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  • कानपुर देहात: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 137 जोड़ों का वैदिक विधि से विवाह

    कानपुर देहात: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 137 जोड़ों का वैदिक विधि से विवाह

    कानपुर देहात।उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को कानपुर देहात जिले में भव्य आयोजन किया गया। अकबरपुर और भोगनीपुर तहसील क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 150 पंजीकृत जोड़ों में से 137 जोड़ों का वैदिक विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। इस अवसर पर प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवी संगठनों की मौजूदगी में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया।

    अकबरपुर में 79 जोड़ों का हुआ सामूहिक विवाह

    अकबरपुर–मैथा विकासखंड के लिए सामूहिक विवाह कार्यक्रम अकबरपुर स्थित शांति उपवन गेस्ट हाउस में आयोजित किया गया। यहां गायत्री परिवार के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संस्कार संपन्न कराए।
    अकबरपुर क्षेत्र के 45 पंजीकृत जोड़ों में से 40 और मैथा विकासखंड के 41 में से 39 जोड़े विवाह स्थल पर पहुंचे। इस तरह अकबरपुर कार्यक्रम में कुल 79 जोड़ों ने अग्निकुंड के सात फेरे लिए। जयमाला और मंत्रोच्चार के बीच नवदंपतियों ने जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया।

    भोगनीपुर तहसील में भी रहा उत्साह

    इसी क्रम में भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में जोड़े शामिल हुए। यहां भी वैदिक परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न कराए गए। दोनों तहसीलों को मिलाकर कुल 137 जोड़ों का विवाह कराया गया, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिली।

    सरकार की योजना से गरीब परिवारों को सहारा

    मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कराना है। योजना के तहत सरकार विवाह से जुड़ी आवश्यक सामग्री, उपहार और आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इससे गरीब परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होता है।

    कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सभी जोड़ों का पहले बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया था। विवाह के बाद नवदंपतियों को प्रमाण पत्र और योजना के तहत मिलने वाली सामग्री भी वितरित की गई।

    सामाजिक सौहार्द का संदेश

    सामूहिक विवाह कार्यक्रम न सिर्फ आर्थिक सहयोग का माध्यम बने, बल्कि सामाजिक समरसता और सौहार्द का भी संदेश दिया। एक ही मंच पर सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में

  • औरैया फीस के अभाव में स्कूल नहीं जा रही थी छात्रा, प्रिंसिपल ने खुद पहुंचकर दिया भरोसा

    औरैया फीस के अभाव में स्कूल नहीं जा रही थी छात्रा, प्रिंसिपल ने खुद पहुंचकर दिया भरोसा

    औरैया।उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से शिक्षा और संवेदनशीलता से जुड़ी एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। यहां एक छात्रा कई दिनों से स्कूल नहीं आ रही थी। जब इस बात की जानकारी स्कूल प्रबंधन को हुई, तो स्कूल के प्रिंसिपल ने एक जिम्मेदार शिक्षक की भूमिका निभाते हुए खुद छात्रा के घर जाकर उससे मुलाकात की।

    मुलाकात के दौरान छात्रा ने जो कारण बताया, वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह स्कूल की फीस नहीं भर पा रही थी, इसी वजह से उसने स्कूल जाना बंद कर दिया। छात्रा की बात सुनते ही प्रिंसिपल ने बेहद संवेदनशील अंदाज में पूछा “तुमसे फीस किसने मांगी है?”

    प्रिंसिपल का यह जवाब सुनकर छात्रा भावुक हो गई। यह छोटा सा संवाद अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे शिक्षा के क्षेत्र में इंसानियत और जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं।

    प्रिंसिपल ने छात्रा को भरोसा दिलाया कि उसकी पढ़ाई फीस के अभाव में नहीं रुकेगी। उन्होंने छात्रा और उसके परिवार को समझाया कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और किसी भी हाल में आर्थिक तंगी उसकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी। इसके बाद छात्रा को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित किया गया।

    इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था में फीस और आर्थिक असमानता के मुद्दे को उजागर कर दिया है। कई परिवार आज भी आर्थिक कारणों से अपने बच्चों को स्कूल भेजने में असमर्थ हैं, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाता है। ऐसे में औरैया के इस स्कूल प्रिंसिपल का कदम शिक्षा जगत के लिए एक सकारात्मक संदेश देता है।

