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  • कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गई हैं। इन परीक्षाओं में जिलेभर से करीब 1.29 लाख छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

    सुरक्षा और गोपनीयता पर विशेष जोर

    बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर प्रश्नपत्रों की सीलबंदी तक हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रश्नपत्रों के बंडल पहले ही सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिए गए हैं।

    निगरानी के लिए गठित की गई विशेष टीमें

    परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगी और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। सभी संबंधित विद्यालयों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने पाए

    छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था

    जिले में कुल 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर छात्रों के लिए पेयजल, बिजली, बैठने और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि छात्र बिना किसी असुविधा के परीक्षा दे सकें।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संपन्न कराई जा सकें।

  • बाराबंकी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 2 कारों की टक्कर के बाद आग, 5 की मौत

    बाराबंकी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 2 कारों की टक्कर के बाद आग, 5 की मौत

    बाराबंकी जिले में बुधवार दोपहर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सुबेहा थाना क्षेत्र के कुड़वां गांव के पास माइलस्टोन 51.6 पर दो तेज़ रफ्तार कारों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों में तुरंत आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद कारों में बैठे लोग उछलकर करीब 15 से 20 मीटर दूर जा गिरे। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। आग की लपटों और धुएं के कारण हालात बेहद भयावह हो गए।

    स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता

    हादसे के तुरंत बाद एक्सप्रेसवे पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए कुछ घायलों को जलती कारों से बाहर खींचा। सूचना पर पहुंची पुलिस और यूपीडा टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। कई गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल बाराबंकी भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    दमकल की गाड़ी ने पाया आग पर काबू

    सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों कारें पूरी तरह जल चुकी थीं। हादसे के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त वाहनों को एक्सप्रेसवे से हटवाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना कैसे हुई टक्कर के बाद आग किन परिस्थितियों में लगी मृतक और घायल किस जिले/राज्य के रहने वाले हैंइन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया चल रही है।यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज़ रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की गंभीर याद दिलाता है।

  • बांदा में बेटे-बहू का कहर: शिक्षक पिता पर पत्थर-डंडों से हमला

    बांदा में बेटे-बहू का कहर: शिक्षक पिता पर पत्थर-डंडों से हमला

    संवाददाता लक्ष्मी कांत तिवारी बांदा से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के सिविल लाइन इलाके में कलयुगी बेटे और बहू ने मिलकर अपने ही बुजुर्ग शिक्षक पिता पर पत्थर, ईंट और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस अमानवीय घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान और आक्रोशित हैं।

    स्कूल जाते वक्त किया गया हमला

    मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित शिक्षक सुबह के समय स्कूल जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी उनके बेटे ने ऊपर से पानी डालकर विवाद की शुरुआत की। बात बढ़ते-बढ़ते गाली-गलौज और फिर हिंसा में बदल गई। आरोप है कि बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर शिक्षक पिता पर ईंट और डंडों से हमला कर दिया।हमले में शिक्षक को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। घायल अवस्था में शिक्षक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    मकान कब्जे को लेकर चल रहा था विवाद

    बताया जा रहा है कि परिवार में पिछले कई महीनों से मकान के कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम देने का आरोप बेटे और बहू पर लगा है। रिश्तों की मर्यादा तार-तार करने वाली इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है।

    पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी

    घटना के बाद शिक्षक की पत्नी ने कोतवाली नगर थाने में तहरीर देकर बेटे और बहू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि मकान और संपत्ति के विवाद किस हद तक रिश्तों को खत्म कर सकते हैं

  • मेरठ क्लीनिक हमला, नकाबपोश बदमाशों ने डॉक्टर को पीटा, CCTV में कैद वारदात

    मेरठ क्लीनिक हमला, नकाबपोश बदमाशों ने डॉक्टर को पीटा, CCTV में कैद वारदात

    मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र स्थित हवाईपट्टी कॉलोनी में मंगलवार सुबह मेरठ क्लीनिक हमला की सनसनीखेज घटना सामने आई। नकाबपोश बदमाशों ने एक निजी क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के दौरान बीच-बचाव करने आई डॉक्टर की पत्नी के साथ भी अभद्रता की गई और डॉक्टर के गले से सोने की चेन लूट ली गई। पूरी वारदात पास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

    पीड़ित चिकित्सक शुभम, जो हवाईपट्टी कॉलोनी में ‘प्रेक्षा’ नाम से क्लीनिक चलाते हैं, अपनी पत्नी पारूल के साथ क्लीनिक में मौजूद थे। तभी दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश युवक क्लीनिक में दाखिल हुए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने करीब डेढ़ तोले की सोने की चेन लूट ली और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

    घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें चार युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर क्लीनिक में आते-जाते साफ दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टर शुभम ने थाने में तहरीर देकर एक आरोपी को नामजद किया है।

    इंस्पेक्टर सतवीर सिंह अत्री के अनुसार, डॉक्टर का कुछ समय पहले एक पड़ोसी युवक से विवाद हुआ था, जिस एंगल पर भी जांच की जा रही है। वहीं, मेरठ एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।मेरठ क्लीनिक हमला की इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • अनिरुद्धाचार्य पर महिलाओं को लेकर टिप्पणी का मामला, कोर्ट ने याचिका स्वीकार की

    अनिरुद्धाचार्य पर महिलाओं को लेकर टिप्पणी का मामला, कोर्ट ने याचिका स्वीकार की

    देशभर में अपनी कथाओं के लिए प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज इस समय अनिरुद्धाचार्य महाराज विवाद को लेकर चर्चा में हैं। महिलाओं और बेटियों को लेकर कथित अभद्र टिप्पणियों के एक वायरल वीडियो ने उनकी कानूनी परेशानियां बढ़ा दी हैं। इस मामले में मथुरा की अदालत ने उनके खिलाफ दायर परिवाद को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। कोर्ट अब 1 जनवरी को शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करेगा।

    यह पूरा विवाद अक्टूबर महीने में सामने आया, जब अनिरुद्धाचार्य महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कथावाचक को महिलाओं और बेटियों के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए दिखाया गया था। वीडियो वायरल होते ही महिला संगठनों और सामाजिक समूहों ने कड़ा विरोध जताया और इसे नारी सम्मान के खिलाफ बताया।

    मामला बढ़ने पर अनिरुद्धाचार्य महाराज को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा था कि वह महिलाओं का सम्मान करते हैं और उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। हालांकि उनकी यह सफाई विरोध कर रहे संगठनों को संतुष्ट नहीं कर सकी और कानूनी कार्रवाई की मांग तेज होती गई।

    अखिल भारत हिंदू महासभा, आगरा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने मामले को गंभीर बताते हुए मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में परिवाद दायर किया। सीजेएम उत्सव गौरव राज की अदालत ने परिवाद को स्वीकार कर लिया है। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता मनीष गुप्ता के अनुसार, यह मामला महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है और कोर्ट द्वारा परिवाद स्वीकार किया जाना एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है।

    अनिरुद्धाचार्य महाराज विवाद ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक और धार्मिक मंचों से दिए गए बयानों को लेकर समाज और न्यायपालिका दोनों गंभीर हैं। अब आने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

  • अमरोहा में सिपाही पर बच्चे को थर्ड डिग्री देने का आरोप,पर्स चोरी के शक में पकड़े गए थे बच्चे, सिपाही लाइन हाजिर

    अमरोहा में सिपाही पर बच्चे को थर्ड डिग्री देने का आरोप,पर्स चोरी के शक में पकड़े गए थे बच्चे, सिपाही लाइन हाजिर

    अमरोहा में शादी समारोह से पर्स चोरी के शक में पकड़े गए बच्चों को पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री देने का आरोप लगा है। इस मामले में एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है।यह घटना अमरोहा शहर में रविवार रात एक शादी के कार्यक्रम के दौरान हुई। एक कारोबारी की पत्नी का पर्स चोरी होने के शक में चार नाबालिगों को पकड़ा गया था।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चारों बच्चों को कोतवाली ले गई।कोतवाली में बच्चों से पूछताछ की गई, लेकिन उनके पास से पर्स बरामद नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने चारों बच्चों को आधी रात के समय उनके परिजनों को सौंप दिया था।हालांकि, परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने बच्चों को थर्ड डिग्री दी। उन्हें बुरी तरह पीटा गया और बिजली का करंट भी लगाया गया, जिससे एक दस वर्षीय बालक की हालत नाजुक बनी हुई है।अमरोहा के एक मोहल्ले के निवासी पीड़ित परिवार कलेक्ट्रेट पहुंचा।

    उन्होंने अपनी गोद में घायल दस साल के बच्चे को लेकर डिप्टी कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपा और पुलिस की बर्बरता की पूरी कहानी बताई।इस मामले में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर भूड़ चौकी में तैनात सिपाही नीतीश को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच जारी है।

  • बाराबंकी : फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़, वन दरोगा अनुज सिंह की कार्रवाई

    बाराबंकी : फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़, वन दरोगा अनुज सिंह की कार्रवाई

    उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यह कार्रवाई हैदरगढ़ वन क्षेत्र में वन दरोगा अनुज कुमार सिंह द्वारा की गई, जिन्होंने सतर्कता दिखाते हुए अवैध वन उत्पाद के परिवहन को रोक दिया। यह घटना 06 दिसंबर 2025 की रात की है, जब वन विभाग की टीम हैदरगढ़–महाराजगंज मार्ग पर नियमित गश्त कर रही थी।

    रात करीब 11:50 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि एक डीसीएम वाहन (UP 36T 6712) संदिग्ध रूप से लकड़ी का कोयला लेकर गुजर रहा है। सूचना मिलते ही वन दरोगा अनुज सिंह ने टीम के साथ वाहन का पीछा कर हैदरगढ़ मुख्य चौराहे पर उसे रोक लिया। चालक की पहचान आशीष कुमार, निवासी सुल्तानपुर के रूप में हुई। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह वाहन में लदा लकड़ी का कोयला रायबरेली से पटना, बिहार ले जा रहा है।

    जांच के दौरान वाहन में लकड़ी का कोयला मिला, लेकिन चालक कोई वैध अभिवहन पास प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वाहन को जब्त कर वन विभाग की अभिरक्षा में रेंज कार्यालय हैदरगढ़ लाया गया। कुछ समय बाद वन दरोगा के मोबाइल पर अयाज पुत्र मोहम्मद नफीस, निवासी रायबरेली का फोन आया। उसने दावा किया कि उसके पास अभिवहन पास है और वह उसे व्हाट्सएप के जरिए भेज रहा है।

    जब भेजे गए पास की जांच की गई, तो उसमें अंकित वाहन संख्या जब्त वाहन से मेल नहीं खा रही थी। बाद में आरोपी ने दूसरा पास भेजा, लेकिन दोनों पासों में एक ही पत्रांक, आवेदन संख्या और परमिट नंबर पाए गए, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। वन विभाग ने पास को संदिग्ध मानते हुए वाहन छोड़ने से इनकार कर दिया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों अभिवहन पासों को जांच के लिए हैदरगढ़ वन प्रभाग भेजा गया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दोनों पास पूरी तरह फर्जी थे। इसके बाद आरोपी अयाज को गिरफ्तार कर सख्त पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि वह कई वर्षों से फर्जी अभिवहन पास से लकड़ी तस्करी का काम कर रहा था।

    यह कार्रवाई जिला वन प्रभागीय अधिकारी आकाशदीप बाघवान के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। वन विभाग ने साफ संदेश दिया है कि वन माफियाओं और तस्करों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • इंस्पेक्टर की मौत में महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा गिरफ्तार,3 लाख का हार दिलवाया, 25 लाख मांग रही थी

    इंस्पेक्टर की मौत में महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा गिरफ्तार,3 लाख का हार दिलवाया, 25 लाख मांग रही थी

    उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत के मामले में पुलिस ने महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को पुलिस उसे कोर्ट लेकर पहुंची, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में उरई जेल भेज दिया गया। देर शाम महिला सिपाही को जेल में दाखिल कराया गया।कोर्ट ले जाने के दौरान महिला सिपाही ट्रैक सूट पहने हुई थी और चेहरे पर रुमाल बांध रखा था। पुलिस सुरक्षा के बीच उसे पेश किया गया।

    शनिवार से पुलिस कस्टडी में थी

    पुलिस मीनाक्षी शर्मा को शनिवार से ही कस्टडी में लिए हुए थी। इस दौरान लगातार उससे पूछताछ की जाती रही। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान महिला सिपाही कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।रविवार दोपहर पुलिस टीम उसे प्राइवेट कार से मेडिकल जांच के लिए कुठौंद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई थी।

    मौत के समय कमरे में मौजूद थी महिला सिपाही

    पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस समय इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत हुई, उस वक्त महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा उनके कमरे में मौजूद थी। इस मामले में इंस्पेक्टर की पत्नी माया राय ने मीनाक्षी शर्मा पर हत्या करने या करवाने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी

    सुसाइड या हत्या, अब भी सुलझी नहीं गुत्थी

    इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत की गुत्थी अभी पूरी तरह सुलझ नहीं पाई है।
    शुरुआती जांच में मामला महिला सिपाही की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आत्महत्या का बताया जा रहा था।

    • इंस्पेक्टर का शव मच्छरदानी के अंदर मिला
    • कमरे से 9 एमएम पिस्टल से चली गोली बरामद हुई
    • गोली दीवार में धंसी हुई थी

