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  • बांग्लादेश में फिर हिंदू युवक की हत्या, सुनामगंज में जॉय महापात्रो को पीटकर जहर देने का आरोप

    बांग्लादेश में फिर हिंदू युवक की हत्या, सुनामगंज में जॉय महापात्रो को पीटकर जहर देने का आरोप

    बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला 8 जनवरी का है, जब सुनामगंज जिले में एक हिंदू युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान जॉय महापात्रो के रूप में हुई है। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।परिजनों के अनुसार, जॉय महापात्रो को पहले बेरहमी से पीटा गया और उसके बाद स्थानीय निवासी अमीरुल इस्लाम ने उसे जबरन जहर पिला दिया। गंभीर हालत में जॉय को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और हिंदू समुदाय में डर और आक्रोश व्याप्त है।

    पहले मारपीट, फिर जहर देने का आरोप

    परिवार का कहना है कि जॉय को किसी विवाद के बहाने बुलाया गया था, जहां उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे जहरीला पदार्थ दिया गया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। परिजनों ने इस घटना को सुनियोजित हत्या करार दिया है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में इससे पहले भी हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती।

    अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले

    बांग्लादेश में बीते कुछ समय से हिंदू, बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कभी मंदिरों में तोड़फोड़, तो कभी व्यक्तिगत स्तर पर हिंसा की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। जॉय महापात्रो की हत्या को इसी सिलसिले की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

    भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

    भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी खतरा पैदा करती हैं।विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि अल्पसंख्यक समुदायों में सुरक्षा का भरोसा बहाल हो सके।

    जांच पर उठ रहे सवाल

    हालांकि स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन परिजनों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।जॉय महापात्रो की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस कर पा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि बांग्लादेश सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

  • कानपुर देहात में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: ‘नवाकांती सोसाइटी’ पर 10 साल से ईसाई बनाने का आरोप, तीन गिरफ्तार

    कानपुर देहात में धर्मांतरण का बड़ा खुलासा: ‘नवाकांती सोसाइटी’ पर 10 साल से ईसाई बनाने का आरोप, तीन गिरफ्तार

    कानपुर देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है। “नवाकांती सोसाइटी” नाम से संचालित एक संस्था पर आरोप है कि वह बीते करीब दस वर्षों से गरीब, असहाय और दलित समुदाय के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी।इस पूरे मामले की शिकायत राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस से की है, जो स्वयं लंबे समय तक इस संस्था से जुड़ा रहा और पहले ही धर्म परिवर्तन करा चुका था। राम भरोसे के अनुसार, शुरुआत में संस्था सामाजिक सेवा और रोजगार से जुड़े कामों का सहारा लेकर लोगों को जोड़ती थी, लेकिन धीरे-धीरे इन गतिविधियों का मकसद बदलता चला गया।

    प्रलोभन देकर बनाया जाता था नेटवर्क

    शिकायतकर्ता के मुताबिक, संस्था की ओर से सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, हेयर कटिंग, हैंडपंप लगवाने, घरेलू सामान और रोजगार दिलाने जैसे प्रलोभन दिए जाते थे। जो लोग नए लोगों को जोड़कर लाते थे, उन्हें हर महीने ₹6,000 तक देने का लालच भी दिया जाता था। इन्हीं लालचों के जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को बैठकों में बुलाया जाता था।

    बैठकों में बदल जाता था माहौल

    पीड़ितों का आरोप है कि शुरुआती बैठकों में सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन धीरे-धीरे बाइबल पढ़वाई जाती, ईसाई प्रार्थनाएं कराई जातीं और धर्म परिवर्तन के लिए कसम-वादे कराए जाते थे। कुछ बैठकों में सफेद पैंट-शर्ट पहने विदेशी नागरिकों की मौजूदगी भी देखी गई, जिससे पूरे नेटवर्क पर शक और गहराता चला गया।

    विरोध करने पर धमकियां

    पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब उन्होंने इन गतिविधियों पर सवाल उठाए या धर्म परिवर्तन से इनकार किया, तो उन्हें रुपये दुगने लौटाने और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। लगातार डर और दबाव के चलते आखिरकार उन्होंने पुलिस का सहारा लिया।

    कोतवाली से 500 मीटर दूर चलता रहा खेल

    सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह कथित गोरखधंधा अकबरपुर कोतवाली से महज 500 मीटर की दूरी पर करीब 10 वर्षों से चल रहा था, लेकिन अब तक पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की।पुलिस ने डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