    सोशल मीडिया पर लोग इस प्रिंसिपल की जमकर सराहना कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि अगर हर शिक्षक और स्कूल प्रबंधन इसी तरह संवेदनशीलता दिखाए, तो कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा। कई लोगों ने इसे “सच्चे गुरु” की पहचान बताया है।

    यह मामला केवल एक छात्रा की स्कूल वापसी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज को सोचने पर मजबूर करता है कि क्या फीस किसी बच्चे की शिक्षा से बड़ी हो सकती है? औरैया की यह घटना साबित करती है कि जब इंसानियत और जिम्मेदारी साथ चलें, तो शिक्षा सचमुच समाज को बदल सकती है।

  • अलीगढ़ होटल में शर्मनाक हरकत: तंदूर की रोटियों पर थूकता दिखा कारीगर, वीडियो वायरल

    अलीगढ़ होटल में शर्मनाक हरकत: तंदूर की रोटियों पर थूकता दिखा कारीगर, वीडियो वायरल

    उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद घिनौनी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने लोगों के गुस्से को भड़का दिया है। शहर के एक होटल में काम करने वाले कारीगर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह तंदूर में रोटियां सेकने से पहले उन पर थूकता हुआ साफ नजर आ रहा है। वीडियो सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि होटल का कारीगर खुलेआम रोटियों पर थूकने के बाद उन्हें तंदूर में चिपका देता है। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैला, लोगों ने इसे स्वास्थ्य और स्वच्छता के नियमों का खुला उल्लंघन बताया। कई यूजर्स ने होटल पर सख्त कार्रवाई और आरोपी कारीगर की गिरफ्तारी की मांग की है।

    लोगों में गुस्सा, कार्रवाई की मांग

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की हरकत न सिर्फ ग्राहकों की सेहत के साथ खिलवाड़ है, बल्कि समाज में नफरत और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती है। लोगों ने सवाल उठाया कि खाद्य विभाग की निगरानी आखिर कहां है और ऐसे होटल बिना जांच के कैसे चल रहे हैं।

    प्रशासन और खाद्य विभाग हरकत में

    मामला तूल पकड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो की जांच की जा रही है और संबंधित होटल की पहचान कर ली गई है। होटल में साफ-सफाई, लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर होटल सील करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

    गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां खाने-पीने की चीजों के साथ अमानवीय और अस्वच्छ व्यवहार किया गया। ऐसे मामलों ने आम लोगों का भरोसा होटल और ढाबों से उठाने का काम किया है।

    बड़ा सवाल: ग्राहक कैसे रखें सावधानी?

    इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि लोग बाहर खाना खाते समय कैसे सतर्क रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त, साफ-सुथरे और भरोसेमंद प्रतिष्ठानों में ही भोजन करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करनी चाहिए।

    फिलहाल, अलीगढ़ की यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: अकबरपुर के शांति उपवन में 86 जोड़ों ने लिए सात फेरे, सामाजिक समरसता का दिखा भव्य उदाहरण

    मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: अकबरपुर के शांति उपवन में 86 जोड़ों ने लिए सात फेरे, सामाजिक समरसता का दिखा भव्य उदाहरण

    उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जनपद मुख्यालय अकबरपुर में भव्य आयोजन देखने को मिला।

    शुक्रवार को अकबरपुर स्थित शांति उपवन में 86 जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे के गले में वरमाला डालकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। अग्निकुंड के समक्ष सात फेरे लेते हुए नवदम्पतियों ने नए जीवन की शुरुआत की।

    इस सामूहिक विवाह समारोह को संपन्न कराने की जिम्मेदारी गायत्री परिवार के स्वयंसेवकों ने निभाई। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामसेवक वर्मा, अशोक सेंगर, निर्मल कुमार और विजय बहादुर ने वाद्य यंत्रों के साथ संगीतमय मंत्रोच्चार कर वैदिक वातावरण बनाया। मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच विवाह संस्कार पूरे किए गए, जिससे आयोजन स्थल पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।

