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  • वाराणसी: दो नाबालिग क्रिकेटरों के यौन उत्पीड़न के आरोप में कोच गिरफ्तार, मुफ्त कोचिंग का दिया था लालच

    वाराणसी: दो नाबालिग क्रिकेटरों के यौन उत्पीड़न के आरोप में कोच गिरफ्तार, मुफ्त कोचिंग का दिया था लालच

    वाराणसी। खेल के नाम पर भरोसे को शर्मसार करने वाला मामला वाराणसी से सामने आया है। पुलिस ने एक निजी क्रिकेट एकेडमी चलाने वाले क्रिकेट कोच मुरारीलाल को दो नाबालिग किशोर खिलाड़ियों के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कोच ने दोनों बच्चों को मुफ्त कोचिंग और टीम में चयन का लालच देकर शोषण किया।

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित दोनों किशोर पिछले कुछ समय से मुरारीलाल द्वारा संचालित क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान कोच ने उनके साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक हरकतें कीं। डर और झिझक के कारण बच्चे लंबे समय तक चुप रहे, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

    परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल POCSO एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी कोच बच्चों को यह कहकर अपने प्रभाव में लेता था कि वह उन्हें राज्य/जिला स्तर की टीमों में खिलवाने में मदद करेगा और उनसे कोई फीस नहीं ली जाएगी।

    शिकायत मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कोच को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने क्रिकेट एकेडमी से जुड़े दस्तावेज, रजिस्टर और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं अन्य बच्चे भी इस शोषण का शिकार तो नहीं हुए।

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मामलों में बच्चों की पहचान गोपनीय रखी जा रही है और पीड़ित परिवार को हर संभव कानूनी व मानसिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को किसी भी कोचिंग या एकेडमी में भेजते समय सतर्क रहें और बच्चों के व्यवहार में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें।

    यह मामला न सिर्फ खेल जगत बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उनके सपनों का फायदा उठाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।

  • राजपुर ब्लॉक के सिकंदरा में बढ़ी ठंड: डीएम के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर अलाव व राहत व्यवस्था तेज

    राजपुर ब्लॉक के सिकंदरा में बढ़ी ठंड: डीएम के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर अलाव व राहत व्यवस्था तेज

    राजपुर ब्लॉक के सिकंदरा क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रात और सुबह के समय तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे खासकर गरीब, बुजुर्ग, महिलाएं और राहगीर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) के निर्देश पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।

    डीएम के आदेश के अनुपालन में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार ने सिकंदरा कस्बे एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, बाजार, चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अलाव जलवाने और ठंड से बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कहीं भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर पंचायत और संबंधित विभागों को नियमित रूप से अलाव जलाने, जरूरतमंदों को कंबल उपलब्ध कराने और खुले में रहने वाले लोगों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय कर्मचारियों को समय पर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

    एसडीएम ने बताया कि ठंड के मौसम में मानवीय दृष्टिकोण से राहत कार्य प्राथमिकता पर हैं। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर यदि ठंड से बचाव की व्यवस्था में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। तहसीलदार ने भी ग्राम पंचायत स्तर पर सतर्कता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है, हालांकि उनका कहना है कि ठंड लगातार बढ़ रही है, इसलिए राहत व्यवस्था को और व्यापक बनाए जाने की जरूरत है। खासतौर पर रात में अलाव की संख्या बढ़ाने और गरीब परिवारों तक कंबल पहुंचाने की मांग की जा रही है।

    प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में शीतलहर और कोहरे को देखते हुए आपात व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि कोई भी नागरिक ठंड की चपेट में न आए।

  • Right to Disconnect Bill 2025 क्या है? ऑफिस टाइम के बाद बॉस के कॉल-मैसेज से मिलेगी राहत

    Right to Disconnect Bill 2025 क्या है? ऑफिस टाइम के बाद बॉस के कॉल-मैसेज से मिलेगी राहत

