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  • KGMU विवाद: अपर्णा यादव से झड़प के बाद डॉक्टर और कर्मचारी आर-पार, हड़ताल और OPD बंद करने की चेतावनी

    KGMU विवाद: अपर्णा यादव से झड़प के बाद डॉक्टर और कर्मचारी आर-पार, हड़ताल और OPD बंद करने की चेतावनी

    KGMU विवाद : राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में चल रहा महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और लव जिहाद का मामला अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। KGMU विवाद ने सोमवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष अपर्णा यादव की टीम और यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों व कर्मचारियों के बीच तीखी झड़प और बहस हो गई। इस घटना के बाद केजीएमयू में तनाव का माहौल है और डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने के साथ ही ओपीडी सेवाएं बंद करने की चेतावनी दे दी है।

    यह पूरा विवाद डॉक्टर रमीज से जुड़े कथित धर्मांतरण प्रकरण से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद द्वारा इस मामले पर आयोजित की जाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले अपर्णा यादव के समर्थकों और केजीएमयू के डॉक्टरों व कर्मचारियों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। इस घटना से पूरे मेडिकल कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि बाहरी हस्तक्षेप से संस्थान की गरिमा और स्वायत्तता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि संवेदनशील मामले में बिना समन्वय के दबाव बनाने की कोशिश की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। KGMU विवाद को लेकर डॉक्टर संगठनों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों और आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे हड़ताल और ओपीडी सेवाएं बंद करने जैसे कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

    वहीं दूसरी ओर, यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता दिख रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम में ‘फेवरेट’ बनने की कोशिश से जुड़ा है। अपर्णा यादव, जो समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की बहू हैं, ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थामा था। हालांकि, पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें न तो लोकसभा चुनाव में टिकट मिला और न ही महिला आयोग की अध्यक्ष जैसे किसी संवैधानिक पद पर नियुक्ति हुई।

    अब 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि KGMU विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में हुई झड़प और बयानबाजी अपर्णा यादव की राजनीतिक छवि और महत्वाकांक्षा पर असर डाल सकती है। फिलहाल, पूरे मामले पर प्रशासन और सरकार की नजर बनी हुई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है।

  • Monalisa: महाकुंभ में माला बेचने वाली मोनालिसा बनी स्टार, पहली फिल्म का ऐलान “द डायरी ऑफ मणिपुर”

    Monalisa: महाकुंभ में माला बेचने वाली मोनालिसा बनी स्टार, पहली फिल्म का ऐलान “द डायरी ऑफ मणिपुर”

    Monalisa: महाकुंभ में माला बेचने वाली मोनालिसा आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। कभी धार्मिक मेले में श्रद्धालुओं को माला बेचने वाली यह साधारण लड़की अब फिल्मी दुनिया में कदम रखने जा रही है। महाकुंभ की माला बेचने वाली मोनालिसा की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो यह साबित करती है कि किस्मत कब और कैसे बदल जाए, कोई नहीं जानता।

    महाकुंभ के दौरान मोनालिसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उनकी सादगी, आत्मविश्वास और अलग पहचान ने लोगों का ध्यान खींचा। देखते ही देखते वह सोशल मीडिया सेंसेशन बन गईं और यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया। महाकुंभ की माला बेचने वाली मोनालिसा को ऐसे मौके मिले, जिनकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

    अब मोनालिसा अपनी पहली फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” के जरिए अभिनय की दुनिया में डेब्यू करने जा रही हैं। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं और प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित हैं। फिल्म से जुड़े लोगों के अनुसार, मोनालिसा का किरदार कहानी में अहम भूमिका निभाएगा और दर्शकों को उनकी सादगी व अभिनय का नया रूप देखने को मिलेगा।

