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  • नोएडा सेक्टर-104: इंडियन ऑयल अधिकारी अनिल गर्ग की 17वीं मंजिल से मौत

    नोएडा सेक्टर-104: इंडियन ऑयल अधिकारी अनिल गर्ग की 17वीं मंजिल से मौत

    नोएडा के सेक्टर-104 स्थित एक हाई-राइज सोसायटी में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी अनिल गर्ग की 17वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद सोसायटी में हड़कंप मच गया और पुलिस मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच में जुट गई। शुरुआती जांच में पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। मामला थाना सेक्टर 39 इलाके का है।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अनिल गर्ग के रूप में हुई है। वे मूल रूप से कानपुर के निवासी थे और वर्तमान में सेक्टर-104 की एटीएस वन हेमलेट सोसाइटी में रह रहे थे। उनके पिता अजय गर्ग (55) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।

    पुलिस को मौके से मिला सुसाइड नोट मामले को गंभीरता से जांचने का आधार बना है। सुसाइड नोट में अनिल गर्ग ने लिखा है कि वह अपनी जिंदगी से परेशान थे, लेकिन अपने परिवार से बेहद प्यार करते थे। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    सोसायटी के अन्य निवासियों ने बताया कि रविवार सुबह अचानक हड़कंप मच गया और लोग बाहर निकल आए। पुलिस ने सोसायटी के सभी कैमरों की फुटेज जांच के लिए जब्त कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सेक्टर 39 की टीम लगातार घटनास्थल पर मौजूद है और पड़ोसियों से भी पूछताछ कर रही है।

    अनिल गर्ग की मौत ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और नोएडा के स्थानीय समाज में शोक की लहर फैला दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई है और पुलिस को मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है।

    स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हाई-राइज सोसायटी में रहने वालों के लिए सतर्कता बढ़ाना जरूरी है। सोसायटी प्रबंधन ने भी सुरक्षा उपायों को और सख्त करने का आश्वासन दिया है।पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामला सुसाइड या अन्य कारणों से जुड़ा है या नहीं, इसकी पूरी जांच की जाएगी। परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और कोर्ट निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

  • मेरठ दौरे पर अखिलेश यादव ने पहना ब्लैक कोट, जिला पंचायत सदस्य ने गिफ्ट किया

    मेरठ दौरे पर अखिलेश यादव ने पहना ब्लैक कोट, जिला पंचायत सदस्य ने गिफ्ट किया

    मेरठ में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का हाल ही में हुआ दौरा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरान उन्होंने ब्लैक कलर का कोट पहना, जो न केवल उनके स्टाइल को उभार रहा था, बल्कि राजनीतिक और व्यक्तिगत जुड़ाव का प्रतीक भी माना जा रहा है।

    इस ब्लैक कोट का खास महत्व है। बताया जा रहा है कि लगभग 20 दिन पहले मेरठ के विद्यार्थी खादी भंडार से अखिलेश यादव को यह कोट पसंद आया था। तब उन्होंने इसे देखा और वार्ड नंबर-14 से जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक को यह कोट पहने देखा। कुछ ही समय बाद, यही कोट उन्हें गिफ्ट के रूप में दिया गया।

    अखिलेश यादव ने मेरठ दौरे के दौरान यह कोट पहनकर आम जनता और मीडिया के बीच अपने स्टाइल और सादगी का मिश्रण दिखाया। सोशल मीडिया पर भी यह तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेता के स्टाइल और पहनावे पर भी लोगों की नजर रहती है, और यह कोट अखिलेश यादव के व्यक्तित्व को और भी प्रभावशाली बनाता है।

    जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक ने इस गिफ्ट के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत सम्मान व्यक्त किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि नेताओं और आम जनता के बीच संवाद और सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है। खादी भंडार का यह कोट स्थानीय स्तर पर उत्पादन और हस्तशिल्प को भी बढ़ावा देने वाला प्रतीक बन गया है।

    मेरठ दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने स्थानीय नेताओं और समर्थकों से मुलाकात की, साथ ही जनता से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने राजनीतिक एजेंडे और आगामी योजनाओं पर चर्चा भी की। उनके स्टाइलिश ब्लैक कोट ने इस दौरे की तस्वीरों में एक अलग पहचान बनाई और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    इस तरह, अखिलेश यादव ब्लैक कोट सिर्फ फैशन का प्रतीक नहीं बल्कि राजनीतिक सादगी और स्थानीय समर्थन का भी संदेश दे रहा है। जनता और समर्थकों के बीच इस कोट की कहानी अब लंबे समय तक याद रहेगी।

