते राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। भाजपा और समाजवादी पार्टी के इन दोनों वरिष्ठ नेताओं को आमतौर पर अलग-अलग राजनीतिक खेमों में देखा जाता है, ऐसे में उनका इस तरह एकसाथ नजर आना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है।

    हालांकि, इस मुलाकात को लेकर किसी भी तरह की औपचारिक राजनीतिक बातचीत या संदेश की पुष्टि नहीं हुई है। इसे विधानसभा की सामान्य कार्यवाही के दौरान हुई एक सामान्य घटना बताया जा रहा है। फिर भी, नेताओं के बीच हुए इस संवाद और दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह के दृश्य अक्सर देखने को मिल जाते हैं, जहां अलग-अलग दलों के नेता औपचारिकता से इतर आपसी संवाद करते नजर आते हैं। लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल में इस तरह की घटनाएं स्वतः ही सुर्खियों में आ जाती हैं।

    फिलहाल, दोनों नेताओं की ओर से इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इतना तय है कि विधानसभा परिसर में हुआ यह छोटा सा दृश्य दिनभर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहा।

  • कानपुर के BSF जवान विनोद कुमार पाल का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    कानपुर के BSF जवान विनोद कुमार पाल का निधन, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

    कानपुर के BSF जवान का निधन पूरे क्षेत्र के लिए बेहद भावुक कर देने वाली खबर बन गया। अमृतसर में तैनात BSF के हवलदार विनोद कुमार पाल (52) की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार सुबह जब उनका पार्थिव शरीर कानपुर स्थित उनके घर पहुंचा तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, बेटी और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    हवलदार विनोद कुमार पाल मूल रूप से कानपुर के अरौल थाना क्षेत्र के बहरामपुर गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में उनका परिवार कल्याणपुर क्षेत्र के मिर्जापुर में रह रहा था। अमृतसर में पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार सुबह सबसे पहले पार्थिव शरीर कल्याणपुर लाया गया, जहां से सेना के वाहन द्वारा गांव बहरामपुर ले जाया गया।

    तिरंगे में लिपटे जवान के शव को देखते ही गांव में मातम पसर गया। अंतिम यात्रा में 500 से अधिक युवा तिरंगा लेकर शामिल हुए। “भारत माता की जय” और “वीर जवान अमर रहें” के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग अंतिम विदाई में शामिल हुए।

    कानपुर के BSF जवान का निधन रविवार देर रात करीब एक बजे ड्यूटी के दौरान हुआ। अचानक तबीयत बिगड़ने पर साथी जवान उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। BSF मुख्यालय की ओर से देर रात उनके घर फोन कर इस दुखद खबर की जानकारी दी गई। खबर सुनते ही पत्नी बेसुध होकर गिर पड़ीं।

    गंगा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान BSF जवानों ने सलामी दी और राष्ट्रगान के साथ वीर सपूत को अंतिम विदाई दी गई।

    परिवार ने सरकार से दोनों बच्चों को उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी देने, गांव में शहीद स्मारक बनाए जाने और शहीद विनोद कुमार पाल के नाम से सड़क निर्माण की मांग की है।

  • अमेठी में युवक की धारदार हथियार से निर्मम हत्या, 6 नामजद पर FIR

    अमेठी में युवक की धारदार हथियार से निर्मम हत्या, 6 नामजद पर FIR

    उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां धारदार हथियार से हमला कर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों में गहरा आक्रोश है। यह मामला अमेठी युवक हत्या के रूप में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार, मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के पिंडारा ठाकुर गांव निवासी रत्नेश मिश्र (20 वर्ष) पुत्र संतोष मिश्रा मंगलवार शाम घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान गांव के ही आधा दर्जन से अधिक लोगों ने उन पर धारदार हथियार से अचानक हमला कर दिया। हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं और आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही परिजन घायल युवक को तत्काल सीएचसी मुसाफिरखाना लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रत्नेश मिश्र ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में तनाव का माहौल बन गया।

    प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस ने दबिश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं।

    पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि घटना को गंभीरता से लिया गया है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे।

    इस घटना ने एक बार फिर जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • Unnao Rape Case: सजा सस्पेंड का मतलब क्या? कोर्ट की शर्तें समझें