    कभी साधारण जीवन जीने वाली मोनालिसा अब लग्जरी लाइफस्टाइल में नजर आ रही हैं। शूटिंग के सिलसिले में वह हेलिकॉप्टर से यात्रा कर रही हैं और कहा जा रहा है कि वह अब करोड़ों की संपत्ति की मालिक बन चुकी हैं। महाकुंभ की माला बेचने वाली मोनालिसा के लिए यह सब किसी सपने से कम नहीं है।

    मोनालिसा की कहानी संघर्ष, मेहनत और किस्मत के अनोखे मेल की मिसाल है। उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उनकी पहचान महाकुंभ से निकलकर फिल्मी दुनिया तक पहुंचेगी। आज वह न सिर्फ खुद के लिए, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद बन गई हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

    यह कहानी बताती है कि अवसर हर किसी के जीवन में आता है, बस जरूरत होती है उसे पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की। मोनालिसा का यह सफर आने वाले समय में और भी लोगों को प्रेरित करता रहेगा।

  • हमीरपुर : डीएम के निर्देश पर गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम,ठंड से बचाव के लिए प्रशासनिक पहल

    हमीरपुर : डीएम के निर्देश पर गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम,ठंड से बचाव के लिए प्रशासनिक पहल

    संवाददाता प्रवीण कुमार मिश्रा हमीरपुर जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देशानुसार जनपद की सरीला तहसील के विकासखंड गोहांड में गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी सरीला बलराम गुप्ता ने की, जिसमें जिले के विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत, राठ विधायक मनीषा अनुरागी, गोहद नगर पंचायत अध्यक्ष अनीता सत्येंद्र राजपूत और पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुकेश राजपूत ने सक्रिय भूमिका निभाई और जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार ठंड से बचाव के लिए यह पहल समय पर जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।

    कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने कंबल वितरण के साथ-साथ गरीब और असहाय परिवारों की स्थिति का आंकलन भी किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के गोहांड में कंबल वितरण अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि सर्दियों के दौरान किसी को भी ठंड से राहत न मिले। इसके अलावा, प्रशासन स्थानीय स्तर पर जरूरतमंदों की सूची तैयार कर उनकी मदद सुनिश्चित करेगा।

    एसडीएम बलराम गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का संयुक्त प्रयास ही ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करता है। उन्होंने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।

    इस दौरान कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि गोहांड में कंबल वितरण केवल एक राहत कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा और जनसुरक्षा की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम का यह स्वरूप लोगों में सकारात्मक संदेश भी पहुँचाता है और जरूरतमंदों में आशा और सुरक्षा की भावना जगाता है।

    अधिकारियों ने बताया कि ठंड से राहत अभियान लगातार जारी रहेगा और आगामी सर्दियों में भी गोहांड के विभिन्न गांवों में कंबल वितरण, गर्म कपड़े और आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया जाएगा। इस पहल से न केवल ठंड से सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सामाजिक एकता और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ेगा।

    गोहांड में कंबल वितरण कार्यक्रम ने दिखाया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से समाज के कमजोर वर्ग तक समय पर राहत पहुंचाई जा सकती है। इस तरह के पहल से सरीला तहसील और गोहांड विकासखंड के लोग सर्दियों के मौसम में सुरक्षित और संरक्षित रह सकेंगे।

  • Afghan girl Shiv bhakt : शिव की भक्त अफगानिस्तानी हसीना सदफ, मुस्लिम नाम में जोड़ा ‘शंकर’, बनना चाहती हैं हिंदुस्तानी बहू

    Afghan girl Shiv bhakt : शिव की भक्त अफगानिस्तानी हसीना सदफ, मुस्लिम नाम में जोड़ा ‘शंकर’, बनना चाहती हैं हिंदुस्तानी बहू

    Afghan girl Shiv bhakt : नई दिल्ली/एंटरटेनमेंट डेस्क:टीवी रियलिटी शो Splitsvilla 16 में एक अफगानिस्तानी कंटेस्टेंट इन दिनों चर्चा में बनी हुई हैं। अफगानिस्तान की रहने वाली सदफ न सिर्फ अपने बेबाक अंदाज़ बल्कि अपनी आस्था को लेकर दिए बयान के कारण भी सुर्खियों में हैं। सदफ पिछले 10 वर्षों से भारत में रह रही हैं और उन्होंने खुलकर कहा है कि वह किसी हिंदुस्तानी लड़के की दुल्हन बनना चाहती हैं

    मुस्लिम नाम के साथ ‘शंकर’ क्यों?

