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  • कानपुर में 2.86 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, बाबा बिरयानी का मालिक विवादों में घिरा

    कानपुर में 2.86 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, बाबा बिरयानी का मालिक विवादों में घिरा

    कानपुर से एक चर्चित और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शहर के मशहूर बाबा बिरयानी प्रतिष्ठान के मालिक पर 2 करोड़ 86 लाख रुपये की धोखाधड़ी और एक लेदर कारोबारी को धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। मामले के सामने आने के बाद व्यापारिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।

    क्या है पूरा मामला?

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित लेदर कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि बाबा बिरयानी के मालिक ने व्यापारिक साझेदारी और लेन-देन के नाम पर उससे 2.86 करोड़ रुपये हड़प लिए। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर कारोबारी को जान से मारने की धमकी दी गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

    पीड़ित का दावा है कि उसने विश्वास के आधार पर बड़ी रकम निवेश की थी, लेकिन तय समय पर न तो पैसा लौटाया गया और न ही किसी तरह का हिसाब दिया गया। जब उसने सख्ती से अपना पैसा मांगना शुरू किया, तो आरोपी ने दबाव बनाने और धमकाने का रास्ता अपनाया।

    पुलिस में दर्ज हुआ मामला

    लेदर कारोबारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और सभी दस्तावेजों व लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    आरोपी की तरफ से क्या कहा गया?

    फिलहाल बाबा बिरयानी के मालिक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पक्ष आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है और इसे आपसी व्यापारिक विवाद करार दे रहा है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच का दावा कर रही है।

    शहर में चर्चा का विषय बना मामला

    बाबा बिरयानी कानपुर में एक जाना-पहचाना नाम है और ऐसे में इस प्रतिष्ठान के मालिक पर इतने बड़े आर्थिक घोटाले का आरोप लगना लोगों के लिए चौंकाने वाला है। व्यापारियों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे कारोबारी विश्वास पर गहरा असर पड़ेगा।पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी भी की जा सकती है। वहीं, पीड़ित लेदर कारोबारी ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उसे उसकी मेहनत की कमाई वापस चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

  • मनरेगा की जगह लेने वाला ‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पास, विपक्ष का जोरदार हंगामा

    मनरेगा की जगह लेने वाला ‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पास, विपक्ष का जोरदार हंगामा

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाने वाला ‘जी राम जी’ बिल आज सुबह लोकसभा में विपक्ष के भारी विरोध के बीच पारित कर दिया गया। बिल के पास होते ही संसद का माहौल गरमा गया और विपक्षी सांसदों ने वेल में उतरकर जमकर हंगामा किया।

    विपक्ष की मांग थी कि इस अहम बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए ताकि इसके हर पहलू पर विस्तार से चर्चा हो सके। विरोध के दौरान कई सांसदों ने बिल की कॉपियां फाड़ दीं, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “कानून पर पहले ही विस्तार से चर्चा हो चुकी है। जनता आपको कागज फाड़ने के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने के लिए भेजती है।” अब यह बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा

    विपक्ष ने क्यों किया विरोध?

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, डीएमके सांसद टीआर बालू और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने बिल को गरीब-विरोधी बताया। विपक्ष का कहना है कि इस कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना राष्ट्रपिता का अपमान है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि नया कानून राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालता है, जबकि कई राज्य पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

    सरकार का जवाब क्या रहा?