    Unnao Rape Case: सजा सस्पेंड का मतलब क्या? कोर्ट की शर्तें समझें

    Unnao Rape Case : उन्नाव रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उनकी सजा को सस्पेंड करते हुए जमानत मंजूर कर दी है। हालांकि, यह राहत सीमित है और इससे कुलदीप सेंगर की तत्काल रिहाई संभव नहीं हो पाई है।

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    सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कुलदीप सेंगर सजा सस्पेंड होने का मतलब क्या है। सजा सस्पेंड का अर्थ यह नहीं होता कि आरोपी दोषमुक्त हो गया है या उसकी सजा खत्म कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि अपील पर अंतिम फैसला आने तक अदालत ने सजा के क्रियान्वयन (Execution of Sentence) को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यानी दोष कायम रहता है, लेकिन सजा पर रोक लग जाती है।

    दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि लंबी कानूनी प्रक्रिया और अपील के निस्तारण में लगने वाले समय को देखते हुए सजा सस्पेंड की जा सकती है। इसी आधार पर उन्हें जमानत दी गई है, लेकिन कोर्ट ने कई सख्त शर्तें भी लगाई हैं।

    अदालत की शर्तों के अनुसार, कुलदीप सेंगर को बिना अनुमति देश छोड़ने की इजाजत नहीं होगी। वे पीड़िता या उसके परिवार से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं कर सकेंगे और न ही मामले से जुड़े किसी गवाह को प्रभावित करने का प्रयास कर पाएंगे। इसके अलावा, उन्हें तय समय पर अदालत में पेश होना भी अनिवार्य होगा।

    हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद कुलदीप सेंगर फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। वजह यह है कि पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में उन्हें 10 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसे वे अभी भुगत रहे हैं। इस कारण उनकी रिहाई पर कानूनी रोक बनी हुई है।

    कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला केवल तकनीकी राहत है, न कि दोष से मुक्ति। अंतिम फैसला अपील की सुनवाई पूरी होने के बाद ही आएगा, जो आने वाले समय में इस केस की दिशा तय करेगा।

  • कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    कानपुर देहात से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कानपुर देहात मंदिर तोड़ने का प्रयास किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। यह घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के रासधान गांव की बताई जा रही है, जहां एक युवक ने पागलपन का नाटक करते हुए मंदिर में जमकर उत्पात मचाया।स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी युवक अचानक मंदिर परिसर में पहुंचा और मंदिर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने लगा। जब पुजारी ने उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने पत्थर उठा लिया और पुजारी के पीछे दौड़ पड़ा। किसी तरह पुजारी ने भागकर अपनी जान बचाई। घटना के दौरान मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला
    कानपुर देहात में मंदिर तोड़ने का प्रयास, पुजारी पर पत्थर से हमला

    इतना ही नहीं, आरोपी युवक ने मंदिर में लगे CCTV कैमरे को भी तोड़ दिया, जिससे उसकी हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड होने से बच सकें। ग्रामीणों का कहना है कि यह युवक पहले भी इसी तरह का उत्पात करता रहा है और इलाके में उसकी गतिविधियों को लेकर लोग पहले से ही दहशत में थे।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को जानकारी दी। सिकंदरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पहले किन-किन घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है या फिर जानबूझकर पागलपन का नाटक कर कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा था।

    कानपुर देहात मंदिर तोड़ने का प्रयास जैसी घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • एयरपोर्ट पर दिखे कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे, सादगी भरे लुक ने खींचा ध्यान

    एयरपोर्ट पर दिखे कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे, सादगी भरे लुक ने खींचा ध्यान

    बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे को हाल ही में एयरपोर्ट पर देखा गया, जहां दोनों अपने अलग-अलग लेकिन बेहद सादगी भरे अंदाज में नजर आए। जैसे ही दोनों सितारे एयरपोर्ट पर पहुंचे, वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और फैंस की नजरें उन पर टिक गईं।

    कार्तिक आर्यन ने इस दौरान कैजुअल लुक अपनाया था। उन्होंने हल्के रंग की टी-शर्ट, जैकेट और डेनिम जींस पहनी हुई थी। वहीं, सनग्लासेस और सिंपल स्टाइल ने उनके लुक को और भी आकर्षक बना दिया। कार्तिक का यह एयरपोर्ट लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस उनकी सादगी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    वहीं, अनन्या पांडे भी एयरपोर्ट पर बेहद सिंपल और एलिगेंट अंदाज में दिखाई दीं। उन्होंने कंफर्टेबल आउटफिट के साथ मिनिमल मेकअप और खुले बालों का लुक कैरी किया था। अनन्या का यह स्टाइलिश लेकिन सादा लुक उनके फैंस को काफी पसंद आ रहा है।

