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  • बागपत : डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का सपा पर तीखा हमला, बोले– मुस्लिम साथ छोड़ दें तो चुनाव भी नहीं जीत पाएगी सपा

    बागपत : डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का सपा पर तीखा हमला, बोले– मुस्लिम साथ छोड़ दें तो चुनाव भी नहीं जीत पाएगी सपा

    बागपत। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बागपत दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सपा की चुनावी ताकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मुस्लिम समुदाय का समर्थन सपा से हट जाए, तो पार्टी प्रधानी का चुनाव तक नहीं जीत पाएगी।डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का यह बयान आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल को और गर्म करता नजर आ रहा है।

    जाति और धर्म की राजनीति पर साधा निशाना

    ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां जाति के आधार पर राजनीति करती हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए ये बार-बार समाज को बांटने की राजनीति कर रही हैं।उन्होंने कहा,“बीजेपी विकास, सुशासन और जनकल्याण के मुद्दों पर चुनाव लड़ती है, जबकि सपा-कांग्रेस सिर्फ जाति और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझी हुई हैं।”

    अखिलेश यादव के 2027 वाले बयान पर पलटवार

    डिप्टी सीएम ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 2027 में सरकार बनाने के दावे पर भी तंज कसा।ब्रजेश पाठक ने कहा“अखिलेश यादव दिन में सपने देख रहे हैं। प्रदेश की जनता सब देख रही है और समझ चुकी है कि कौन विकास कर रहा है और कौन सिर्फ भ्रम फैला रहा है।”उन्होंने दावा किया कि 2027 में भी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी

    बीजेपी बनाम सपा की सियासी जंग तेज

    ब्रजेश पाठक के इस बयान के बाद सपा और बीजेपी के बीच जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे 2027 के चुनाव नजदीक आएंगे, ऐसे तीखे बयान और ज्यादा देखने को मिलेंगे। और यूपी की राजनीति में फिर दिखेगा नया रंग

  • VaranasiNews: इंग्लिशिया लाइन किसान मंडी में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, अवैध दुकानें सील

    VaranasiNews: इंग्लिशिया लाइन किसान मंडी में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, अवैध दुकानें सील

    VaranasiNews: संवाददाता मनीष पटेल वाराणसी: जिले की सबसे बड़ी किसान मंडी के रूप में जानी जाने वाली इंग्लिशिया लाइन स्थित फुल मंडी में नगर निगम ने अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई दुकानों को सील कर दिया।

    यह कार्रवाई किसानों को अनावश्यक कर वसूली और शोषण से राहत दिलाने के उद्देश्य से की गई है।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, फुल मंडी में लंबे समय से कुछ ठेकेदार अवैध रूप से दुकानों पर कब्जा जमाए हुए थे।

    इन कब्जों के कारण न केवल मंडी की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, बल्कि किसानों से जबरन वसूली की शिकायतें भी सामने आ रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पहले ही मामले की सुनवाई कर संबंधित ठेकेदारों को दुकानों को खाली करने के निर्देश दिए थे।

    नगर निगम की चेतावनी के बाद भी नहीं हटे कब्जे

    कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद नगर निगम एसडीएम सुनील यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि संबंधित ठेकेदारों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अवैध कब्जा हटा लें। इसके बावजूद जब आदेशों की अवहेलना की गई, तो नगर निगम को विधिसम्मत कार्रवाई करनी पड़ी।उन्होंने बताया कि शुक्रवार को नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ फुल मंडी पहुंची और चिन्हित अवैध दुकानों को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।

    कार्रवाई के दौरान हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

    सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें सिगरा थाने भेज दिया गया।नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

    प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से मंडी में पारदर्शिता और व्यवस्था बेहतर होगी। अवैध कब्जे हटने से किसानों को राहत मिलेगी और उनसे होने वाली अतिरिक्त कर वसूली पर रोक लगेगी। साथ ही मंडी का संचालन नियमों के अनुरूप किया जा सकेगा।नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाएगा।

  • बहराइच: खुद को प्रमुख सचिव बताने वाला फर्जी अफसर गिरफ्तार, नेपाल कसीनो जाने की थी तैयारी

    बहराइच: खुद को प्रमुख सचिव बताने वाला फर्जी अफसर गिरफ्तार, नेपाल कसीनो जाने की थी तैयारी