    समाज कल्याण अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अकबरपुर और मीठा विकासखंड से कुल 86 जोड़ों का चयन किया गया था। आयोजन स्थल पर सभी जोड़ों का पहले बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन कराया गया, इसके बाद उन्हें सरकार की ओर से विवाह किट प्रदान की गई। इस किट में गृहस्थ जीवन से जुड़ी आवश्यक सामग्री और विवाह के वस्त्र शामिल थे। हालांकि कई जोड़े अपने घरों से भी शानदार परिधानों में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जिससे समारोह और भी आकर्षक नजर आया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिभा शुक्ला द्वारा गणेश पूजन से किया गया। इसके पश्चात गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर आरती की गई। वरमाला के दौरान उपस्थित जनसमूह ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें आशीर्वाद दिया।

    इस अवसर पर अकबरपुर विकासखंड अध्यक्ष आशीष मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। विवाह संपन्न होने के बाद सभी जोड़ों को विवाह प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

    यह आयोजन न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सहारा बना, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिकता का भी सशक्त संदेश देता नजर आया। योगी सरकार की यह योजना प्रदेश में हजारों परिवारों के लिए खुशियों की सौगात बन रही है।

  • Road Accident in Greater Noida: दिल्ली-यूपी में कोहरे का कहर: ग्रेटर नोएडा में एक्सप्रेसवे पर 12 से ज्यादा वाहन टकराए, अमरोहा में एक की मौत

    Road Accident in Greater Noida: दिल्ली-यूपी में कोहरे का कहर: ग्रेटर नोएडा में एक्सप्रेसवे पर 12 से ज्यादा वाहन टकराए, अमरोहा में एक की मौत

    Road Accident in Greater Noida: दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक ठंड के साथ घने कोहरे का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। कम विजिबिलिटी के चलते सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है। बुधवार सुबह ग्रेटर नोएडा और अमरोहा में कोहरे की वजह से बड़े सड़क हादसे सामने आए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

    ग्रेटर नोएडा: ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा

    ग्रेटर नोएडा में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर दादरी थाना क्षेत्र के चक्रसैनपुर के पास घने कोहरे के कारण एक दर्जन से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए। हादसा इतना भीषण था कि कई कारें और ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दुर्घटना में कई लोग मामूली रूप से घायल हुए, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया।

    हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस और टोल प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हुआ। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहनों से बाहर निकालने में मदद की।

    अमरोहा: NH-9 पर कोहरे में भिड़ीं कई गाड़ियां, एक की मौत

    उधर, अमरोहा जिले में भी कोहरे का कहर देखने को मिला। नेशनल हाईवे-9 पर गजरौला कोतवाली क्षेत्र के शाहबाजपुर डोर गांव के पास आधा दर्जन से ज्यादा वाहन आपस में टकरा गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के कारण NH-9 पर भी लंबा जाम लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और जाम खुलवाया। पुलिस का कहना है कि घना कोहरा और कम दृश्यता ही हादसे की मुख्य वजह रही।

    पुलिस और प्रशासन की अपील

    पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे में धीमी गति से वाहन चलाएंफॉग लाइट और हेडलाइट का सही उपयोग करें सुरक्षित दूरी बनाए रखेंमौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी उत्तर प्रदेश में कोहरा बना रह सकता है, ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है।

  • पंकज चौधरी बन सकते हैं यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष, लखनऊ में जुटेंगे दिग्गज, आज भरे जाएंगे नामांकन

    पंकज चौधरी बन सकते हैं यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष, लखनऊ में जुटेंगे दिग्गज, आज भरे जाएंगे नामांकन

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश बीजेपी को करीब 11 महीने से नए प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार है, जो अब खत्म होने वाला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक रविवार को यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को लखनऊ में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। माना जा रहा है कि इस पद के लिए सिर्फ एक ही नामांकन होगा और वह केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का होगा।

    पंकज चौधरी

    बीजेपी की सर्वसम्मति की परंपरा के तहत चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रहेगी और पंकज चौधरी को एक भव्य कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और यूपी संगठन चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष की मौजूदगी तय मानी जा रही है। संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने पहले ही लखनऊ पहुंचकर चुनाव तैयारियों का जायजा ले लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पूरे लखनऊ को सजाया गया है और सभी सांसदों-विधायकों को राजधानी में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    2027 को साधने की रणनीति