    पुलिस जांच में जुटी

    फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बीते 10 वर्षों में कितने लोगों का धर्मांतरण कराया गया और इसके पीछे फंडिंग कहां से हो रही थी। सूत्रों के मुताबिक, हजारों लोगों के धर्म परिवर्तन की आशंका जताई जा रही है।

  • PM Modi Somnath Visit : पीएम मोदी—सोमनाथ का इतिहास विनाश नहीं, विजय और पुनर्निमाण का प्रतीक

    PM Modi Somnath Visit : पीएम मोदी—सोमनाथ का इतिहास विनाश नहीं, विजय और पुनर्निमाण का प्रतीक

    PM Modi Somnath Visit : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सोमनाथ धाम में आयोजित ‘स्वाभिमान पर्व’ में भाग लिया। शौर्य यात्रा में शामिल होने और भगवान सोमनाथ महादेव के दर्शन-पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निमाण का इतिहास है। यह हमारे पूर्वजों के पराक्रम, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आक्रांताओं ने बार-बार इस पवित्र धाम को नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन हर युग में सोमनाथ फिर से खड़ा हुआ

    पीएम मोदी ने कहा,“आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तो बार-बार मन में यह प्रश्न उठता है कि ठीक 1000 वर्ष पहले इसी स्थान पर क्या माहौल रहा होगा। अपनी आस्था, अपने विश्वास और अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।”प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 1000 साल पहले आक्रांताओं को लगा था कि उन्होंने सब कुछ नष्ट कर दिया, लेकिन आज भी सोमनाथ मंदिर पर लहराती ध्वजा पूरी दुनिया को भारत की शक्ति और सामर्थ्य का संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का कण-कण वीरता, साहस और आत्मबल का साक्षी है

    पीएम मोदी ने इस आयोजन को गर्व, गरिमा और गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें भारत की वैभवशाली विरासत, अध्यात्म की अनुभूति और महादेव का आशीर्वाद समाहित है। यह आयोजन न केवल इतिहास को स्मरण करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वाभिमान और आत्मगौरव का संदेश भी देता है।

  • मथुरा: वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में लगी आग, शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा कारण

    मथुरा: वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में लगी आग, शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा कारण

    उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट में बीती रात आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में फ्लैट के अंदर रखा काफी सामान जलकर खाक हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय प्रेमानंद जी महाराज फ्लैट में मौजूद नहीं थे।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग लगने के वक्त प्रेमानंद जी महाराज अपने आश्रम में थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और स्थानीय स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। घटना की जानकारी संबंधित प्रशासन और विद्युत विभाग को भी दी गई है। आग पर काबू पाने के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।

    फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है, ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके। वृंदावन जैसे धार्मिक स्थल पर हुई इस घटना के बाद सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।

  • Cold Wave : नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8 तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद

    Cold Wave : नोएडा-ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8 तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद

    Cold Wave : देशभर के कई राज्यों में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर अब आम जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। लगातार गिरते तापमान और ठंड से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए कई राज्यों के जिला प्रशासन ने विंटर वेकेशन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

    नोएडा-ग्रेटर नोएडा में स्कूल 15 जनवरी तक बंद

    गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल 15 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। पहले यह छुट्टियां 10 जनवरी तक निर्धारित थीं, लेकिन मौसम में सुधार न होने और ठंड के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

    जिला प्रशासन का कहना है कि सुबह और देर शाम अत्यधिक ठंड व कोहरे के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

    दिल्ली और हरियाणा में भी बढ़ा विंटर वेकेशन

    उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली और हरियाणा में भी ठंड का कहर जारी है। इन राज्यों में भी न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट और सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल रहा है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली और हरियाणा सरकार ने भी 15 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।

    विशेष रूप से नर्सरी से लेकर प्राथमिक कक्षाओं तक के छात्रों को ठंड से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कई जगहों पर पहले ही ऑनलाइन पढ़ाई के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

    अभिभावकों ने ली राहत की सांस

    स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाए जाने के फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि सुबह के समय बच्चों को स्कूल भेजना बेहद जोखिम भरा हो गया था, खासकर कोहरे और शीतलहर के चलते।वहीं, स्कूल प्रबंधन भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए आगे की रणनीति पर काम कर रहे हैं। कुछ निजी स्कूलों ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन क्लासेस शुरू की जा सकती हैं।

    मौसम विभाग का अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

  • औरैया: नहर किनारे संदिग्ध हालात में युवक का शव बरामद, कानपुर जाने की बात कहकर निकला था घर से

    औरैया: नहर किनारे संदिग्ध हालात में युवक का शव बरामद, कानपुर जाने की बात कहकर निकला था घर से

    रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत पटना नहर पर बूझपुर गांव मोड़ के पास एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई।