    शो के दौरान जब होस्ट करण कुंद्रा ने सदफ के नाम को लेकर सवाल किया, तो वह भी कुछ देर के लिए कंफ्यूज नजर आए। करण ने पूछा कि मुस्लिम होने के बावजूद वह अपने नाम के साथ ‘शंकर’ सरनेम क्यों लगाती हैं?इस पर सदफ ने जो जवाब दिया, उसने सभी का ध्यान खींच लिया।

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    शिव भक्ति से जुड़ा है नाम

    सदफ ने बताया कि वह भगवान शिव की बड़ी भक्त हैं और शिव पर उनकी गहरी आस्था है। उन्होंने कहा कि शिव उन्हें शक्ति, शांति और जीवन का रास्ता दिखाते हैं। इसी आस्था के कारण उन्होंने अपने नाम के साथ ‘शंकर’ जोड़ लिया है।

    सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा

    सदफ का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग उनकी आस्था और खुले विचारों की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ इसे लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। हालांकि, सदफ साफ कहती हैं कि आस्था किसी धर्म की मोहताज नहीं होती

  • कानपुर: बिल्हौर थाने में Bjp विधायक राहुल बच्चा सोनकर का बयान,”मस्जिदों में सूअर का मांस न मिले तो नाम बदल देना”

    कानपुर: बिल्हौर थाने में Bjp विधायक राहुल बच्चा सोनकर का बयान,”मस्जिदों में सूअर का मांस न मिले तो नाम बदल देना”

    कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिल्हौर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राहुल बच्चा सोनकर सोमवार देर रात बिल्हौर थाने पहुंचे, जहां उनका अंदाज़ और बयान चर्चा का विषय बन गया। थाने के अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान विधायक ने जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, उसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

    थाने में विधायक का तीखा तेवर

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक राहुल बच्चा सोनकर देर रात बिल्हौर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस कई लोगों को ठीक से नहीं जानती क्योंकि वह केवल ऑफिस में बैठकर नौकरी कर रही है। विधायक ने यह भी कहा कि उनका इतिहास भी “बहुत गंदा” रहा है और वे खुद को पूरी तरह साफ छवि वाला व्यक्ति नहीं मानते, जितना लोग समझते हैं

    बयान का वीडियो और चर्चा

    विधायक के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी और विधायक पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर विधायक राहुल बच्चा बिल्हौर थाने पहुंचे और इलाके के पूरे मस्जिदों में सूअर का मांस फेंकने की धमकी दे डाली. इस मामले में जानवरों की कटाई करने वाली रहमान कुरैशी की फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया गया है. साथ ही प्रतिबंधित मांस की तस्करी करने के आरोप में 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है.

    फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और मांस के अवशेषों के सैंपल को जांच करने के लिए कलेक्ट किया.वहीं, इस मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार एडीसीपी कपिल देव सिंह मौके पर पहुँचे. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने गौ वंस वाले मामले में लापरवाही बरतने पर चार पुलिस कर्मियों निलंबित कर दिया है. बिल्हौर इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ,चौकी इंचार्ज प्रेमवीर, हल्का इंचार्ज आफताब आलम हेड कांस्टेबल दिलीप गंगवार को इस मामले में निलंबित किया गया है.