    Right to Disconnect Bill 2025- नई दिल्ली | ऑफिस का काम खत्म होने के बाद भी लगातार आने वाले बॉस के फोन कॉल, व्हाट्सऐप मैसेज और ईमेल से परेशान कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में ‘राइट टू डिस्कनेक्ट बिल 2025’ पेश किया है। इस बिल का उद्देश्य कर्मचारियों को ऑफिस टाइम के बाद दफ्तर के मानसिक तनाव से मुक्त कराना और वर्क-लाइफ बैलेंस को मजबूत बनाना है।

    इस बिल के तहत कर्मचारियों को यह कानूनी अधिकार मिलेगा कि वे ऑफिस आवर के बाद या छुट्टियों के दौरान किसी भी काम से जुड़े कॉल, ईमेल या मैसेज का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं होंगे। अगर कोई कर्मचारी इन समयों में जवाब नहीं देता है, तो उसके खिलाफ कोई दंड, जुर्माना, वेतन कटौती या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।

    सुप्रिया सुले द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव का मकसद साफ है—कर्मचारी अपने निजी जीवन को बिना तनाव के जी सकें और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें। आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट के कारण कर्मचारी हर वक्त “ऑन-ड्यूटी” महसूस करने लगे हैं, जिससे तनाव और थकान तेजी से बढ़ रही है।

    एम्प्लॉयी वेलफेयर अथॉरिटी का प्रावधान

    राइट टू डिस्कनेक्ट बिल 2025 में एक महत्वपूर्ण प्रावधान ‘एम्प्लॉयी वेलफेयर अथॉरिटी’ के गठन का भी है। यह अथॉरिटी एक निगरानी संस्था के रूप में काम करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी कंपनी या संस्थान द्वारा कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन न किया जाए। यदि किसी कर्मचारी पर ऑफिस टाइम के बाद भी काम का दबाव डाला जाता है, तो वह इस अथॉरिटी के पास शिकायत दर्ज करा सकेगा।

    वर्क फ्रॉम होम में बढ़ा कर्मचारियों का शोषण

    कोविड-19 महामारी के बाद भारत समेत पूरी दुनिया में वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ा, लेकिन इसके साथ ही कर्मचारियों पर काम का दबाव भी कई गुना हो गया। ऑफिस आवर की स्पष्ट सीमा खत्म हो गई और कई कर्मचारी देर रात तक ऑनलाइन रहने को मजबूर हो गए। लगातार स्क्रीन के सामने रहने और हर समय उपलब्ध रहने की अपेक्षा ने मानसिक तनाव, डिप्रेशन और बर्नआउट जैसी समस्याओं को जन्म दिया।ऐसे में राइट टू डिस्कनेक्ट बिल 2025 को करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत और उनके मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

  • रायबरेली: सरकारी स्कूल में बच्चों से ईंटें ढुलवाई, वीडियो वायरल

    रायबरेली: सरकारी स्कूल में बच्चों से ईंटें ढुलवाई, वीडियो वायरल

    रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला वीडियो सामने आया है। अमावां ब्लॉक के संदी नागिन प्राथमिक विद्यालय में मासूम बच्चों से ईंटें ढुलवाकर इंटरलॉकिंग का काम करवाया जा रहा है। वीडियो में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि बच्चे भारी ईंटें उठाकर स्कूल परिसर में ले जा रहे हैं, और वहीं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रतिभा सिंह खुद उन्हें निर्देश देती दिखाई दे रही हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो सामने आने के बाद प्रधानाध्यापिका कैमरा देखते ही बच्चे को अंदर भेजने लगती हैं और वीडियो को डिलीट करने की गुजारिश करती भी नजर आती हैं। लेकिन तब तक पूरा मामला रिकॉर्ड हो चुका था और अब लोगों में भारी आक्रोश है।

    स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में बच्चों को श्रम करवाना न केवल गैरकानूनी है बल्कि बच्चों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। बच्चों को पढ़ाई के बजाय मजदूरी जैसे कार्यों में लगाने से शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आती है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    बाल श्रम कानून के मुताबिक, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का श्रम कराना अपराध है, और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि एक सरकारी विद्यालय में यह सब कैसे और किसकी अनुमति से हो रहा था?

    जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी अब मामले की जांच में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में लापरवाही साफ दिख रही है, और विभाग जल्द ही प्रधानाध्यापिका के खिलाफ सस्पेंशन समेत गंभीर कार्रवाई कर सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

    इस शर्मनाक घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिक्षा विभाग इस मामले में कितना सख्त कदम उठाता है।

  • दतिया में अवैध रेत ट्रैक्टर ने महिला को मारी टक्कर, हंगामा

    दतिया में अवैध रेत ट्रैक्टर ने महिला को मारी टक्कर, हंगामा

    दतिया मप्र रिपोर्ट लोकेश मिश्रा। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में अवैध रेत परिवहन एक बार फिर बड़ी घटना का कारण बन गया। भाण्डेर थाना क्षेत्र की बिछौदना चौकी अंतर्गत गुरुवार सुबह अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर ने एक महिला को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत ट्रैक्टर व चालक को मौके पर घेर लिया और हादसे की सूचना पुलिस व खनिज विभाग को दी।

    घायल महिला की पहचान सुकोरती देवी, पति दुर्गा प्रसाद दौरे, निवासी बिछौदना के रूप में हुई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया। ग्रामीणों द्वारा रोके गए ट्रैक्टर की जांच में बड़ा खुलासा हुआ—ट्रैक्टर बिना रॉयल्टी के चल रहा था और अवैध रूप से रेत ढोने का कार्य लगातार कर रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, ट्रैक्टर कथित रूप से पुष्पेन्द्र रजक का बताया जा रहा है, जो सालोन और खिरिया क्षेत्र से रेत भरकर अवैध परिवहन करता है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है, और इसके पीछे पुलिस व रेत माफिया की मिलीभगत भी शामिल बताई जा रही है।

    मौके पर दतिया खनिज विभाग की टीम, भाण्डेर थाना पुलिस और बिछौदना चौकी पुलिस पहुंची तथा ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर स्थानीय पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया। मामला सामने आने के बाद रेत माफिया पर कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रेत परिवहन के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं। कुछ समय पहले इसी तरह की घटना में एक बच्ची की मौत हुई थी, लेकिन इसके बावजूद रेत माफिया बेखौफ तरीके से सक्रिय हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पुलिस सख्ती करती तो आज यह हादसा नहीं होता।

    हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
    अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या कार्रवाई करता है—क्या रेत माफिया पर कड़ी कार्रवाई होगी या फिर अवैध ट्रैक्टर यूँ ही सड़कों पर दौड़ते रहेंगे।

  • Meerut Rape Case : बलात्कार पीड़िता को न्याय नहीं, मेडिकल थाना पुलिस पर लापरवाही के आरोप

    Meerut Rape Case : बलात्कार पीड़िता को न्याय नहीं, मेडिकल थाना पुलिस पर लापरवाही के आरोप

    Meerut Rape Case मेडिकल थाना क्षेत्र में एक युवती के यौन शोषण और बलात्कार के गंभीर आरोपों के मामले में कार्रवाई न होने को लेकर पीड़िता के परिजन भड़क गए हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इसी विरोध में गुरुवार को परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे और धरना देकर न्याय की मांग की।

    परिजनों ने बताया कि युवती ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का दावा है कि मेडिकल थाना पुलिस न केवल कार्रवाई में देरी कर रही बल्कि आरोपियों को संरक्षण भी मिल रहा है, जिससे पीड़िता और उसके परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।

    एसएसपी कार्यालय परिसर में बैठकर परिजनों ने जोरदार विरोध जताया। उनका कहना है कि इतने गंभीर अपराध के बाद भी पुलिस की धीमी कार्रवाई समझ से परे है। परिजनों ने कहा कि जब तक मामले में गिरफ्तारी नहीं होती और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने पर बैठी पीड़िता की मां ने कहा कि “हमारी बेटी के साथ घोर अन्याय हुआ है, लेकिन पुलिस आरोपी पक्ष के दबाव में काम कर रही है। हम न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे।”