    बहराइच उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शख्स खुद को यूपी सरकार का प्रमुख सचिव बताकर लाल-नीली बत्ती लगी इनोवा कार से नेपाल में कसीनो खेलने जा रहा था। लेकिन भारत-नेपाल सीमा पर बहराइच जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे और उसके चार साथियों को पकड़ लिया।

    प्रमुख सचिव बनकर दिखा रहा था रौब

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह अपनी इनोवा कार पर लाल-नीली बत्ती लगाकर खुद को यूपी सरकार का बड़ा अधिकारी बताता था। उसके साथ कार में मौजूद चार अन्य युवक—शुभम बाजपेई, अनमोल यादव, सचिन सिंह और स्वप्निल सहाय—भी इसी झूठी पहचान के सहारे सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे।

    नेपाल में कसीनो खेलने की थी प्लानिंग

    जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी नेपाल जाकर वहां के कसीनो में जुआ खेलने की योजना बना रहे थे। सरकारी अफसर होने का झांसा देकर वे चेकिंग से बचना चाहते थे, लेकिन बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा बलों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं।

    भारत-नेपाल बॉर्डर पर ऐसे खुली पोल

    बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा पर जब वाहन की गहन जांच की गई तो न तो कोई सरकारी दस्तावेज मिला और न ही किसी तरह का आधिकारिक पहचान पत्र। पूछताछ में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया।

    फर्जीवाड़ा और सरकारी प्रतीकों के दुरुपयोग का मामला

    पुलिस का कहना है कि यह मामला न सिर्फ फर्जी पहचान का है, बल्कि सरकारी पद और प्रतीकों के दुरुपयोग से भी जुड़ा है। लाल-नीली बत्ती का इस्तेमाल कर आम जनता और प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की गई।

    आरोपियों से पूछताछ जारी

    फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले वे इस तरह की हरकतें और कहां-कहां कर चुके हैं। पुलिस ने इनोवा कार को भी जब्त कर लिया है।

    प्रशासन की सख्ती

    इस घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी अफसर बनकर सरकारी रुतबे का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीमा क्षेत्रों में चेकिंग और कड़ी की जा सकती है।

  • वाराणसी दालमंडी में ध्वस्तीकरण शुरू,150 पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती

    वाराणसी दालमंडी में ध्वस्तीकरण शुरू,150 पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती

    रिपोर्ट: मनीष पटेल वाराणसी के व्यस्ततम इलाकों में शामिल दाल मंडी गली के चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा 5 जनवरी तक दिया गया अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद बुधवार को प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा।

    150 पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचा प्रशासन

    ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान एडीएम सिटी, एसीपी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन थानों की पुलिस के करीब 150 जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पीएससी और पैरामिलिट्री फोर्स के लगभग 100 जवान रिजर्व में रखे गए हैं।

    दूसरे चरण में 7वां मकान गिराया गया

    प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के दूसरे चरण में बुधवार को सातवें मकान को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। इससे पहले नवंबर महीने में पहले चरण के तहत 6 मकान गिराए जा चुके हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दूसरे चरण में कुल तीन मकानों को गिराया जाना प्रस्तावित है

    हथौड़ा फोर्स देख नहीं कर सके विरोध

    ध्वस्तीकरण के दौरान पूरी दालमंडी गली में बैरिकेडिंग कर दी गई थी। भारी पुलिस फोर्स और हथौड़ा दस्ते को देखकर दुकानदारों ने विरोध करने की कोशिश तो की, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि कोई खुलकर विरोध नहीं कर सका। पूरे इलाके में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/kanpur-gang-rape-case-police-commissioner-takes-major-action-dcp-west-removed-inspector-suspended/

    कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर

    प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

  • औरैया में किशन हत्याकांड का खुलासा: 36 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मर्डर केस, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

    औरैया में किशन हत्याकांड का खुलासा: 36 घंटे में पुलिस ने सुलझाया मर्डर केस, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

    औरैया (उत्तर प्रदेश) में हुए सनसनीखेज किशन हत्याकांड का पुलिस ने मात्र 36 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। थाना कोतवाली औरैया और SOG/सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में हत्या के मुख्य आरोपी ओमजी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी 32 बोर रिवॉल्वर, 03 जिंदा कारतूस और 01 खोखा कारतूस भी बरामद किया गया है।