  • बहराइच: खुद को प्रमुख सचिव बताने वाला फर्जी अफसर गिरफ्तार, नेपाल कसीनो जाने की थी तैयारी

    बहराइच: खुद को प्रमुख सचिव बताने वाला फर्जी अफसर गिरफ्तार, नेपाल कसीनो जाने की थी तैयारी

    बहराइच उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स खुद को यूपी सरकार का प्रमुख सचिव बताकर लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा कार से नेपाल में कसीनो खेलने जा रहा था। लेकिन भारत-नेपाल सीमा पर बहराइच जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे और उसके चार साथियों को पकड़ लिया।

    प्रमुख सचिव बनकर दिखा रहा था रौब

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह अपनी इनोवा कार पर लाल-नीली बत्ती लगाकर खुद को यूपी सरकार का बड़ा अधिकारी बताता था। उसके साथ कार में मौजूद चार अन्य युवक—शुभम बाजपेई, अनमोल यादव, सचिन सिंह और स्वप्निल सहाय—भी इसी झूठी पहचान के सहारे सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे।

    नेपाल में कसीनो खेलने की थी प्लानिंग

    जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी नेपाल जाकर वहां के कसीनो में जुआ खेलने की योजना बना रहे थे। सरकारी अफसर होने का झांसा देकर वे चेकिंग से बचना चाहते थे, लेकिन बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा बलों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं।

    भारत-नेपाल बॉर्डर पर ऐसे खुली पोल

    बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा पर जब वाहन की गहन जांच की गई तो न तो कोई सरकारी दस्तावेज मिला और न ही किसी तरह का आधिकारिक पहचान पत्र। पूछताछ में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया।

    फर्जीवाड़ा और सरकारी प्रतीकों के दुरुपयोग का मामला

    पुलिस का कहना है कि यह मामला न सिर्फ फर्जी पहचान का है, बल्कि सरकारी पद और प्रतीकों के दुरुपयोग से भी जुड़ा है। लाल-नीली बत्ती का इस्तेमाल कर आम जनता और प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की गई।

    आरोपियों से पूछताछ जारी

    फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले वे इस तरह की हरकतें और कहां-कहां कर चुके हैं। पुलिस ने इनोवा कार को भी जब्त कर लिया है।

    प्रशासन की सख्ती

    इस घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी अफसर बनकर सरकारी रुतबे का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीमा क्षेत्रों में चेकिंग और कड़ी की जा सकती है।

  • रायबरेली में गूगल से मंदिर खोजकर घंटा चोरी करने वाला गैंग गिरफ्तार, 3 क्विंटल से ज्यादा घंटे बरामद

    रायबरेली में गूगल से मंदिर खोजकर घंटा चोरी करने वाला गैंग गिरफ्तार, 3 क्विंटल से ज्यादा घंटे बरामद

    रायबरेली।डिजिटल जमाने में अपराध के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। रायबरेली पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो गूगल सर्च और लोकेशन के जरिए मंदिरों की पहचान कर वहां से घंटे चोरी करता था। इस गिरोह का मुखिया मध्य प्रदेश के भिंड जिले का रहने वाला है, जो किसी भी नए शहर में पहुंचते ही पहले वहां के प्रमुख मंदिरों को ऑनलाइन सर्च करता था।


    गूगल लोकेशन से मंदिर चिन्हित कर देते थे वारदात को अंजाम

    पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य किसी भी जिले में जाने से पहले गूगल मैप और सर्च इंजन के माध्यम से प्रमुख और पुराने मंदिरों की लोकेशन निकालते थे। इसके बाद रात के समय मंदिर पहुंचकर वहां लगे भारी-भरकम घंटों को चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद ये लोग तेजी से जिला छोड़ देते थे, जिससे पुलिस को इनके बारे में सुराग मिलने में दिक्कत होती थी।


    पुलिस चेकिंग से बचने का अनोखा तरीका

    इस गैंग की एक खास रणनीति यह भी थी कि ये अपने साथ एक महिला को रखते थे। पुलिस चेकिंग के दौरान महिला को बीमार बताकर वाहन को बिना ज्यादा जांच के निकलवा लिया जाता था। इसी चाल के कारण यह गिरोह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।