    वहीं, एसएसपी दफ्तर में मौजूद अधिकारियों ने परिजनों की शिकायत सुनी और मामले की जांच के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी।
    इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में कानून व्यवस्था को लेकर विश्वास बना रहे।

  • अयोध्या: सर्दियों में रामलला की विशेष सेवा,अंगीठी से ताप, गुनगुना जल और तिल के लड्डू से होती देखभाल

    अयोध्या: सर्दियों में रामलला की विशेष सेवा,अंगीठी से ताप, गुनगुना जल और तिल के लड्डू से होती देखभाल

    अयोध्या में कड़ाके की सर्दी शुरू होते ही श्रीराम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला की विशेष शीतकालीन सेवा शुरू कर दी गई है। मंदिर प्रशासन बाल स्वरूप भगवान की तरह उनकी देखरेख कर रहा है, ताकि ठंड का कोई असर उन पर न पड़े। तापमान गिरते ही रामलला के लिए पूजा-अर्चना के साथ उनकी दैनिक दिनचर्या में भी कई बदलाव किए गए हैं।

    अंगीठी के सामने बैठाकर दी जा रही गर्माहट

    मंदिर के पुजारियों ने बताया कि रामलला के गर्भगृह में हल्की अंगीठी जलाई जाती है, जिससे आसपास का तापमान संतुलित बना रहे और सर्द हवा का प्रभाव कम हो। यह व्यवस्था खासकर सुबह और रात के समय की जाती है। ठंडी हवाओं में बालक स्वरूप रामलला को ठंड न लगे, इसलिए यह परंपरा हर वर्ष कड़ाके की ठंड में निभाई जाती है।

    गुनगुने पानी से स्नान और मखमली वस्त्रों से सजावट

    सर्दियों में रामलला को गुनगुने पानी से स्नान कराया जाता है। पुजारी बताते हैं कि बालक रूप होने के कारण उनके स्वास्थ्य की विशेष देखभाल आवश्यक है। स्नान के बाद उन्हें मखमल, ऊनी पोशाक और गरम अलंकरण पहनाए जाते हैं ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।रामलला की रात्रि वेशभूषा भी सर्दी के मौसम के अनुरूप बदल दी गई है। मुलायम ऊनी शाल, गर्म टोपी और मखमली बिस्तर उनकी आराम व्यवस्था का हिस्सा हैं।

    तिल के लड्डू और गर्माहट देने वाला प्रसाद

    सर्दियों में ऊर्जा और ऊष्मा प्रदान करने के लिए रामलला को विशेष रूप से तिल के लड्डू, गुड़, मूंगफली और देसी घी से बने प्रसाद अर्पित किए जाते हैं। तिल और गुड़ सर्दी में शरीर को गर्म रखने के पारंपरिक उपाय हैं, इसलिए इन्हें भगवान के भोग में शामिल किया जाता है।

    नींद का समय 30 मिनट बढ़ाया गया

    मंदिर प्रशासन के अनुसार ठंड बढ़ने के बाद रामलला को प्रतिदिन न्यूनतम 30 मिनट अतिरिक्त विश्राम कराया जा रहा है। ठंड में शरीर को अधिक आराम की आवश्यकता होती है—इसी कारण उनकी दिनचर्या में बदलावा किया गया है।
    जागर कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में भी पुजारियों ने भगवान के आराम के समय का विशेष ध्यान रखने की व्यवस्था की है।

    सर्दियों में विशेष देखरेख की ऐतिहासिक परंपरा

    पुजारियों का कहना है कि सर्दियों में भगवान को ठंड से बचाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। बालक रूप में भगवान की सेवा-विधि उनके आराम, भोजन, वस्त्र और तापमान के अनुरूप तय की जाती है।
    अयोध्या में मौजूदा ठंड के दौर में रामलला की यह सेवा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र भी बनी हुई है।

  • वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज की शाही घुड़चड़ी, 5 दिसंबर को जयपुर में रचाएंगे विवाह