  • कानपुर में शीतलहर और कोहरे का कहर, विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर

    कानपुर में शीतलहर और कोहरे का कहर, विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर

    कानपुर में शीतलहर का कहर लगातार जारी है। रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे शहर में विजिबिलिटी केवल 50 मीटर तक रह गई। उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं के प्रभाव से गलन का एहसास भी हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कानपुर का तापमान न्यूनतम 3.2°C दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय लोग विशेष सावधानी बरतें क्योंकि कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का प्रभाव शरीर पर तेज़ी से पड़ सकता है।

    रविवार सुबह शहर की मुख्य सड़कों और एक्सप्रेस वे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को कोहरे के कारण धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है। विजिबिलिटी कम होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से चेतावनी जारी की है कि सुबह और शाम के समय अनावश्यक यात्रा टालें और वाहन चलाते समय हेडलाइट का प्रयोग करें।शीतलहर और कोहरे के इस मौसम में स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।

    डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा देर तक ठंड में रहने से कमज़ोरी, सर्दी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। बुजुर्ग और छोटे बच्चे इस समय विशेष रूप से संवेदनशील हैं। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि गर्म कपड़े पहनें, गर्म पेय पदार्थ लें और ज्यादा बाहर निकलने से बचें।

    कानपुर में इस बार की शीतलहर कई दिनों तक बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भी घने कोहरे और तेज़ उत्तर-पश्चिमी हवाओं की चेतावनी जारी की है। इससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है बल्कि दैनिक जीवन में भी रुकावटें आ सकती हैं।शहरवासियों को सलाह दी जा रही है कि बिजली और हीटर का सुरक्षित उपयोग करें, और घर में पर्याप्त गर्मी बनाए रखें। इसके साथ ही, सर्दी के मौसम में घर के बाहर पालतू जानवरों और बूढ़े लोगों का विशेष ध्यान रखें।

  • अमेठी के 11वीं के छात्र अंशुमान तिवारी बने युवा काव्य प्रतिभा, अयोध्या महोत्सव में जीता 1 लाख का पुरस्कार

    अमेठी के 11वीं के छात्र अंशुमान तिवारी बने युवा काव्य प्रतिभा, अयोध्या महोत्सव में जीता 1 लाख का पुरस्कार

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी।जिले के लिए गर्व का क्षण उस समय आया जब 11वीं कक्षा के छात्र और युवा कवि अंशुमान तिवारी ने अयोध्या में आयोजित भव्य अयोध्या महोत्सव के अंतर्गत हुए “कवियों के महासंग्राम – काव्य श्री प्रतियोगिता” में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 1 लाख रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।पांच दिवसीय अयोध्या महोत्सव में देशभर से आए कवियों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित काव्य प्रतियोगिता में अंशुमान तिवारी ने अपनी प्रभावशाली कविता, स्पष्ट उच्चारण और भावपूर्ण प्रस्तुति से निर्णायक मंडल और श्रोताओं का दिल जीत लिया। कम उम्र में इतनी बड़ी साहित्यिक उपलब्धि ने सभी को प्रभावित किया।

    काव्य प्रतिभा ने बटोरी खूब वाहवाही

    अंशुमान तिवारी की कविताओं में सामाजिक चेतना, युवाओं की सोच और संस्कारों की झलक साफ दिखाई दी। निर्णायकों ने उनकी रचना को मौलिक, विचारोत्तेजक और भावनात्मक रूप से प्रभावी बताया। प्रतियोगिता में कई अनुभवी कवियों के बीच एक छात्र का प्रथम स्थान प्राप्त करना अपने-आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है।

    युवा कवि का जोरदार स्वागत

    कौशाम्बी जिले के वरिष्ठ कवि सुजीत जायसवाल ने युवा कवि अंशुमान तिवारी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि अंशुमान जैसे युवा साहित्य को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।