    स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना तत्काल बेला थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष गंगा दास गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को भी सूचित किया गया, जिसके बाद क्षेत्राधिकारी बिधूना पी. पुनीत मिश्रा, थाना अध्यक्ष बिधूना और थाना अध्यक्ष सहार भी घटनास्थल पर पहुंचे।पुलिस जांच के दौरान मृतक की पहचान शैलेंद्र पुत्र मान सिंह, निवासी कुर्सी, थाना बेला के रूप में की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए चिचोली, औरैया भेज दिया।

    परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    परिजनों के अनुसार शैलेंद्र के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था और वह परिवार का इकलौता सहारा था। उसके परिवार में पत्नी अर्चना और पांच वर्षीय मासूम पुत्र सौरभ हैं। शैलेंद्र आगरा में कुल्फी बेचने का काम करता था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था।परिजनों ने बताया कि शनिवार शाम करीब चार बजे शैलेंद्र रोजगार के सिलसिले में कानपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। अगले दिन नहर के पास उसका शव मिलने की सूचना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

    घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की पत्नी अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन और ग्रामीण उसे ढांढस बंधाने की कोशिश करते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि युवक की मौत हादसा है या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है।

    पुलिस कर रही हर पहलू से जांच

    पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 11 जनवरी 2026 को थाना बेला से एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। शव की पहचान शैलेंद्र सिंह पाल, निवासी बड़ी कुर्सी के रूप में हुई है। इसके बाद स्वयं और क्षेत्राधिकारी बिधूना द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।उन्होंने बताया कि फील्ड यूनिट द्वारा मौके से साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मामले में आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।

  • वाराणसी: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का बड़ा बयान, मनरेगा का नाम बदलने पर महात्मा गांधी का अपमान

    वाराणसी: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का बड़ा बयान, मनरेगा का नाम बदलने पर महात्मा गांधी का अपमान

    रिपोर्टर – मनीष पटेल वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना का नाम ‘जी ग्राम जी’ कर दिया गया है, जो कि महात्मा गांधी का अपमान है।अजय राय ने बताया कि मनरेगा योजना का पुराना नाम महात्मा गांधी से जुड़ा था और इसके माध्यम से मजदूरों को रोजगार मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने योजना का नाम बदलकर देश के जनक महात्मा गांधी का अपमान किया है।

    मनरेगा योजना का विरोध

    अजय राय के अनुसार, कांग्रेस ने देशभर में उपवास और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूरों के अधिकारों को नजरअंदाज किया है और महीने से मजदूरों को मनरेगा में काम नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है।“हमने मनरेगा का नाम महात्मा गांधी से रखा था, जिन्होंने देश की आज़ादी दिलाई। मोदी सरकार ने इसे बदलकर जी ग्राम जी कर दिया है। यह पूरी तरह से महात्मा गांधी का अपमान है। आज हम इसका विरोध करते हुए उपवास कर रहे हैं,” अजय राय ने कहा।

    प्रियंका गांधी का समर्थन

    अजय राय ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रियंका जी का कल जन्मदिन पूरे देश में मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रियंका जी जहाँ चाहें वहाँ जा सकती हैं और उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ने का काम किया जाएगा।अजय राय ने कहा, “प्रियंका जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश, बंगाल, केरल और अन्य राज्यों में चुनाव लड़ा जाएगा। उनके नेतृत्व में संगठन मजबूत हो रहा है और जनता तक कांग्रेस की आवाज़ पहुंचेगी।”

    आगामी रैली का ऐलान

    अजय राय ने वाराणसी में 8 फरवरी को बड़ी रैली करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रैली में कांग्रेस कार्यकर्ता और जनता बड़ी संख्या में शामिल होंगी। रैली का उद्देश्य कांग्रेस की नीतियों और महात्मा गांधी की याद को लोगों तक पहुँचाना है।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बयान ने मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अजय राय ने इसे महात्मा गांधी के अपमान के रूप में पेश किया और भाजपा सरकार पर श्रम कानूनों और मजदूर कल्याण की अनदेखी का आरोप लगाया।वाराणसी और पूरे उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे पर आगे भी बहस जारी रहने की संभावना है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वे महात्मा गांधी के नाम और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आंदोलन करते रहेंगे।

  • Amethi Crime: भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, 36 दिन बाद 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

    Amethi Crime: भाई ने भाई को उतारा मौत के घाट, 36 दिन बाद 25 हजार का इनामी गिरफ्तार