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक योजनाओं के नाम केवल नेहरू-गांधी परिवार से जोड़े और अब नाम बदलने पर सवाल उठा रही है। चौहान ने आरोप लगाया कि MGNREGA भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका था और नया कानून सभी स्टेकहोल्डर्स से चर्चा के बाद लाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार नाम नहीं, काम की राजनीति करती है।

    प्रियंका गांधी का तीखा बयान

    सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से कहा कि यह बिल ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को धीरे-धीरे खत्म कर देगा। उन्होंने कहा, “यह योजना सबसे गरीब लोगों का सहारा है। राज्यों के पास फंड नहीं है और सरकार उन पर बोझ डाल रही है। यह बिल साफ तौर पर गरीब विरोधी है।”

    कागज फाड़ने पर सरकार की आपत्ति

    केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने संसद के भीतर कागज फाड़ने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बिल पर देर रात तक चर्चा की और यह कानून जनहित में है।

  • Rupee Future: SBI रिसर्च ने किया बड़ा दावा, 6 महीने में आ सकती तेजी

    Rupee Future: SBI रिसर्च ने किया बड़ा दावा, 6 महीने में आ सकती तेजी

    Rupee Future: नई दिल्ली: भारतीय रुपये (INR) की लगातार गिरावट ने निवेशकों और आम जनता के बीच चिंता बढ़ा दी है। इस बीच SBI रिसर्च ने एक नई रिपोर्ट में भविष्य को लेकर अहम अनुमान पेश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रुपया फिलहाल डीवैल्यूएशन के तीसरे चरण से गुजर रहा है, लेकिन अगले 6 महीनों में इसमें तेजी देखने को मिल सकती है।

    डॉलर की मजबूती और रुपया कमजोर

    रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी डॉलर (USD) की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आयातित दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई है। SBI रिसर्च ने बताया कि वैश्विक तेल की कीमतें और अन्य कमोडिटी दरें भी रुपये पर दबाव डाल रही हैं। हालांकि, अगले छह महीनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों में सुधार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की नीतियों के चलते रुपये में स्थिरता और सुधार देखने को मिल सकता है।

    डीवैल्यूएशन के तीसरे चरण का असर

    SBI रिसर्च के मुताबिक, रुपये का तीसरा चरण डीवैल्यूएशन वह समय है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले INR की कमजोरी बढ़ती है, लेकिन इसमें अगले 6 महीनों में निवेशकों को वापसी की संभावना बनी रहती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय धैर्य और सही रणनीति अपनाना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।

    निवेशकों के लिए संदेश

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय फॉरेक्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हड़बड़ी न करें, बल्कि बाजार के संकेतकों का अध्ययन करें। SBI रिसर्च ने सुझाव दिया है कि रुपये की गिरावट अस्थायी हो सकती है और नियंत्रित निवेश और सुनियोजित बचत से भविष्य में लाभ कमाया जा सकता है। SBI रिसर्च की रिपोर्ट में साफ किया गया है कि रुपये की गिरावट फिलहाल चिंता का विषय है, लेकिन अगले छह महीनों में भले ही डॉलर मजबूत रहे, INR में सुधार की उम्मीद है। निवेशकों और व्यापारियों को इसे ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी चाहिए।

  • बहराइच में भेड़ियों का आतंक: आंगन से मासूम को उठा ले गया आदमखोर, पीछा करने पर झाड़ी में छोड़कर भागा

    बहराइच में भेड़ियों का आतंक: आंगन से मासूम को उठा ले गया आदमखोर, पीछा करने पर झाड़ी में छोड़कर भागा

    बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कैसरगंज इलाके से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां देर शाम घर के आंगन में खेल रही 3 साल की मासूम बच्ची को भेड़िया उठा ले गया। गनीमत रही कि परिजनों ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया और भेड़िए का पीछा किया, जिससे घबराकर भेड़िया बच्ची को पास की झाड़ियों में घायल अवस्था में छोड़कर भाग गया।घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। बच्ची को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के शरीर पर भेड़िए के दांतों और नाखूनों के गहरे निशान हैं।

    घरों तक पहुंचा आदमखोर

    ग्रामीणों का कहना है कि भेड़िए अब जंगलों से निकलकर सीधे आबादी वाले इलाकों में घुस रहे हैं। पहले ये घटनाएं खेतों या रास्तों पर होती थीं, लेकिन अब घर के आंगन तक मासूम सुरक्षित नहीं हैं। कैसरगंज क्षेत्र में बीते कुछ हफ्तों से लगातार भेड़ियों की गतिविधियां देखी जा रही हैं।