    शुरुआती जांच में बड़ा दावा

    प्रारंभिक जांच के मुताबिक, महिला सिपाही को कमरे में देखते ही इंस्पेक्टर ने खुद को गोली मार ली। घटना के तुरंत बाद महिला सिपाही सिर्फ 3 मिनट में थाने पहुंची और वहां से फरार हो गई। इसी संदिग्ध व्यवहार के चलते पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।

    जांच जारी

    फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और कॉल डिटेल्स के आधार पर मौत की असली वजह सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

  • लखीमपुर खीरी: दहेज की बलि चढ़ी महिला,अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर ससुराल से निकाली

    लखीमपुर खीरी: दहेज की बलि चढ़ी महिला,अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर ससुराल से निकाली

    लखीमपुर खीरी। एक ओर योगी सरकार महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर बड़े-बड़े दावे करती नजर आती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। ताजा मामला लखीमपुर खीरी जनपद से सामने आया है, जहां एक महिला को दहेज की अतिरिक्त मांग के चलते ससुराल में रखने से साफ इनकार कर दिया गया।

    मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़ित महिला के पिता ने बताया कि उन्होंने करीब 9 महीने पहले अपनी बेटी की शादी पूरे रीति-रिवाज से की थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद बेटी के पति और ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। जब पीड़िता के पिता ने अपनी असमर्थता जताई, तो ससुराल वालों का रवैया बदल गया।

    पीड़िता के पिता के अनुसार, दहेज न मिलने से नाराज़ पति ने महिला को मायके छोड़ दिया और अब उसे वापस ले जाने से इनकार कर रहा है। इतना ही नहीं, आरोप है कि दामाद अब दूसरी शादी की तैयारी कर रहा है, जिससे पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।

    पीड़ित महिला का कहना है कि उसने कई बार अपने ससुराल पक्ष से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे अपमानित किया गया और घर आने से मना कर दिया गया। मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने आखिरकार पुलिस अधीक्षक खीरी को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।

    महिला ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया है कि उसके साथ दहेज की खातिर न केवल धोखा किया गया, बल्कि उसका सम्मान और सुरक्षा भी दांव पर लगा दी गई। मामले ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि दहेज विरोधी कानूनों और महिला सुरक्षा योजनाओं के बावजूद महिलाएं आज भी प्रताड़ना का शिकार क्यों हो रही हैं।

    अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करता है और पीड़ित महिला को कब तक न्याय मिल पाता है।

  • औरैया में कफ सिरप से मासूम की मौत, 8 माह का बच्चा गंभीर; क्लीनिक सील

    औरैया में कफ सिरप से मासूम की मौत, 8 माह का बच्चा गंभीर; क्लीनिक सील

    औरैया | रिपोर्ट: अमित शर्मा उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एरवाकटरा थाना क्षेत्र में वयस्कों के लिए बने कफ सिरप का सेवन कराने से 20 माह के मासूम की मौत हो गई, जबकि उसका 8 माह का भाई गंभीर हालत में सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने तत्काल बड़ी कार्रवाई की है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, सचिन अपनी पत्नी और दो बच्चों—रोहन (20 माह) और सोहन (8 माह)—के साथ नगला कहारन स्थित अपने मौसा प्रकाश बाबू के घर एक मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने गया था। रात के समय दोनों बच्चों को खांसी-जुकाम की शिकायत हुई। इस दौरान घर में पहले से रखा वयस्कों के लिए बना कफ सिरप बच्चों को पिला दिया गया।

    कफ सिरप पीते ही दोनों बच्चों की हालत अचानक बिगड़ गई। घबराए परिजन आनन-फानन में बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने रोहन को मृत घोषित कर दिया। वहीं सोहन की हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।घटना की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सुरेंद्र सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद और उपजिलाधिकारी अमित कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से पूछताछ की और यह जानने का प्रयास किया कि कफ सिरप कहां से आया था और उसका उपयोग कैसे किया गया।

    प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह कफ सिरप करीब डेढ़ माह पहले किसी वयस्क के लिए खरीदा गया था और घर में रखा हुआ था। बच्चों को दिए जाने से पहले किसी डॉक्टर से सलाह नहीं ली गई थी।

    स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरु प्रसाद अस्पताल/क्लीनिक से कफ सिरप के नमूने लेकर उन्हें लखनऊ लैब भेज दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सिरप में कोई मिलावट थी या यह मामला ओवरडोज़ का है। साथ ही मृतक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है, जहां डॉक्टरों के पैनल द्वारा जांच की जा रही है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गुरु प्रसाद क्लीनिक को सील कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना चिकित्सकीय परामर्श बच्चों को दवाइयां बिल्कुल न दें, खासकर वयस्कों की दवाएं।