    वृंदावन के कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज की शाही घुड़चड़ी, 5 दिसंबर को जयपुर में रचाएंगे विवाह

    वृंदावन/जयपुर। प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज 5 दिसंबर को जयपुर के एक प्रतिष्ठित होटल में विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। शादी से पहले उनकी घुड़चड़ी वृंदावन में बेहद धूमधाम और शाही अंदाज़ में निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया। सोशल मीडिया पर इंद्रेश महाराज की शाही सवारी के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

    घुड़चड़ी का पारंपरिक आयोजन सुबह से ही शुरू हो गया था। बैंड-बाजा, ढोल-नगाड़ों की गूंज और जगह-जगह पर सजावट देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कोई भव्य पर्व मनाया जा रहा हो। इंद्रेश उपाध्याय महाराज पारंपरिक पोशाक में सज-धजकर श्वेत घोड़ी पर सवार हुए। उनके आगे-पीछे बड़ी संख्या में श्रद्धालु, भक्त और स्थानीय लोग नजर आए, जो नाचते-गाते बारात का हिस्सा बने।

    इस दौरान सबसे आकर्षक पहलू रहा हाथी की सवारी का प्रयोग, जिसने इस घुड़चड़ी को और अधिक राजसी बना दिया। बारात में शामिल लोगों ने हाथी के आगे-पीछे चलकर भव्यता का अनोखा माहौल तैयार किया। पूरे आयोजन में राजस्थान और ब्रज संस्कृति की झलक देखने को मिली। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग—सभी इस शाही जुलूस को देखने के लिए सड़क के किनारे जमा थे।

    घुड़चड़ी के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने मिठाई और फूल-मालाओं से बारातियों का स्वागत किया। जुलूस में शामिल भक्तों का कहना था कि उन्हें इस पल का लंबे समय से इंतज़ार था। इंद्रेश महाराज के भक्तों के लिए यह विवाह समारोह किसी आध्यात्मिक उत्सव से कम नहीं है।

    बताया जा रहा है कि जयपुर के होटल ताज आमेर में 5 दिसंबर को विवाह की सभी रस्में संपन्न होंगी। शादी के लिए विशेष रूप से ब्रज और राजस्थानी परंपराओं का मिश्रण करते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं। विवाह समारोह में देशभर से बड़ी संख्या में संत, भक्त और सामाजिक हस्तियां शामिल होने की संभावना है।इंद्रेश उपाध्याय महाराज सोशल मीडिया पर युवाओं के बीच विशेष लोकप्रिय हैं। उनका विवाह और उससे जुड़ी रस्मों के वीडियो तेजी से फैल रहे हैं, और हर प्लेटफ़ॉर्म पर इन्हें लाखों व्यूज़ मिल रहे हैं।शाही घुड़चड़ी ने न सिर्फ श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, बल्कि वृंदावन में खुशी और उमंग का अनोखा वातावरण भी पैदा कर दिया। अब सभी की नज़रें 5 दिसंबर को होने वाली भव्य शादी पर टिकी हैं।

  • कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    कानपुर देहात में NIA की बड़ी कार्रवाई: कमलकांत वर्मा के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा | कानपुर देहात कानपुर देहात में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम बम निरोधक दस्ता और औरैया पुलिस के साथ जिले में दाखिल हुई। टीम ने कानपुर–झांसी हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह पेट्रोल पंप कमलकांत वर्मा का बताया जा रहा है, जिनके खिलाफ कई गंभीर आरोप और पुराने मामले दर्ज हैं।

    सुबह-सुबह पेट्रोल पंप पर पहुंची NIA की टीम

    सुबह करीब 7 बजे NIA की टीम अचानक पेट्रोल पंप पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया। बम निरोधक दस्ते ने पेट्रोल पंप के हर हिस्से की गहन जांच की। इस दौरान कर्मचारियों और मैनेजर को हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की गई। जांच पूरी होने के बाद NIA टीम पेट्रोल पंप मैनेजर को अपने साथ ले गई।