    पहले भी बन चुका है मासूम शिकार

    बताया जा रहा है कि पिछले सप्ताह भी इसी इलाके में एक मासूम बच्चा भेड़िए का शिकार बन चुका है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं और बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे।

    वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी

    वन विभाग ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। ड्रोन कैमरों, ट्रैप कैमरों और पिंजरे लगाकर आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। विभाग का दावा है कि जल्द ही भेड़ियों को पकड़ लिया जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक की कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है।

    ग्रामीणों में गुस्सा, सुरक्षा की मांग

    ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में अतिरिक्त वनकर्मी और पुलिस बल तैनात किया जाए। साथ ही रात के समय गश्त बढ़ाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि जब तक भेड़ियों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक भय का माहौल बना रहेगा।बहराइच में लगातार हो रहे भेड़िया हमले प्रशासन और वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक मासूम इन आदमखोरों का शिकार बनते रहेंगे?

  • IPS चारू निगम को CM योगी ने किया सम्मानित, 47वीं वाहिनी PAC गाजियाबाद बनी यूपी की सर्वश्रेष्ठ

    IPS चारू निगम को CM योगी ने किया सम्मानित, 47वीं वाहिनी PAC गाजियाबाद बनी यूपी की सर्वश्रेष्ठ

    औरैया से जुड़ी एक बड़ी और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। जिले की पूर्व पुलिस अधीक्षक (SP) रह चुकीं IPS अधिकारी चारू निगम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘चल वैजयन्ती ट्रॉफी’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान उत्तर प्रदेश पुलिस की सभी वाहिनियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया जाता है। वर्ष 2024-25 के मूल्यांकन में 47वीं वाहिनी PAC गाजियाबाद को प्रदेश की सर्वोत्तम वाहिनी घोषित किया गया, जिसके बाद यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी दी गई।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं कार्यक्रम में IPS चारू निगम को ट्रॉफी प्रदान करते हुए बधाई दी और उनके नेतृत्व की सराहना की। वर्तमान में चारू निगम 47वीं वाहिनी PAC गाजियाबाद में सेनानायक (Commandant) के पद पर तैनात हैं। उनके नेतृत्व में वाहिनी ने अनुशासन, प्रशिक्षण, कानून-व्यवस्था, दंगा नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और ऑपरेशनल दक्षता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, जिसके चलते यह उपलब्धि हासिल हुई।

    चल वैजयन्ती ट्रॉफी उत्तर प्रदेश पुलिस में एक अत्यंत सम्मानजनक पुरस्कार माना जाता है, जो हर वर्ष सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली PAC वाहिनी को दिया जाता है। इस चयन में जवानों का प्रशिक्षण स्तर, अनुशासन, आधुनिक तकनीक का उपयोग, फील्ड ड्यूटी में दक्षता और प्रशासनिक प्रबंधन जैसे कई मानकों को परखा जाता है।

    सर्वोत्तम वाहिनी का खिताब मिलने के बाद 47वीं वाहिनी PAC गाजियाबाद में खुशी का माहौल है। जवानों और अधिकारियों ने इस सफलता को टीम वर्क और मजबूत नेतृत्व का परिणाम बताया। सेनानायक चारू निगम ने भी वाहिनी के सभी अधिकारियों और जवानों को बधाई दी और कहा कि यह सम्मान पूरे दल की मेहनत, समर्पण और अनुशासन का प्रमाण है।

    गौरतलब है कि IPS चारू निगम इससे पहले औरैया जिले की SP के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, जहां उनके कार्यकाल को सख्त कानून व्यवस्था, संवेदनशील पुलिसिंग और प्रभावी प्रशासन के लिए जाना जाता है। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता का असर अब PAC में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।यह उपलब्धि न सिर्फ 47वीं वाहिनी PAC गाजियाबाद के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस बल के मनोबल को भी मजबूत करती है।

  • झांसी में आबकारी इंस्पेक्टर का रिश्वत लेते वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