    स्थानीय लोगों की मिलीभगत भी आई सामने

    पुलिस के अनुसार, गैर जनपद से आए इस गिरोह ने रायबरेली के दो स्थानीय लोगों को भी अपने साथ मिला लिया था। इनकी मदद से गिरोह को मंदिरों की जानकारी, रास्तों और इलाके की स्थिति समझने में आसानी होती थी। हाल ही में गिरोह ने जगतपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मंदिर को निशाना बनाया था, जहां से कई घंटे चोरी किए गए थे।


    संयुक्त कार्रवाई में गिरोह गिरफ्तार

    घटना के खुलासे के बाद जगतपुर थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को ऊंचाहार क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 3 क्विंटल से अधिक मंदिर के घंटे और एक चार पहिया वाहन बरामद किया है।


    अन्य जिलों में भी कर चुके हैं वारदात

    रायबरेली के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने उन्नाव जिले में भी मंदिरों से घंटे चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। अन्य जिलों में हुई चोरी की वारदातों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।


    डिजिटल साधनों से अपराध पर पुलिस की नजर

    इस मामले ने साफ कर दिया है कि अपराधी अब तकनीक का सहारा लेकर वारदात कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर अब डिजिटल निगरानी और स्थानीय स्तर पर सतर्कता और बढ़ाई जाएगी।

  • यूपी के कानपुर में शर्मनाक वारदात, अंधविश्वास की आड़ में गैंगरेप

    यूपी के कानपुर में शर्मनाक वारदात, अंधविश्वास की आड़ में गैंगरेप

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक युवती के मौसा ने ही विश्वासघात करते हुए उसे तांत्रिक के पास ले जाकर दरिंदगी का शिकार बनाया। आरोप है कि मौसा और तांत्रिक ने मिलकर युवती के साथ गैंगरेप किया।

    पीड़िता के अनुसार, मौसा ने उसे किसी समस्या के समाधान और तांत्रिक क्रिया के बहाने वहां ले गया। अंधविश्वास का फायदा उठाकर पहले उसे डराया गया और फिर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर निकली और परिजनों को आपबीती बताई।

    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

  • कानपुर देहात के अकबरपुर में अनोखा खिचड़ी भोज, पैर छूकर खिला रहे ‘रवि उर्फ ज्ञानी’

    कानपुर देहात के अकबरपुर में अनोखा खिचड़ी भोज, पैर छूकर खिला रहे ‘रवि उर्फ ज्ञानी’

    कानपुर देहात (अकबरपुर):मकर संक्रांति के मौके पर जहां प्रदेशभर में खिचड़ी भोज के आयोजन हो रहे हैं, वहीं कानपुर देहात के अकबरपुर क्षेत्र में एक अलग ही अंदाज का खिचड़ी भोज लोगों का ध्यान खींच रहा है। यहां खिचड़ी भोज कराने वाले रवि उर्फ ज्ञानी न सिर्फ लोगों को भोजन करा रहे हैं, बल्कि राहगीरों के पैर छूकर उन्हें आदरपूर्वक खिचड़ी परोस रहे हैं

    इस अनोखे दृश्य को देखकर राह चलते लोग भी रुकने को मजबूर हो रहे हैं। जो भी इस आयोजन को देख रहा है, वह कुछ पल ठहरकर खिचड़ी का स्वाद ले रहा है और इस अनूठी पहल की सराहना कर रहा है।

    सेवा भाव से किया गया आयोजन

    रवि उर्फ ज्ञानी का कहना है कि यह कार्यक्रम सेवा और सम्मान की भावना से किया जा रहा है। उनका उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि समाज में आपसी सम्मान और विनम्रता का संदेश देना है। पैर छूकर खिचड़ी खिलाने का यह तरीका लोगों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ रहा है।