    बीजेपी का यह फैसला 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी ने इस बार प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए ओबीसी चेहरे पर दांव लगाया है। पंकज चौधरी कुर्मी समाज से आते हैं और वर्तमान में महाराजगंज से सांसद हैं। वह सात बार सांसद रह चुके हैं और पूर्वांचल में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है।

    पंकज चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत गोरखपुर से पार्षद के रूप में की थी। राजनीति के साथ-साथ वह कारोबारी भी हैं और ‘राहत रूह तेल’ कंपनी के मालिक बताए जाते हैं। पूर्वांचल, तराई, काशी, अवध और रुहेलखंड क्षेत्रों में कुर्मी समाज का प्रभाव माना जाता है, जहां वे पार्टी के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • UP NEWS: समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो महिलाओं को 40 हजार देंगे….अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान

    UP NEWS: समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो महिलाओं को 40 हजार देंगे….अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान

    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के नए घोषणा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अखिलेश ने कहा है कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस ऐलान के बाद जहां बीजेपी खेमे में टेंशन और राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो गई है, वहीं प्रदेश की महिलाओं में खुशी की लहर देखने को मिल रही है।

    घोषणा के बाद सियासी हलचल

    अखिलेश यादव के बयान ने विपक्षी दलों को सीधा निशाने पर ला दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की बड़ी रणनीति है, जो आने वाले चुनावों में गेम चेंजर साबित हो सकती है।
    बीजेपी ने इस ऐलान को “लोकलुभावन वादे” बताते हुए उस पर सवाल उठाए और कहा कि यह आर्थिक रूप से अव्यावहारिक है। कई भाजपा नेताओं ने टिप्पणी करते हुए दावा किया कि अखिलेश केवल वोट बैंक साधने के लिए ऐसी घोषणाएं कर रहे हैं।

    महिलाओं में दिखी उम्मीद और खुशी

    सपा प्रमुख की घोषणा का सबसे ज्यादा असर महिलाओं में दिखाई दिया। कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं ने इसे सराहा और कहा कि ऐसी आर्थिक मदद से घर का खर्च चलाने में बड़ी राहत मिल सकती है।महिलाओं ने कहा कि यह योजना उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता देगी घरेलू ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के खर्च में आसानी होगीसोशल मीडिया पर भी इस घोषणा को लेकर महिलाओं की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं बढ़ रही हैं।

    चुनावी रणनीति का बड़ा दांव?

    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों पर आधारित ऐसी घोषणाएं यूपी की चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती हैं। सपा इस वादे के जरिए खासकर महिलाओं, युवाओं और घरेलू वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है।

    बीजेपी क्यों आई टेंशन में?

    बीजेपी का मानना है कि ऐसी घोषणा से जनता में गलत संदेश जा सकता है और सरकार की योजनाओं की तुलना होने लगेगी। पार्टी लगातार इस घोषणा पर पलटवार कर रही है और इसे सपनों की स्कीम बता रही है।कुल मिलाकर, अखिलेश यादव की यह घोषणा एक राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा कितना असर डालेगा, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि महिलाओं में इस घोषणा ने उम्मीद जगाई है और सियासत में नई गर्मी ला दी है।

  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर पहुंचे संदिग्ध व्यक्ति को लखनऊ पुलिस ने पकड़ा, हड़कंप

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर पहुंचे संदिग्ध व्यक्ति को लखनऊ पुलिस ने पकड़ा, हड़कंप

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya News) के सरकारी आवास पर उस समय हड़कंप मच गया जब गुरुवार सुबह एक संदिग्ध युवक अचानक सुरक्षा घेरे को पार कर अंदर पहुंचने की कोशिश करने लगा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे रोका और लखनऊ पुलिस को सूचना दी। कुछ ही मिनटों में पुलिस मौके पर पहुंच गई और युवक को हिरासत में ले लिया।