    जिलाधिकारी करेंगे सम्मानित

    जिले का मान-सम्मान बढ़ाने वाले इस युवा कवि को जल्द ही अमेठी जिलाधिकारी द्वारा भी सम्मानित किया जाएगा। प्रशासन स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान अंशुमान के साहित्यिक सफर को और मजबूती देगा।अंशुमान तिवारी की यह सफलता साबित करती है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। पढ़ाई के साथ-साथ साहित्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने जिले के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

  • Agra Cold Wave : शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटा ताजमहल, आगरा में ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

    Agra Cold Wave : शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटा ताजमहल, आगरा में ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

    Agra Cold Wave : उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में शीतलहर के साथ घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। विश्व धरोहर ताजमहल भी इस समय कोहरे की मोटी चादर में ढका नजर आ रहा है। ताज व्यू पॉइंट से सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कोहरे के कारण ताजमहल धुंधला दिखाई दे रहा है, जिससे पर्यटकों को इसकी पूरी खूबसूरती देखने में परेशानी हो रही है।

    पिछले कुछ दिनों से आगरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शीतलहर के चलते सुबह और देर रात ठंड का असर और तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, वहीं दृश्यता (विजिबिलिटी) कई इलाकों में 50 से 100 मीटर तक सिमट गई है।घना कोहरा न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहा है। सुबह के समय सड़कें, हाईवे और रेलवे ट्रैक कोहरे की वजह से दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। आगरा-दिल्ली हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं कई ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा है।

    ताजमहल देखने पहुंचे देशी और विदेशी पर्यटकों का कहना है कि ठंड और कोहरे के बावजूद ताजमहल का आकर्षण कम नहीं होता। हालांकि, कोहरे के कारण स्मारक का पूरा दृश्य साफ नजर नहीं आ पा रहा है। कई पर्यटकों को फोटो और वीडियो लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर का प्रभाव बढ़ा है। आने वाले कुछ दिनों तक आगरा और आसपास के इलाकों में घना कोहरा बने रहने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही ठंड से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं।

    प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए घर से बाहर कम निकलने की अपील की गई है। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और गति नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए हैं।ठंड बढ़ने के कारण शहर में अलाव जलाने की संख्या भी बढ़ा दी गई है। नगर निगम और प्रशासन की टीमें प्रमुख चौराहों और रैन बसेरों पर अलाव की व्यवस्था कर रही हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके।

    ताजमहल पर छाया कोहरा एक ओर जहां सर्द मौसम की गंभीरता को दर्शा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह दृश्य पर्यटकों के लिए एक अलग ही अनुभव भी बन रहा है। हालांकि, लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सुबह और रात के समय घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां जरूर अपनाएं।

  • अमेठी में गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा की बैठक, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने का संकल्प

    अमेठी में गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा की बैठक, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने का संकल्प

    रिपोर्टर नितेश तिवारी अमेठी। गौ प्रतिष्ठा संकल्प पदयात्रा–अमेठी को लेकर जनपद मुख्यालय गौरीगंज स्थित शंकराचार्य कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अमेठी लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं के गौसेवक, समाजसेवी और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आशीर्वाद एवं आज्ञा का पालन किया गया।

    बैठक में सभी उपस्थित लोगों ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के अभियान को समर्थन देने का संकल्प लिया। इसके साथ ही उन्होंने गौसेवा के महत्व पर जोर देते हुए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। भारतीय मजदूर किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू पाल ने शंकराचार्य जी के गौ प्रतिष्ठा आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

    इसके अलावा वरिष्ठ समाजसेवी सुरेश कुमार पांडे और सलोन विधायक जीत पांडे ने भी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग का समर्थन किया।कार्यालय प्रभारी हरिप्रसाद द्विवेदी ने बताया कि पदयात्रा का उद्देश्य न केवल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराना है, बल्कि जनपद अमेठी को गौहत्या से मुक्त करना भी है। उन्होंने बताया कि ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य द्वारा मनोनीत गो-सांसद राकेश तिवारी अमेठी लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं—सलोन, तिलोई, जगदीशपुर, अमेठी और गौरीगंज—की परिक्रमा करेंगे।