    क्या है पूरा मामला

    पुलिस के अनुसार यह घटना 29 दिसंबर की रात की है। किशन नामक युवक की हत्या नलकूप के कमरे में चल रही पार्टी के दौरान हुई। पार्टी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इसी दौरान आरोपी ओमजी गुप्ता ने आवेश में आकर किशन के सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया। मामला गंभीर होने के चलते पुलिस अधीक्षक औरैया अभिषेक भारती के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया।

    फोरेंसिक और मुखबिर की अहम भूमिका

    हत्या के खुलासे में फोरेंसिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और मुखबिर की सटीक सूचना ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने तकनीकी जांच और ग्राउंड इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद एलजी गार्डन नहर पुलिया के पास से आरोपी ओमजी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह नशे और गुस्से की हालत में था, इसी कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

    लाइसेंसी हथियार पर भी कार्रवाई

    पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या में प्रयुक्त रिवॉल्वर लाइसेंसी है, जो अनूप गुप्ता पुत्र मोतीलाल के नाम पर पंजीकृत है। इस मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 30 की बढ़ोतरी करते हुए रिवॉल्वर मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि लाइसेंसी हथियार का इस तरह दुरुपयोग गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

    पुलिस की बड़ी सफलता

    पुलिस अधीक्षक औरैया ने इस तेज कार्रवाई को टीमवर्क का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी भी कीमत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है और आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।

    इलाके में राहत, लेकिन सवाल बरकरार

    36 घंटे में हत्या का खुलासा होने से जहां स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पार्टियों में हथियारों की मौजूदगी और लाइसेंसी असलहों का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

  • कानपुर में दो लड़कियों की मारपीट का वायरल वीडियो: पुलिस चौकी के पास हुआ झगड़ा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    कानपुर में दो लड़कियों की मारपीट का वायरल वीडियो: पुलिस चौकी के पास हुआ झगड़ा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    उत्तर प्रदेश के कानपुर से सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नौबस्ता इलाके में दो युवतियों के बीच जबरदस्त मारपीट देखने को मिल रही है। यह घटना न सिर्फ हिंसक है, बल्कि इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि यह झगड़ा उस जगह पर हुआ जहां रात के समय पुलिस की तैनाती रहती है। इसके बावजूद, घटना के वक्त मौके पर कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।

    कहां और कैसे हुई घटना

    मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला यशोदा नगर बाईपास के पास का है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सफेद कपड़े पहने एक युवती दूसरी युवती पर अचानक हमला कर देती है। मारपीट इतनी भीषण थी कि हमलावर युवती ने दूसरी लड़की को सड़क पर पटक दिया, बाल पकड़कर घसीटा और लगातार करीब 11 थप्पड़ जड़ दिए। यही नहीं, जमीन पर गिरी युवती के सीने और सिर पर लात-घूंसे भी बरसाए गए।यह पूरी घटना रात के समय की बताई जा रही है। वीडियो में पीड़ित लड़की को मदद के लिए चीखते-चिल्लाते और राहगीरों से गुहार लगाते देखा जा सकता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कोई भी व्यक्ति उसे बचाने आगे नहीं आया

    लड़ाई की वजह क्या थी

    वीडियो में सुनाई दे रही बातचीत से पता चलता है कि यह विवाद “अभिषेक” नाम के एक युवक को लेकर हुआ। हमलावर युवती गुस्से में चिल्लाते हुए कहती सुनाई दे रही है“अभिषेक को तूने छोड़ा था, अब जब वह मेरा हो गया है तो तू उसे बाबू बोलेगी?”वह यह भी आरोप लगाती है कि पीड़ित लड़की ने अभिषेक को स्काई लॉन में मिलने के लिए बुलाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई।

    वीडियो बनाने वाली भी हमले में शामिल

    इस घटना में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाली लड़की, जो कथित तौर पर हमलावर की दोस्त बताई जा रही है, उसने भी पीड़ित युवती को पैर से मारा। इससे यह मामला केवल दो लड़कियों के झगड़े तक सीमित न रहकर समूह हिंसा का रूप लेता नजर आ रहा है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    घटना के वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि“मामला संज्ञान में है और वीडियो के आधार पर दोनों युवतियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उन्हें तलाश कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”हालांकि, इस घटना ने पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान से कुछ दूरी पर ही पुलिस चौकी मौजूद है, वहां इस तरह की घटना होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।

