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  • प्रयागराज में ज्वेलर्स शॉप से 14 लाख की चोरी, दो महिला शातिर CCTV में कैद

    प्रयागराज में ज्वेलर्स शॉप से 14 लाख की चोरी, दो महिला शातिर CCTV में कैद

    प्रयागराज |प्रयागराज शहर में ज्वेलर्स व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। शहर के एक नामी ज्वेलर्स स्टोर में दो महिलाओं ने शातिर तरीके से करीब 14 लाख रुपये के गहनों पर हाथ साफ कर दिया।

    कैसे हुई चोरी?

    जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुईं।उन्होंने पहले सेल्समैन को बातचीत में उलझाया गहने दिखाने के बहाने काउंटर पर ध्यान भटकाया मौका मिलते ही कीमती जेवरात चोरी कर फरार हो गईं पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।

    CCTV फुटेज बना अहम सबूत

    सीसीटीवी फुटेज में दोनों महिलाएं बेहद आत्मविश्वास के साथ चोरी को अंजाम देती दिख रही हैं। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर उनकी पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।दुकान मालिक की तहरीर पर मामला दर्ज CCTV के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज आसपास के इलाकों में छानबीन जारी पुलिस को आशंका है कि दोनों महिलाएं किसी संगठित गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं, जो पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

  • कानपुर : स्कॉर्पियो में नाबालिग के साथ गैंगरेप, पुलिसकर्मी सहित दो आरोपी गिरफ्तार

    कानपुर : स्कॉर्पियो में नाबालिग के साथ गैंगरेप, पुलिसकर्मी सहित दो आरोपी गिरफ्तार

    कानपुर के सच्चेडी थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कथित रूप से, स्कॉर्पियो में सवार एक पुलिसकर्मी और उसका साथी मिलकर 14 साल की नाबालिग लड़की का अपहरण किया और उसके साथ लगभग दो घंटे तक दरिंदगी की। जब लड़की बेहोश हो गई, तो आरोपी उसे घर के सामने फेंककर भाग गए।

    पीड़िता को अस्पताल भेजा गया

    एक की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के भाई ने रात में डायल-112 पर सूचना दी, लेकिन शुरुआती समय में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    आरोप है कि मिलीभगत के कारण मामला अनदेखा किया गया। मंगलवार को पीड़िता ने अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।

    घटना का विवरण

    पीड़िता ने बताया कि सोमवार रात लगभग 10 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। उसी समय स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने उसे जबरन कार में खींच लिया। आरोपियों में से एक पुलिसकर्मी था। पीड़िता ने कहा, “दोनों ने कार के अंदर मेरे साथ गैंगरेप किया। मैं चीखती रही, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।”पीड़िता के भाई के अनुसार, करीब दो घंटे बाद आरोपी लड़की को बेहोशी की हालत में घर के बाहर फेंककर भाग गए। रात लगभग 12 बजे उन्होंने अपनी बहन को बाहर बेहोश पाया और उसे अंदर लाकर होश में लाया। इसके बाद पीड़िता ने घटना की जानकारी परिवार को दी और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    सच्चेडी थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो, मेडिकल और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह घटना कानपुर और उत्तर प्रदेश में नाबालिग सुरक्षा, कानून व्यवस्था और पुलिस निगरानी पर सवाल उठाती है।

  • कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक अमीरजादों की हुड़दंग की घटना सामने आई। ब्लैक स्कॉर्पियो और अन्य कई गाड़ियों से युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर हूटर बजाते हुए हुड़दंग कर रहे थे। इस दौरान गाड़ियों की आवाज और हुटर की आवाज से क्षेत्र सन्न हो गया और इलाके में कई किलोमीटर तक जाम लग गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 8 से 10 ब्लैक गाड़ियों में से 10-15 युवक अंडर पास के भीतर गाड़ियों पर चढ़कर शोर मचा रहे थे। कुछ युवक इस पूरे हुड़दंग का वीडियो भी बना रहे थे, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत पनकी निवासी एक युवक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। सच्चेडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है, जिसमें कुछ युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर और गाड़ियों पर चढ़कर हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है और उनकी तलाश कर रही है।

    घटना के दौरान, राहगीरों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित किया। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही अधिकांश युवक मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैला दी।

    पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी युवकों को पकड़ने के लिए जाँच और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई जारी है।

  • बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    संवाददाता मुन्ना सिंह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए लगाई गई आग एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गई। यह दर्दनाक हादसा त्रिवेदीगंज क्षेत्र के रौनी पंचायत स्थित गोतवन पुरवा में हुआ, जहां 65 वर्षीय राम औतार केवट की जिंदा जलकर मौत हो गई।