    झांसी में आबकारी इंस्पेक्टर का रिश्वत लेते वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

    झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक बार फिर भ्रष्टाचार से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। यहां आबकारी इंस्पेक्टर सोनीबाला जायसवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो में फाइल आगे बढ़ाने के बदले पैसे की बातचीत और डीएम कार्यालय का जिक्र भी साफ तौर पर सुना जा सकता है, जिससे प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है।

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आबकारी इंस्पेक्टर एक निजी स्थान पर ठेकेदार से बातचीत कर रही हैं। बातचीत के दौरान ठेकेदार द्वारा काम कराने के एवज में पैसों की चर्चा होती है और इंस्पेक्टर कथित रूप से रकम स्वीकार करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि फाइल को आगे बढ़ाने में डीएम कार्यालय तक सेटिंग की जरूरत है। हालांकि, वीडियो की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं की गई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है।

    पुराना बताया जा रहा वीडियो

    सूत्रों के मुताबिक, यह वीडियो पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अब इसके अचानक सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन की साख पर सवाल

    इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर आम जनता के बीच नाराजगी बढ़ा दी है। आबकारी विभाग जैसे संवेदनशील महकमे में इस तरह के आरोप न केवल विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि शासन-प्रशासन की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करते हैं। सोशल मीडिया पर लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।बताया जा रहा है कि मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही विभागीय जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। आबकारी विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या आरोपी अधिकारी पर कार्रवाई होती है या नहीं।

  • 6 एकड़ का सेट, 500 लोग, 20 दिन… पाकिस्तान के बाहर कैसे रचा गया फिल्म ‘धुरंधर’ का ल्यारी?

    6 एकड़ का सेट, 500 लोग, 20 दिन… पाकिस्तान के बाहर कैसे रचा गया फिल्म ‘धुरंधर’ का ल्यारी?

    बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ इन दिनों अपनी कहानी से ज्यादा अपने भव्य और रियलिस्टिक सेट को लेकर चर्चा में है। खासतौर पर फिल्म में दिखाया गया पाकिस्तान के कराची का कुख्यात इलाका ‘ल्यारी’, जिसे देख दर्शक हैरान हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस जटिल और घनी आबादी वाले इलाके की शूटिंग पाकिस्तान में नहीं, बल्कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में की गई है।फिल्म के मेकर्स ने ल्यारी को बिल्कुल असली जैसा दिखाने के लिए सिर्फ 20 दिनों में 6 एकड़ में फैला एक विशाल सेट तैयार किया। इस मेगा प्रोजेक्ट में रोजाना करीब 500 से ज्यादा वर्कर्स दिन-रात काम कर रहे थे। सेट का हर कोना इतना बारीकी से डिजाइन किया गया कि वह कराची के असली ल्यारी इलाके की हूबहू झलक पेश करता है।

    इस भव्य सेट के पीछे दिमाग था प्रोडक्शन डिजाइनर सैनी एस जोहर, जिन्होंने हाल ही में इस प्रोजेक्ट से जुड़े अनुभव साझा किए। उनके मुताबिक, ल्यारी को दर्शाने के लिए सिर्फ इमारतें खड़ी करना ही काफी नहीं था, बल्कि वहां की संस्कृति, तंग गलियां, बिजली के लटकते तार, भीड़भाड़, दुकानों का स्वरूप और दीवारों की बनावट तक पर खास ध्यान दिया गया।

    सैनी एस जोहर ने बताया कि मेकर्स ने पहले कराची और ल्यारी इलाके के सैकड़ों रेफरेंस वीडियो, तस्वीरें और डॉक्यूमेंट्री का अध्ययन किया। इसके बाद बैंकॉक में स्थानीय कारीगरों और तकनीकी टीम की मदद से इस सेट को आकार दिया गया। सबसे बड़ी चुनौती थी लॉजिस्टिक्स और समय—क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर काम को महज 20 दिनों में पूरा करना था।