    संदिग्ध तरीके से पहुंचा व्यक्ति, सुरक्षा में हलचल

    घटना के दौरान डिप्टी सीएम आवास पर नियमित मुलाकातियों का समय चल रहा था। लेकिन इसी बीच एक युवक बिना अनुमति गेट के पास पहुंच गया। सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ की तो वह खुद को किसी “जरूरी काम” से आया बताने लगा। उसके पास न कोई पहचान पत्र मिला और न ही कोई वैध अनुमति पत्र। संदेह होने पर सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे दबोच लिया।

    पुलिस ने की गहन पूछताछ

    सूचना मिलते ही हजरतगंज पुलिस और स्थानीय इंटेलिजेंस यूनिट मौके पर पहुंची। संदिग्ध युवक को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस के शुरुआती इनपुट के अनुसार युवक मानसिक रूप से व्याकुल या भ्रमित भी हो सकता है, लेकिन उसकी मंशा और पृष्ठभूमि का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
    पुलिस ने उसके मोबाइल फोन, बैग और निजी सामान की भी स्क्रीनिंग की है।

    सुरक्षा एंगल से उच्चस्तरीय जांच

    डिप्टी सीएम जैसे वीवीआईपी पद के आवास पर किसी भी अनजान व्यक्ति का यूं पहुँच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलर्ट है। इसी कारण इंटेलिजेंस एजेंसियों को भी मामले में शामिल कर लिया गया है।
    सूत्रों के अनुसार, यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवक कैसे सुरक्षा घेरा पार कर मुख्य गेट तक पहुंच गया और क्या इससे पहले भी उसने किसी वीवीआईपी क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश की है।

    डिप्टी सीएम कार्यालय ने बढ़ाई सुरक्षा

    घटना के बाद डिप्टी सीएम कार्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं और विज़िटर एंट्री सिस्टम की पुनः समीक्षा शुरू हो गई है।

    पुलिस ने कहा – जांच के बाद होगी आधिकारिक पुष्टि

    हजरतगंज पुलिस ने बताया कि युवक की पहचान की पुष्टि की जा रही है। शुरुआती पूछताछ के बाद ही यह साफ होगा कि उसकी नीयत क्या थी और वह किन परिस्थितियों में सरकारी आवास तक पहुंचा।

  • अमरोहा के दो शिक्षित लेकिन बौने कद वाले भाई बेरोज़गारी से जूझ रहे, गरीबी ने बढ़ाई मुश्किलें

    अमरोहा के दो शिक्षित लेकिन बौने कद वाले भाई बेरोज़गारी से जूझ रहे, गरीबी ने बढ़ाई मुश्किलें

    अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक मार्मिक कहानी सामने आई है, जिसने सभी को भावुक कर दिया है। यहां दो सगे भाई—27 वर्षीय संतोष कुमार और 21 वर्षीय नरेश—अपनी लंबाई कम होने के कारण जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। दोनों पढ़े-लिखे हैं, लेकिन शारीरिक बनावट ऐसी कि लोग उन्हें बच्चे समझ लेते हैं और नौकरी देने से मना कर देते हैं।

    शिक्षा पूरी की, सपने अधूरे रह गए

    परिवार में सबसे बड़े संतोष की लंबाई मात्र 39 इंच है। उन्होंने कड़ी मेहनत से बीएससी तक की पढ़ाई पूरी की, उम्मीद थी कि पढ़ाई उन्हें गरीबी से बाहर निकाल देगी। लेकिन यह उम्मीद भी अधूरी रह गई। संतोष कई जगह नौकरी की तलाश में गए, लेकिन हर जगह उन्हें बच्चों की तरह समझकर काम देने से इंकार कर दिया गया।गांव में मजदूरी भी नहीं मिलती, क्योंकि लोग समझ नहीं पाते कि इतना छोटा कद वाला व्यक्ति कैसे भारी काम संभाल पाएगा। वहीं, घर की आर्थिक स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है।

    छोटा भाई भी बेरोज़गार, पढ़ाई छूटी

    इसी परिवार के छोटे भाई नरेश की लंबाई भी मात्र 41 इंच है। आर्थिक तंगी के चलते उसकी पढ़ाई हाईस्कूल के बाद ही रुक गई। खुद की लंबाई भी सामाजिक विडंबना बन गई। लोगों की नजरों में वह भी एक बच्चा ही लगता है, जिससे रोजगार का कोई भी रास्ता खुल नहीं पा रहा।