    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले
    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम राम औतार केवट त्रिवेदीगंज बाजार से अपने गांव गोतवन पुरवा लौट रहे थे। जैसे ही वे रौनी गांव के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से घबराए राम औतार ने खुद को बचाने के लिए पास में खड़े सूखे खर-पतवार में आग लगा दी, ताकि धुएं से मधुमक्खियां दूर हो जाएं।

    हालांकि, यह प्रयास उनके लिए घातक साबित हुआ। आग लगाने के बावजूद मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका। लगातार डंक मारने से राम औतार की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, वे जलते हुए खर-पतवार की आग में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।घटना के बाद राम औतार देर शाम तक घर नहीं लौटे। जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उन्हें घटनास्थल पर जला हुआ शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए और गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है।इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के हमलों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले की स्थिति में आग लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर जब आसपास सूखी घास या ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। ऐसे हालात में जमीन पर लेट जाना, कपड़े से चेहरा ढंकना या धीरे-धीरे वहां से दूर हटना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कभी इतनी भयावह घटना नहीं हुई। प्रशासन से मांग की जा रही है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ऐसी परिस्थितियों में सही कदम उठा सकें।

    राम औतार केवट की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • लहसुन के माउथवॉश के फायदे: मुंह के बैक्टीरिया और मसूड़ों की सुरक्षा

    लहसुन के माउथवॉश के फायदे: मुंह के बैक्टीरिया और मसूड़ों की सुरक्षा

    आज के समय में माउथवॉश का इस्तेमाल मुंह की सफाई और फ्रेशनिंग के लिए आम हो गया है। बाजार में पुदीना, नींबू और अन्य फ्लेवर्ड माउथवॉश उपलब्ध हैं। लेकिन क्या आपने कभी लहसुन का माउथवॉश इस्तेमाल करने के बारे में सोचा है? हां, लहसुन का पानी या गार्लिक माउथवॉश भी मुंह के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

    लहसुन के माउथवॉश के फायदे

    1. मुंह के बैक्टीरिया कम करें
    लहसुन में मौजूद एलिसिन नामक सक्रिय कंपाउंड पावरफुल एंटीमाइक्रोबियल एजेंट है। यह मुंह के बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है और दांतों और मसूड़ों को संक्रमण से बचाता है।

    2. मसूड़ों की सूजन घटाएं
    यदि मसूड़ों में सूजन या दर्द की समस्या है तो लहसुन का माउथवॉश इसके लिए राहत दे सकता है। नियमित कुल्ला करने से मसूड़ों में सूजन और लालिमा कम होने लगती है।

    3. मुंह के संक्रमण से बचाव
    एलिसिन के एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को नियंत्रित करते हैं। इससे दांतों और मसूड़ों के आसपास संक्रमण कम होता है और सांस भी ताजगी भरी रहती है।

    घर पर लहसुन का माउथवॉश कैसे बनाएं

    सामग्री और तैयारी:

    • 1-2 लहसुन की कलियां
    • 1 कप पानी

    लहसुन को अच्छी तरह कूटकर पानी में डालें। इसे 1-2 मिनट उबालकर गुनगुना कर लें।

    इस्तेमाल करने का तरीका:

    • कुल्ला करने के लिए गुनगुने लहसुन के पानी को मुंह में डालें।
    • इसे 30 सेकंड तक अच्छी तरह घुमाएं और थूक दें।
    • कुल्ला करने के बाद दांतों को ब्रश करें।

    ध्यान रखें कि इसे ज्यादा देर तक मुंह में न रखें क्योंकि इससे मसूड़ों में इरिटेशन हो सकती है। सप्ताह में 2-3 बार लहसुन के माउथवॉश का इस्तेमाल करना मुंह के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त है। लहसुन का माउथवॉश एक सस्ता, प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है जो बैक्टीरिया कम करने, मसूड़ों की सूजन घटाने और मुंह की ताजगी बनाए रखने में मदद करता है। इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है और नियमित इस्तेमाल से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं

  • पवन सिंह के जन्मदिन वीडियो से तीसरी शादी की चर्चा तेज, सोशल मीडिया पर कयास

    पवन सिंह के जन्मदिन वीडियो से तीसरी शादी की चर्चा तेज, सोशल मीडिया पर कयास

    भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार पवन सिंह एक बार फिर अपनी फिल्मों से ज्यादा निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उनके जन्मदिन के मौके पर सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। इस वायरल वीडियो में पवन सिंह एक महिला के साथ केक काटते नजर आ रहे हैं, जिसके बाद तीसरी शादी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    महिला के साथ केक काटते दिखे पवन सिंह

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पवन सिंह एक महिला के साथ बेहद करीबी माहौल में जन्मदिन का केक काट रहे हैं। वीडियो में महिला की मांग में सिंदूर दिखाई दे रहा है, जबकि पवन सिंह की हालत और उनके हावभाव को लेकर भी लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।कुछ लोग इसे पवन सिंह की तीसरी शादी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि यह सिर्फ एक निजी समारोह हो सकता है। हालांकि, वीडियो के सामने आने के बाद से यह मामला तेजी से वायरल हो गया है।

    सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    जैसे ही वीडियो सामने आया, सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कोई इसे अफवाह बता रहा है तो कोई पवन सिंह के वैवाहिक जीवन को लेकर सवाल उठा रहा है। कई यूजर्स महिला की पहचान जानने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे जानबूझकर फैलाया गया भ्रम भी बता रहे हैं।फिलहाल इस पूरे मामले पर पवन सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे अटकलें और भी तेज हो गई हैं।

    पत्नी ज्योति सिंह की बधाई से बढ़ी चर्चा

    इस पूरे विवाद के बीच एक और बात ने चर्चा को और हवा दे दी। पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है। ज्योति सिंह की इस बधाई के बाद लोग दोनों के रिश्तों को लेकर और ज्यादा सवाल करने लगे हैं।कुछ लोगों का मानना है कि अगर सब कुछ सामान्य है, तो तीसरी शादी की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। वहीं कुछ का कहना है कि पवन सिंह की निजी जिंदगी पहले भी विवादों में रही है, इसलिए लोग किसी भी वायरल वीडियो को गंभीरता से ले रहे हैं।

    आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

    फिलहाल यह पूरा मामला सोशल मीडिया कयासों तक ही सीमित है। जब तक पवन सिंह या उनके करीबी किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं करते, तब तक इन चर्चाओं को अफवाह ही माना जा सकता है।

  • बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, दूसरा गंभीर घायल

    बुलंदशहर में पूर्व बसपा विधायक के भतीजे की हत्या, दूसरा गंभीर घायल

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम के भतीजे सूफियान की हत्या कर दी गई, जबकि दूसरा भतीजा अकरम गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

    यह बुलंदशहर हत्या मामला कोतवाली देहात क्षेत्र के नीमखेड़ा गांव का है। जानकारी के अनुसार, सूफियान अपने भाई अकरम और अधिवक्ता कादिर के साथ गांव में स्थित आम के बाग की पैमाइश करने गया था। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो सवार व्यक्ति मौके पर पहुंचा और पैमाइश को लेकर विवाद शुरू हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर स्कॉर्पियो सवार ने अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने सूफियान और अकरम को बेरहमी से पीटा और धारदार हथियार से हमला किया।

    गंभीर रूप से घायल सूफियान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं अकरम की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी दिनेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है, जिसमें जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के एंगल को भी खंगाला जा रहा है।

    इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आम के बाग को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • कासगंज गौशाला में लापरवाही, जिलाधिकारी ने लिया कड़ा कदम

    कासगंज गौशाला में लापरवाही, जिलाधिकारी ने लिया कड़ा कदम

    संवाददाता सौरभ यादव कासगंज जिले के पटियाली क्षेत्र के नवादा गांव में स्थित गौशाला की स्थिति देखकर प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने गौशाला में हुई अनियमितताओं के मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। वहीं दो अन्य अधिकारियों को “कारण बताओ” नोटिस जारी किया गया है।

    सूचना मिलने पर गौ रक्षा दल के पदाधिकारियों ने एसडीएम पटियाली को बताया कि गौशाला की स्थिति बेहद खराब है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गायों को रखने के लिए बनाए गए गड्ढों में 8 से 10 गायें एक साथ पड़ी हुई थीं और उनकी सफाई व मिट्टी डालने की व्यवस्था बिल्कुल नहीं थी। इसके अलावा, गौशाला में 20 से 25 गायों की मृत्यु भी दर्ज की गई है।

    जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने स्पष्ट किया है कि गौशालाओं के संचालन में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार किया जाए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मौके पर एसडीएम पटियाली, क्षेत्र अधिकारी और चौकी प्रभारी दरियागंज भी निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने गायों के लिए भूसा, पानी और साफ-सफाई की कमी का जायजा लिया। अधिकारियों ने इस बात का संज्ञान लिया कि गौशाला में पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण गायों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

    स्थानीय ग्रामीणों और गौ रक्षा दल के सदस्यों ने भी अधिकारियों को बताया कि गौशाला की नियमित देखभाल नहीं होने के कारण हालात बिगड़े हैं। उन्होंने प्रशासन से निवेदन किया कि गायों की सुरक्षा और पोषण के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।

    जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अब से हर महीने गौशालाओं का निरीक्षण किया जाएगा और गायों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कुल मिलाकर, कासगंज गौशाला लापरवाही का मामला प्रशासनिक गंभीरता के साथ उठाया गया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में गायों की देखभाल और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

  • कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में मेयर-पार्षद विवाद सड़क पर, प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हंगामा