    सेट निर्माण के दौरान सुरक्षा, मौसम और बजट का भी खास ख्याल रखा गया। थाईलैंड में शूटिंग करने का एक बड़ा फायदा यह रहा कि वहां इंटरनेशनल प्रोडक्शन के लिए सुविधाएं बेहतर हैं और काम तेजी से किया जा सकता है, जो पाकिस्तान में संभव नहीं था।

    फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि ‘धुरंधर’ का यह सेट भारतीय सिनेमा के अब तक के सबसे रियलिस्टिक इंटरनेशनल सेट्स में से एक है। यही वजह है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।

    कुल मिलाकर, ‘धुरंधर’ सिर्फ कहानी ही नहीं, बल्कि अपने तकनीकी स्तर, भव्य सेट और अंतरराष्ट्रीय स्केल के कारण भी एक बड़ा सिनेमाई अनुभव देने जा रही है।

  • पीएसी स्थापना दिवस पर सीएम योगी बोले-2017 के बाद बदली यूपी की तस्वीर, निवेशकों की पहली पसंद बना प्रदेश

    पीएसी स्थापना दिवस पर सीएम योगी बोले-2017 के बाद बदली यूपी की तस्वीर, निवेशकों की पहली पसंद बना प्रदेश

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और आज यह प्रदेश देश के सामने एक नए, सुरक्षित और विकसित राज्य के रूप में खड़ा है। बेहतर कानून-व्यवस्था के चलते अब उत्तर प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे यहां निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को महानगर स्थित पीएवी की 35वीं बटालियन में आयोजित पीएसी स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में प्रांतीय आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) की भूमिका की सराहना की।

    सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अपराध, अराजकता और असुरक्षा से जुड़ी हुई थी, लेकिन आज वही प्रदेश सुशासन, सुरक्षा और विकास का मॉडल बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह बदलाव बिना मजबूत पुलिस व्यवस्था और अनुशासित बल के संभव नहीं था।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार पीएसी को और अधिक सक्षम बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। पीएसी की संख्या, क्षमता, प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। जवानों को नवीनतम तकनीक, अत्याधुनिक हथियार और दंगा नियंत्रण के आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि वे हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।

    सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित है, जिससे आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। यही कारण है कि बड़े उद्योगपति और वैश्विक निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत बताया।

    पीएसी स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जवानों के अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएसी न केवल प्रदेश में, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी आपदा, चुनाव और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाकर अपनी विश्वसनीयता साबित कर चुकी है।

    समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने पीएसी के जवानों से आह्वान किया कि वे जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश की विकास यात्रा में अपनी भूमिका निभाते रहें।

  • अमेठी के लाल ने रचा इतिहास: IPL 2026 ऑक्शन में प्रशांत वीर 14.20 करोड़ में बिके, CSK ने लगाया दांव

    अमेठी के लाल ने रचा इतिहास: IPL 2026 ऑक्शन में प्रशांत वीर 14.20 करोड़ में बिके, CSK ने लगाया दांव

    अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से इस वक्त एक बड़ी और गर्व की खबर सामने आई है। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के सहजीपुर गांव के रहने वाले युवा क्रिकेटर प्रशांत वीर ने आईपीएल 2026 के ऑक्शन में इतिहास रच दिया है। प्रशांत वीर पर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने 14 करोड़ 20 लाख रुपये की बड़ी बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया है।

    जैसे ही आईपीएल ऑक्शन में प्रशांत वीर का नाम पुकारा गया और करोड़ों की बोली लगी, वैसे ही अमेठी समेत पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रशांत के परिवार, रिश्तेदारों और गांववालों ने इस ऐतिहासिक पल को गर्व और उत्साह के साथ मनाया। ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जश्न का माहौल देखने को मिला।