    राहगीरों में दिखा उत्साह

    खिचड़ी भोज स्थल पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही बनी रही। खास बात यह रही कि बिना किसी प्रचार के भी बड़ी संख्या में राहगीर और स्थानीय लोग यहां पहुंचते रहे। लोगों ने कहा कि उन्होंने ऐसा खिचड़ी भोज पहले कभी नहीं देखा।

  • IND vs NZ 1st ODI: कोहली–गिल की साझेदारी, हर्षित राणा की बहादुरी से भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया

    IND vs NZ 1st ODI: कोहली–गिल की साझेदारी, हर्षित राणा की बहादुरी से भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया

    IND vs NZ 1st ODI : भारत ने वडोदरा में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले डे-नाइट मुकाबले में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुश्किल विकेट पर 301 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने संयम, अनुभव और साहस का शानदार उदाहरण पेश किया।

    लक्ष्य का पीछा: संभली शुरुआत

    301 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत सतर्क रही। कप्तान रोहित शर्मा 19 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए, जिससे एक बार फिर भारतीय फैंस को चिंता हुई। लेकिन इसके बाद पूर्व कप्तान विराट कोहली और शुभमन गिल ने पारी को मजबूती दी।

    कोहली–गिल की मैच जिताऊ साझेदारी

    विराट कोहली (93 रन) और शुभमन गिल (53 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 118 रनों की अहम साझेदारी की। दोनों ने विकेट की धीमी प्रकृति को समझते हुए रिस्क कम लिया और सिंगल-डबल के जरिए स्कोरबोर्ड चलाया।
    कोहली दुर्भाग्यशाली रहे कि शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी पारी हालात के हिसाब से बेहद परिपक्व और निर्णायक रही। गिल ने भी अपने अर्धशतक से टीम को मजबूत आधार दिया।

    40वें ओवर के बाद बढ़ा तनाव

    जब जीत आसान लग रही थी, तभी 40 ओवर के आसपास भारत ने 10 रन के भीतर तीन विकेट गंवा दिए। अचानक बदले हालात ने स्टेडियम और टीवी स्क्रीन के सामने बैठे करोड़ों भारतीय फैंस की धड़कनें बढ़ा दीं।

    हर्षित राणा ने दिखाया दम

    दबाव के इस माहौल में नंबर सात पर उतरे हर्षित राणा ने कमाल की हिम्मत दिखाई। उन्होंने 23 गेंदों में 29 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 1 छक्का शामिल था।हर्षित राणा और केएल राहुल के बीच छठे विकेट के लिए हुई 37 रनों की साझेदारी मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

    केएल राहुल का संयम

    केएल राहुल ने एक छोर संभाले रखा और नाबाद 29 रन (21 गेंद) बनाकर टीम को जीत की ओर ले गए। अंत में वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 7 रन) ने राहुल का अच्छा साथ निभाया और भारत ने एक ओवर शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।


    🇳🇿 न्यूजीलैंड की पारी का हाल कॉनवे–निकोल्स की शानदार शुरुआत

    टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला भारतीय कप्तान शुभमन गिल के लिए आसान नहीं रहा। वडोदरा की पिच पर डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स ने धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी की।
    दोनों ने 21.4 ओवर में 117 रन जोड़कर न्यूजीलैंड को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    • डेवोन कॉनवे: 56 रन (67 गेंद)
    • हेनरी निकोल्स: 62 रन (69 गेंद)

    हर्षित राणा की गेंदबाजी से वापसी

    भारतीय टीम को वापसी दिलाने का काम हर्षित राणा ने किया। उन्होंने लगातार दो अहम विकेट लेकर न्यूजीलैंड की रन गति पर ब्रेक लगाया।हालांकि राणा थोड़े महंगे साबित हुए (10 ओवर, 65 रन), लेकिन उनके 2 विकेट मैच की दिशा बदलने वाले रहे।