    गरीबी ने घेरा, परिवार दो वक्त की रोटी को मोहताज

    दोनों भाइयों के पिता का कुछ साल पहले निधन हो चुका है। घर की जिम्मेदारी अब इन्हीं दो भाइयों के कंधों पर है, लेकिन आय का कोई साधन न होने से परिवार की हालत बेहद खराब है। कई बार इन्हें दो वक्त का खाना जुटाने में भी संघर्ष करना पड़ता है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिवार कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की कोशिश कर चुका है, लेकिन कागजी कार्यवाही और पहचान की समस्याओं के कारण मदद नहीं मिल पा रही।

    सरकारी मदद और रोजगार की उम्मीद

    दोनों भाइयों ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उन्हें किसी भी तरह का रोजगार दिया जाए, ताकि वे सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें और परिवार की मदद कर सकें। ग्रामीणों का भी कहना है कि सरकार को ऐसे परिवारों के लिए विशेष रोजगार योजना चलानी चाहिए, ताकि शारीरिक बनावट किसी की जिंदगी की सबसे बड़ी बाधा न बने।

  • UP BJP President Election: 13–14 दिसंबर को चुनाव, तैयारियों में तेज़ी; संगठन ने कसी कमर

    UP BJP President Election: 13–14 दिसंबर को चुनाव, तैयारियों में तेज़ी; संगठन ने कसी कमर

    UP BJP President Election:। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी संगठन पूरी तरह मोड में आ चुका है। चुनाव आयोग ने तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है, जिसके अनुसार 13 दिसंबर को नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि 14 दिसंबर को मतदान और परिणाम घोषित होगा। मौजूदा राजनीतिक माहौल और 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है।

    13 दिसंबर-नामांकन प्रक्रिया सुबह से शुरू होगी

    सूत्रों के अनुसार, 13 दिसंबर की सुबह प्रदेश मुख्यालय पर नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवारों के लिए आवश्यक सत्यापन, दस्तावेज़ जांच और समर्थक हस्ताक्षर जैसी औपचारिकताएं एक ही दिन पूरी कराई जाएंगी। प्रदेश संगठन ने निर्वाचन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश प्रक्रिया के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    14 दिसंबर-चुनाव और परिणाम का दिन

    14 दिसंबर को बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में मतदान होगा। पंचायत प्रतिनिधियों, जिला कार्यकारिणी, प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी के सदस्य वोट डालेंगे। यदि एक ही उम्मीदवार नामांकन दाखिल करता है, तो उसी दिन निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा भी हो सकती है। लेकिन अगर एक से अधिक दावेदार सामने आते हैं, तो मतदान प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर तक चलेगी।

    कौन हो सकता है नया अध्यक्ष?,पार्टी में चर्चाएं तेज

    सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी हाईकमान पिछले एक महीने से परफॉर्मेंस, संगठनात्मक मजबूती और जातीय balance को ध्यान में रखकर संभावित नामों पर मंथन कर रहा है। यह चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब 2026 लोकसभा उपचुनाव और 2027 विधानसभा चुनावों की रणनीति पर पार्टी फोकस कर रही है। इसलिए नया अध्यक्ष एक ऐसा चेहरा होगा जो संगठन और सरकार दोनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सके।

    संगठन में तैयारियां जोरों पर

    चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रदेश संगठन ने विस्तृत तैयारी की है नामांकन और मतदान स्थल पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस और पार्टी के अनुशासन विभाग को नियुक्त किया गया है।कार्यकर्ताओं और मीडिया के लिए अलग-अलग एंट्री-पास जारी होंगे।पूरे कार्यक्रम का संचालन पार्टी का निर्वाचन अधिकारी संभालेगा।

    महत्व इसलिए भी ज्यादा

    प्रदेश अध्यक्ष न केवल संगठन का सर्वोच्च पद होता है, बल्कि बूथ कमेटियों से लेकर जिलों तक की पूरी रणनीति इन्हीं के निर्देशन में तय होती है। यही वजह है कि UP BJP President Election को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्सुकता चरम पर है।