    ग्रामीण पृष्ठभूमि से आईपीएल तक का सफर

    प्रशांत वीर का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। एक साधारण ग्रामीण परिवार से निकलकर देश की सबसे बड़ी टी20 लीग आईपीएल तक पहुंचना आसान नहीं था। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशांत ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर यह मुकाम हासिल किया। घरेलू क्रिकेट और हालिया टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन के चलते वे चयनकर्ताओं की नजर में आए और आखिरकार आईपीएल 2026 ऑक्शन में उन पर बड़ी बोली लगी।

    CSK ने क्यों जताया भरोसा

    चेन्नई सुपर किंग्स अपनी मजबूत स्काउटिंग और युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए जानी जाती है। प्रशांत वीर की आक्रामक बल्लेबाजी, शानदार फील्डिंग और मैच जिताने की क्षमता को देखते हुए CSK ने उन पर भरोसा जताया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सीजन में प्रशांत वीर चेन्नई की प्लेइंग इलेवन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    जिले में खुशी का माहौल

    प्रशांत वीर के चयन से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे अमेठी जनपद में गर्व का माहौल है। स्थानीय युवाओं के लिए वे एक नई प्रेरणा बनकर उभरे हैं। ग्रामीण अंचल के कई युवा क्रिकेटर अब अपने सपनों को साकार करने की उम्मीद कर रहे हैं।

    प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई

    प्रशांत की इस उपलब्धि पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने उम्मीद जताई कि प्रशांत वीर आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट में अमेठी और उत्तर प्रदेश का नाम और रोशन करेंगे।

  • विराट कोहली और अनुष्का शर्मा फिर पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम, सर्दी में भी दिखी अटूट आस्था

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा फिर पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम, सर्दी में भी दिखी अटूट आस्था

    वृंदावन। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक आस्था की मिसाल पेश करते नजर आए। हर साल की तरह इस बार भी सर्दियों के मौसम में दोनों प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम पहुंचे। ठंड के बावजूद उनकी श्रद्धा और भक्ति में कोई कमी नहीं दिखी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में विराट और अनुष्का जाड़े के कपड़ों में, माथे पर टीका लगाए, पूरी विनम्रता के साथ महाराज जी के सामने नीचे बैठकर उनसे बातचीत करते दिखाई दिए।

    बताया जा रहा है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा लंबे समय से प्रेमानंद जी महाराज के अनुयायी हैं। दोनों अक्सर अपने व्यस्त कार्यक्रमों से समय निकालकर वृंदावन पहुंचते हैं और आध्यात्मिक शांति की तलाश में बाबा जी का आशीर्वाद लेते हैं। इस बार भी दोनों की मौजूदगी ने आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान खींच लिया, हालांकि कपल ने पूरी सादगी के साथ दर्शन किए और किसी भी तरह की औपचारिकता या दिखावे से दूर रहे।

    विराट और अनुष्का की यह आध्यात्मिक यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन दर्शन को भी दर्शाती है। दोनों कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह कह चुके हैं कि आध्यात्मिकता ने उन्हें मानसिक शांति, संतुलन और सकारात्मक सोच दी है। क्रिकेट के मैदान पर दबाव और फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच यह दंपती अपने जीवन में सादगी और संतुलन बनाए रखने के लिए आध्यात्मिक मार्ग को अहम मानता है।

    आश्रम सूत्रों के अनुसार, दोनों ने महाराज जी से व्यक्तिगत बातचीत की और जीवन, कर्म और साधना से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी सादगीपूर्ण रही और किसी तरह की वीआईपी संस्कृति देखने को नहीं मिली। यही वजह है कि प्रशंसक विराट और अनुष्का की इस विनम्रता की सराहना कर रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर फैंस उनकी तस्वीरें साझा कर इसे “आस्था और सादगी की मिसाल” बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि प्रसिद्धि और सफलता के शिखर पर होने के बावजूद विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का जमीन से जुड़ा रहना प्रेरणादायक है। उनकी यह यात्रा एक बार फिर साबित करती है कि सच्ची आस्था मौसम, हालात और व्यस्तताओं से परे होती है।