    हालांकि दोनों अलग-अलग समय पर एयरपोर्ट पर नजर आए, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें सामने आते ही चर्चा शुरू हो गई। फैंस लगातार कमेंट्स के जरिए दोनों के लुक की तारीफ कर रहे हैं और कई यूजर्स इन्हें बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा यंग स्टार्स बता रहे हैं।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो कार्तिक आर्यन इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर चर्चा में हैं, जबकि अनन्या पांडे भी कई प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। ऐसे में दोनों का एयरपोर्ट पर नजर आना उनके चाहने वालों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं रहा।

    कुल मिलाकर, कार्तिक आर्यन अनन्या पांडे एयरपोर्ट पर अपने सादगी भरे लेकिन स्टाइलिश अंदाज से एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं और उनकी ये झलक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

  • रैपिड रेल में अश्लील हरकत: BTech छात्र और BCA छात्रा की पहचान, FIR दर्ज

    रैपिड रेल में अश्लील हरकत: BTech छात्र और BCA छात्रा की पहचान, FIR दर्ज

    गाजियाबाद में चल रही रैपिड रेल (नमो भारत ट्रेन) के भीतर अश्लील हरकत करने वाले छात्र और छात्रा की पहचान कर ली गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और रैपिड रेल प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की गई। जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक BTech का छात्र है, जबकि युवती BCA की पढ़ाई कर रही है। दोनों छात्र बताए जा रहे हैं और गाजियाबाद क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। वायरल वीडियो में सार्वजनिक परिवहन के भीतर आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए दोनों को देखा गया था, जिसके बाद यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया।

    वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की हरकतों पर कड़ी आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने संज्ञान लिया और पहचान सुनिश्चित कर दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने और सामाजिक मर्यादाओं के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है। FIR दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो किसने और किस उद्देश्य से रिकॉर्ड कर वायरल किया।

    वहीं, रैपिड रेल (नमो भारत) प्रशासन की ओर से भी इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए CCTV निगरानी, सुरक्षा स्टाफ और नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया जाएगा।

    इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन में अनुशासन और जिम्मेदारी के मुद्दे को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं को डिजिटल और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।फिलहाल, रैपिड रेल अश्लील हरकत का यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

  • राजस्थान के जालोर में 15 गांवों की महिलाओं पर स्मार्टफोन बैन, आदेश जारी

    राजस्थान के जालोर में 15 गांवों की महिलाओं पर स्मार्टफोन बैन, आदेश जारी

    राजस्थान के जालोर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जिले के 15 गांवों में महिलाओं और लड़कियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। इस संबंध में संबंधित ग्राम पंचायतों की ओर से औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। यह नियम आगामी 26 जनवरी से प्रभावी होंगे।

    पंचायतों द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन गांवों में महिलाओं और किशोरियों को अब केवल कीपैड वाले मोबाइल फोन रखने की अनुमति होगी। स्मार्टफोन के उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यह निर्णय सामाजिक हित और स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

    पंचायतों ने अपने फैसले के पीछे बच्चों और युवाओं की आंखों की रोशनी पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव का हवाला दिया है। उनका तर्क है कि लंबे समय तक स्मार्टफोन के इस्तेमाल से बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है और पढ़ाई पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।

    हालांकि, यह फैसला सामने आने के बाद जालोर स्मार्टफोन प्रतिबंध को लेकर बहस भी तेज हो गई है। कुछ लोग पंचायतों के इस निर्णय को समाज सुधार की दिशा में जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा, सुरक्षा और डिजिटल सुविधाओं के दौर में महिलाओं को स्मार्टफोन से दूर रखना व्यवहारिक नहीं है।

    प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल यह स्पष्ट किया गया है कि आदेश ग्राम पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में जारी किए गए हैं और इनका पालन संबंधित गांवों में कराया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई होगी, इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

    फिलहाल, यह मामला न सिर्फ जालोर बल्कि पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस फैसले पर जिला प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया या हस्तक्षेप किया जाता है या नहीं।