    • पदयात्रा 18 जनवरी (रविवार) को मां मनकामेश्वरी मंदिर से प्रारंभ होगी।
    • प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर चलकर यह यात्रा 28 जनवरी (बुधवार) को जामों मार्ग स्थित शंकराचार्य कार्यालय पर समाप्त होगी।
    • यात्रा का उद्देश्य जन-जन में गौसेवा और संरक्षण की भावना जागृत करना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में गो-धाम की स्थापना, और लोगों को गौ मतदाता संकल्प से जोड़ना है।

    बैठक में सैकड़ों गौभक्त, समाजसेवी और क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख थे: कृष्णानंद पांडेय एडवोकेट, अनुराग तिवारी ‘विद्यमान’, उत्कर्ष शुक्ला, राजेश अग्रहरि, सत्यदेव सिंह, सूरज पांडे, अतुल तिवारी ‘सोनू’, सत्येंद्र यादव और जीत बहादुर यादव।बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने बच्चों और युवाओं को भी गौसेवा के महत्व और नैतिकता के बारे में मार्गदर्शन दिया।

    https://nationnowsamachar.com/sports-desk/devdutt-padikkal-shines-in-vijay-hazare-trophy-scores-fourth-century-in-five-matches/

    बैठक में यह तय किया गया कि पदयात्रा के दौरान सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाएगा और प्रत्येक चरण में गौसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इस बैठक ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अमेठी में गौमाता के संरक्षण और सम्मान के लिए जनसंपर्क, जागरूकता और संगठनात्मक प्रयास को नई दिशा दी जा रही है। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर संकल्प लिया कि यह पदयात्रा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

  • Devdutt Padikkal 3 Centuries: देवदत्त पडिक्कल का विजय हजारे ट्रॉफी में जलवा, पांच मैचों में चौथा शतक

    Devdutt Padikkal 3 Centuries: देवदत्त पडिक्कल का विजय हजारे ट्रॉफी में जलवा, पांच मैचों में चौथा शतक

    Devdutt Padikkal 3 Centuries: विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज़ देवदत्त पडिक्कल का शानदार फॉर्म लगातार जारी है। पडिक्कल ने एक बार फिर शतक जड़ते हुए घरेलू क्रिकेट में अपनी निरंतरता का दमदार प्रदर्शन किया है। यह इस टूर्नामेंट में उनका पांच मैचों में चौथा शतक है, जो उनकी बेहतरीन बल्लेबाज़ी का सबूत है।

    त्रिपुरा के खिलाफ खेले गए मुकाबले में कर्नाटक की ओर से ओपनिंग करते हुए देवदत्त पडिक्कल ने 120 गेंदों में 108 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। पडिक्कल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    मैच के दौरान उन्होंने गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा और जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट्स खेलने से भी नहीं हिचके। उनकी इस पारी की बदौलत कर्नाटक ने बड़े स्कोर की नींव रखी।घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे देवदत्त पडिक्कल एक बार फिर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में उनका यह प्रदर्शन आने वाले समय में उन्हें राष्ट्रीय टीम की दावेदारी में और मजबूत कर सकता है।

  • औरैया: विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पहुंचे राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

    औरैया: विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पहुंचे राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर

    औरैया | रिपोर्टर: अमित शर्मा औरैया जनपद में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने शुक्रवार को बी. बी. एस. स्मृति विद्यापीठ, आशानगर (जालौन रोड) में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों का मन मोह लिया।

    बच्चों के प्रदर्शन से अभिभावकों को गर्व

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर अभिभावकों को गर्व और खुशी का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का कार्य करते हैं।

    सर्वांगीण विकास में सहायक हैं ऐसे आयोजन

    मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में होने वाले वार्षिकोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक मूल्यों की समझ भी ऐसे आयोजनों से विकसित होती है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।

    होमगार्ड्स भर्ती पर स्पष्ट संदेश

    मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने होमगार्ड्स भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक जरूर मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    बांग्लादेश हिंसा पर मंत्री की प्रतिक्रिया

    बांग्लादेश में हालिया हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। बातचीत और शांति के रास्ते से ही किसी भी विवाद का हल निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा से केवल नुकसान होता है, चाहे वह किसी भी देश में हो।

    कार्यक्रम में दिखा उत्साह

    वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने नृत्य, गीत, नाटक और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर तालियों से गूंज उठा। अभिभावकों ने बच्चों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

  • कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर गंगा में 350 किलो की डॉल्फिन की मौत:लोग बोले- प्रदूषण से जान गई

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के किनारे उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 350 किलो वजनी डॉल्फिन का शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। लोगों ने डॉल्फिन के शव को रस्सियों से बांधकर करीब 10 लोगों की मदद से किनारे तक खींचा, जिसके बाद वन विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई।

    गंगा में डॉल्फिन की मौत से मचा हड़कंप

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉल्फिन काफी समय से मृत प्रतीत हो रही थी और उसके शरीर से दुर्गंध आ रही थी। गंगा में डॉल्फिन का यूं मृत पाया जाना न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि यह नदी की सेहत और जलीय जीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। मौके पर मौजूद लोगों ने आशंका जताई कि गंगा में बढ़ते प्रदूषण के कारण ही डॉल्फिन की मौत हुई होगी

    10 लोगों ने मिलकर खींचा शव

    डॉल्फिन का वजन अत्यधिक होने के कारण उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। स्थानीय लोगों ने रस्सी का इंतजाम किया और करीब 10 लोगों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद शव को किनारे लाया। इस दौरान आसपास लोगों की भीड़ लग गई और घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।

    प्रदूषण पर उठे गंभीर सवाल

    स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानपुर क्षेत्र में गंगा नदी लंबे समय से औद्योगिक और घरेलू कचरे से प्रदूषित है। चमड़ा उद्योगों, नालों और रासायनिक अपशिष्ट के कारण पानी की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते, तो ऐसी घटना टाली जा सकती थी।एक स्थानीय निवासी ने कहा,“जब इंसानों के लिए गंगा का पानी सुरक्षित नहीं है, तो डॉल्फिन जैसे संवेदनशील जीव कैसे जिंदा रहेंगे?”

    वन विभाग और प्रशासन की जांच

    सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और डॉल्फिन के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक जांच में उम्रदराज या बीमारी की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है, लेकिन प्रदूषण की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    डॉल्फिन: गंगा की पहचान और जैव विविधता

    गौरतलब है कि गंगा डॉल्फिन भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव (National Aquatic Animal) है। यह जीव साफ और ऑक्सीजन युक्त पानी में ही जीवित रह सकती है। डॉल्फिन की मौजूदगी को नदी के स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है। ऐसे में उसकी मौत यह दर्शाती है कि गंगा का इकोसिस्टम खतरे में है

  • औरैया में गली विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट, आधा दर्जन से अधिक घायल

    औरैया में गली विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट, आधा दर्जन से अधिक घायल

    रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया (उत्तर प्रदेश):औरैया जिले के अछल्दा थाना क्षेत्र अंतर्गत सलेमपुर गांव में शनिवार सुबह एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। गली में मवेशी बांधने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    सुबह 11 बजे भड़का विवाद

    जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे सलेमपुर गांव में गली में मवेशी बांधने को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हाथापाई से बढ़ते हुए लाठी-डंडों की मारपीट में बदल गया। ग्रामीणों ने जब स्थिति बिगड़ती देखी तो तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस ने संभाला मोर्चा

    सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह और उपनिरीक्षक राशिद खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात पर काबू पाया और सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया।

    ये लोग हुए घायल

    मारपीट में घायल हुए लोगों में प्रदीप सक्सेना,संतोष सक्सेना,लवकुश सक्सेना,गोविन्द सक्सेना (सभी पुत्र रामऔतार),शिवपाल तोमर,सोहन,नितेन्द्र शामिल हैं।

    दो की हालत गंभीर, सैफई रेफर

    सीएचसी में तैनात डॉ. गौरव ने प्राथमिक उपचार के बाद प्रदीप सक्सेना की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं नितेन्द्र को चिचोली रेफर किया गया। अन्य घायलों का मौके पर ही इलाज किया गया।

    गली में मवेशी बांधने को लेकर था विवाद

    अछल्दा थानाप्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद गली में मवेशी बांधने को लेकर हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। पुलिस के अनुसार, फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है। दोनों पक्षों से तहरीर मिलने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है और किसी भी तरह की दोबारा घटना न हो, इसके लिए निगरानी रखी जा रही है।