    औरैया व कानपुर देहात में 15 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

    सूत्रों के मुताबिक, कमलकांत वर्मा के औरैया तथा कानपुर देहात में कुल 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी जारी है। औरैया के स्थानीय प्रतिष्ठानों पर भी NIA की टीमें सर्च ऑपरेशन कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कमलकांत वर्मा पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में जेल भी जा चुका है।

    सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के तहत की जा रही है। NIA को संदेह है कि कुछ नए इनपुट मिलने के बाद कमलकांत वर्मा की गतिविधियों पर शिकंजा कसना जरूरी हो गया था।

    हथियार तस्करी से जुड़ा बड़ा मामला होने की आशंका

    बम निरोधक दस्ता की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है। छापेमारी के दौरान टीम ने पेट्रोल पंप के एक-एक कोने की तलाशी ली, CCTV फुटेज की जांच की और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले।

    कमलकांत वर्मा का इतिहास भी NIA की रडार को और मजबूत करता है। वह पहले भी पंजाब की जेल में हथियार तस्करी के मामले में सजा काट चुका है। अब दोबारा उसके ठिकानों पर कार्रवाई होने से यह साफ है कि उसके खिलाफ गंभीर सबूत मिले हैं।

    फिलहाल जांच जारी

    NIA की कार्रवाई देर रात से लगातार जारी है और अभी और ठिकानों पर भी दस्तक दी जा सकती है। टीम की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के आधार पर यह साफ माना जा रहा है कि मामला हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

  • कौशांबी में अनोखा मामला: मौसी के रिश्ते वाली लड़की से प्रेमी ने रचाई शादी, पुलिस की पहल बनी वजह

    कौशांबी में अनोखा मामला: मौसी के रिश्ते वाली लड़की से प्रेमी ने रचाई शादी, पुलिस की पहल बनी वजह

    कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक अनोखा और चर्चा में आने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रेमी जोड़े ने सभी सामाजिक बंधनों को दरकिनार करते हुए मंदिर में शादी रचा ली। खास बात यह है कि लड़की, लड़के की रिश्ते में मौसी लगती थी, जिसके कारण दोनों परिवार इस विवाह के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन पुलिस हस्तक्षेप और दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद यह विवाह संभव हो पाया।

    मोहब्बतपुर पइंसा थाना क्षेत्र के रहने वाले 24 वर्षीय कृष्णा कुमार और चित्रकूट की रहने वाली संजना देवी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों कई वर्षों से शादी करना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक नाराजगी और सामाजिक रिश्ते की वजह से उन्हें लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा था। रिश्ते के चलते परिवार इस विवाह को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे, जिससे प्रेमी जोड़ा काफी परेशान था।

    इसी तनाव के चलते, संजना देवी ने उदिहीन खुर्द चौकी पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को चौकी पर बुलाया और विस्तृत बातचीत कराई। पुलिस के समझाने और माहौल को शांत करवाने के बाद आखिरकार दोनों परिवार शादी के लिए तैयार हो गए।

    इसके बाद चौकी के ठीक बगल में स्थित मंदिर में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुआ। कृष्णा कुमार और संजना ने एक-दूसरे को माला पहनाई और कृष्णा ने संजना को मंगलसूत्र पहनाकर अपने संबंध को आधिकारिक रूप दिया। इस दौरान मंदिर परिसर में डीजे और बाजे का भी आयोजन किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह शादी समारोह में बदल गया। प्रेमी जोड़े ने पारंपरिक फेरे लेकर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की।

    इस अनोखे विवाह ने स्थानीय क्षेत्र में खूब चर्चा बटोरी है। जहां एक ओर सामाजिक रिश्तों के कारण यह शादी मुश्किल में थी, वहीं पुलिस की पहल और संवाद से मामला खुशी में बदल गया।

    कौशांबी के इस मामले ने यह भी दिखाया है कि सही प्रयास और शांतिपूर्ण संवाद से सबसे कठिन सामाजिक विरोध भी हल किए जा सकते हैं।