    Amethi Crime : संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। जिस खेत में दो सगे भाई बचपन से साथ खेले और बड़े हुए, उसी खेत में एक भाई ने दूसरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। यह दिल दहला देने वाली घटना पीपरपुर थाना क्षेत्र के डिहवा मजरे दुर्गापुर गांव की है, जहां 36 दिन तक फरार रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    आलू के खेत में हुआ खूनी विवाद

    पुलिस अधीक्षक अमेठी अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार, 4 दिसंबर को गांव निवासी राकेश वर्मा (50) अपने खेत में आलू की मेढ़ी चढ़ा रहा था। इसी दौरान उसका छोटा भाई दिनेश वर्मा वहां पहुंचा। किसी पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर दोनों भाइयों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि रिश्तों की सारी सीमाएं टूट गईं।गुस्से में आकर दिनेश ने राकेश के हाथ से कुदाल छीन ली और उसी से उसके सिर पर जोरदार वार कर दिया। खेत में काम कर रहे राकेश लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और कुछ ही देर में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    शव छिपाकर फरार हुआ हत्यारा भाई

    हत्या के बाद आरोपी दिनेश ने अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह गांव छोड़कर फरार हो गया। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। राकेश के बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और परिवार पूरी तरह टूट गया।

    36 दिन तक पुलिस को देता रहा चकमा

    हत्या के बाद से ही आरोपी दिनेश पुलिस की पकड़ से बाहर था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस और एसओजी की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।आखिरकार 10 जनवरी को थाना पीपरपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर दिनेश को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ।

    पूछताछ में कबूला जुर्म

    पुलिस पूछताछ में आरोपी दिनेश ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि हत्या के बाद वह रेलवे स्टेशन पीपरपुर के पास झाड़ियों में कुदाल छिपाकर ट्रेन से फरार हो गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वही खून से सनी कुदाल भी बरामद कर ली है।

    भाईचारे और परिवार की टूटी नींव

    यह वारदात सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और परिवार की बुनियाद के टूटने की कहानी है। जिस घर में दो भाई साथ पले-बढ़े, वहां आज एक भाई जेल की सलाखों के पीछे है और दूसरा हमेशा के लिए इस दुनिया से चला गया।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में साक्ष्य मजबूत हैं और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • अमेठी : आवारा सांड से टकराई कार, महिला श्रद्धालु की मौत, दो गंभीर

    अमेठी : आवारा सांड से टकराई कार, महिला श्रद्धालु की मौत, दो गंभीर

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी। जिले के भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुर–अयोध्या नेशनल हाईवे पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार सड़क पर अचानक आए आवारा सांड से टकरा गई, जिससे एक महिला श्रद्धालु की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    पुलिस के अनुसार रायबरेली जिले के सदर थाना क्षेत्र निवासी सुशील (30) अपनी कार से परिवार के साथ अयोध्या दर्शन कर लौट रहे थे। कार में उनके साथ श्याम नंदन (55) और उनकी पत्नी ऊषा (50) भी सवार थीं। जगदीशपुर–अयोध्या नेशनल हाईवे पर अचानक सामने आए आवारा सांड से कार की जोरदार टक्कर हो गई।टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अनियंत्रित होकर कई बार पलटी खाते हुए सड़क किनारे खाईं में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल जगदीशपुर ट्रामा सेंटर पहुंचाया।

    डॉक्टरों ने महिला ऊषा की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया, लेकिन इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। अन्य दोनों घायलों का इलाज जारी है।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस का बयान

    थानाध्यक्ष भाले सुल्तान शहीद स्मारक, तनुज पाल ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिलते ही घायलों को इलाज के लिए भेजवाया गया था। गंभीर चोटों के कारण एक महिला की मौत हो गई है। घायलों का उपचार चल रहा है और पोस्टमार्टम समेत अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।

    स्थानीय लोगों की चिंता

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके चलते पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।

  • अयोध्या में नॉनवेज पर पूर्ण प्रतिबंध, प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए

    अयोध्या में नॉनवेज पर पूर्ण प्रतिबंध, प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए

    अयोध्या। राम नगरी अयोध्या की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। 8 जनवरी से शहर में पूरी तरह से नॉनवेज की बिक्री पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।

    नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

    अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि होटल, ढाबा और होम-स्टे सहित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर यह नियम लागू होगा। किसी भी स्थान पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक

    शहर में नॉनवेज खाने की ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक लगा दी गई है। इसका मतलब है कि अब अयोध्या में कोई भी व्यक्ति नॉनवेज भोजन ऑर्डर या खरीद नहीं सकता

    प्रशासन का उद्देश्य

    अयोध्या प्रशासन का कहना है कि यह कदम धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने सभी व्यवसायियों और नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है।