    कानपुर में नगर निगम की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। कानपुर मेयर पार्षद विवाद उस समय खुलकर सामने आ गया, जब एक सरकारी कार्यक्रम में पार्षद समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। खास बात यह रही कि जिस कार्यक्रम में यह विवाद हुआ, उसमें प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।

    प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में हुआ हंगामा

    जानकारी के अनुसार, कानपुर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। पार्षदों के समर्थक कार्यक्रम स्थल पर नारेबाजी करने लगे और मेयर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। हंगामे के चलते कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित भी हुआ, जिससे प्रशासन और आयोजकों में अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पार्षद समर्थक नगर निगम में अनदेखी और भेदभाव के आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि विकास कार्यों और फैसलों में पार्षदों की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    पार्षद समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने

    पार्षदों और उनके समर्थकों का आरोप है कि मेयर द्वारा लिए जा रहे कई फैसलों में उनकी सहमति नहीं ली जाती। इसी असंतोष ने धीरे-धीरे बड़े विवाद का रूप ले लिया। कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि नगर निगम के भीतर चल रहा तनाव अब सार्वजनिक हो चुका है।

    स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा बलों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया, ताकि कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सके।

    नगर निगम की राजनीति पर सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते मेयर और पार्षदों के बीच संवाद नहीं हुआ, तो आने वाले समय में विवाद और गहरा सकता है।

    प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में हुआ यह हंगामा प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि सरकार इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर सकती है, ताकि नगर निगम में चल रही खींचतान को सुलझाया जा सके।

    फिलहाल, कानपुर मेयर पार्षद विवाद ने यह साफ कर दिया है कि नगर निगम की अंदरूनी राजनीति अब सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क पर उतर आई है।

  • हाथरस के सासनी के प्रसिद्ध अमरूद देख गदगद हुए सीएम योगी, 2 किलो का अमरूद बना आकर्षण

    हाथरस के सासनी के प्रसिद्ध अमरूद देख गदगद हुए सीएम योगी, 2 किलो का अमरूद बना आकर्षण

    उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले का सासनी क्षेत्र अपने प्रसिद्ध अमरूद के लिए जाना जाता है। हाल ही में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सासनी के अमरूद की 15 से अधिक प्रजातियां देखीं, तो वे खुद को सराहना से रोक नहीं सके। सासनी के अमरूद की गुणवत्ता, आकार और विविधता ने मुख्यमंत्री को गदगद कर दिया।

    15 से अधिक प्रजातियों ने खींचा ध्यान

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने सासनी क्षेत्र में उगाए जा रहे विभिन्न प्रकार के अमरूद प्रस्तुत किए गए। इनमें अलग-अलग स्वाद, रंग और आकार के अमरूद शामिल थे। बागवानी विशेषज्ञों और किसानों ने सीएम को बताया कि यहां पारंपरिक किस्मों के साथ-साथ उन्नत प्रजातियों की भी खेती की जा रही है, जो स्थानीय किसानों की आय का प्रमुख साधन हैं।

    दो किलो का अमरूद बना आकर्षण

    प्रदर्शित अमरूदों में करीब दो किलो वजनी एक विशाल अमरूद ने सभी का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे हाथ में लेकर न सिर्फ देखा, बल्कि उस पल को यादगार बनाते हुए फोटो भी खिंचवाई। इसके बाद उन्होंने अमरूद की पैदावार, लागत, सिंचाई व्यवस्था और बाजार तक पहुंच से जुड़ी जानकारियां भी बारीकी से लीं।

    बागवानों की चिंता सीएम तक पहुंची

    इस अवसर पर सासनी विधायक अंजुला माहौर ने अमरूद के उजड़ते बागों और बागवानों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने बताया कि पानी की कमी, मिट्टी में नमी घटने और बदलते मौसम के कारण लगातार अमरूद के बाग प्रभावित हो रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

    किसानों के साथ साझा की चुनौतियां

    विधायक अंजुला माहौर बागवानी करने वाले किसानों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री से मिलीं। उन्होंने अमरूद से भरी एक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की, जिसमें 15 से अधिक प्रजातियों के अमरूद शामिल थे। किसानों ने सीएम को बताया कि यदि समय रहते संरक्षण और सहायता नहीं मिली, तो सासनी की पहचान बने अमरूद के बाग समाप्त होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।

    प्रस्ताव बनाने का मिला आश्वासन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बागवानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने विधायक से कहा कि अमरूद की बागवानी को बचाने और किसानों की मदद के लिए एक प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए, ताकि सरकार स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके।सासनी के अमरूद न सिर्फ हाथरस, बल्कि पूरे प्रदेश की पहचान हैं। यदि संरक्षण और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिले, तो यह क्षेत्र बागवानी के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकता है।