    सोशल मीडिया पर गुस्सा

    वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर पुलिस की गैरमौजूदगी और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • वाराणसी कफ सिरप मामले में आरोपी शुभम जायसवाल की 38 करोड़ की संपत्ति हो सकती है जब्त

    वाराणसी कफ सिरप मामले में आरोपी शुभम जायसवाल की 38 करोड़ की संपत्ति हो सकती है जब्त

    वाराणसी के बहुचर्चित कफ सिरप मामले में फरार आरोपी शुभम जायसवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कोर्ट के निर्देश पर शुभम जायसवाल की करीब 38 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। अदालत ने आरोपी को एक सप्ताह के भीतर अपनी चल-अचल संपत्तियों का पूरा विवरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

    एक हफ्ते में देना होगा संपत्ति का विवरण

    जानकारी के अनुसार, यदि शुभम जायसवाल तय समय सीमा में संपत्ति का विवरण देने में विफल रहता है, तो कोर्ट उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्ती का आदेश जारी कर सकता है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी ने अवैध कफ सिरप कारोबार से भारी संपत्ति अर्जित की है।

    50 हजार रुपये का इनाम घोषित

    शुभम जायसवाल फिलहाल फरार चल रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। यूपी पुलिस की कई टीमें लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक वह कानून की पकड़ से बाहर है।

    कफ सिरप कांड में अहम आरोपी

    गौरतलब है कि वाराणसी कफ सिरप मामला पूरे देश में सुर्खियों में रहा है। इस मामले में अवैध और नकली कफ सिरप के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई का आरोप है। शुभम जायसवाल को इस नेटवर्क का अहम कड़ी माना जा रहा है।फिलहाल कोर्ट की सख्ती और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में आरोपी की गिरफ्तारी और संपत्ति को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ सकता है।

  • वाराणसी: आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    वाराणसी: आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    संवाददाता मनीष पटेल वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर मोहल्ले में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल (35) की सिलबट्टे से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। सुबह जब परिजन और पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया तो कमरे की कुंडी बाहर से बंद मिली। अंदर पहुंचते ही खून से लथपथ अनुपमा का शव देखकर लोगों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।


    सुबह-सुबह हुई हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    घटना शुक्रवार सुबह की है। मृतका अनुपमा पटेल के पति शैलेश कुमार दूध सप्लाई का काम करते हैं। वे रोज की तरह सुबह करीब 5 बजे दूध लेने घर से निकले थे। उस वक्त अनुपमा घर के बाहर झाड़ू लगा रही थीं और पति को बाहर तक छोड़ने आई थीं।शैलेश जब सुबह 8 बजे दूध लेकर वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि घर का मेन गेट खुला है, लेकिन पत्नी कहीं दिखाई नहीं दे रही। संदेह होने पर उन्होंने कमरे की कुंडी चेक की, जो बाहर से बंद थी। कुंडी खोलकर जैसे ही अंदर गए, वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए—अनुपमा खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थीं। उनके सिर पर सिलबट्टे से कई बार वार किया गया था।

    चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी, शक गहराया

    स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह किसी ने भी किसी तरह की चीख, शोर या विवाद की आवाज नहीं सुनी। इससे पुलिस को आशंका है कि हत्यारे ने पहले महिला के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, ताकि आवाज बाहर न जा सके।
    कमरे को बाहर से बंद करने से साफ है कि आरोपी घटना को अंजाम देकर आराम से निकल गया और शक को भटकाने की कोशिश भी की।

    फोरेंसिक, SOG और पुलिस अधिकारियों ने संभाली जांच

    सूचना मिलते ही शिवपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसीपी कैंट नितिन तनेजा, SOG टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंचे। कमरे से खून के नमूने, हथियार (सिलबट्टा) और अन्य साक्ष्य जुटाए गए।
    फोरेंसिक टीम यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय कमरे में एक से अधिक लोग थे या नहीं, और कहीं जबरन प्रवेश के निशान तो नहीं हैं।मृतका अनुपमा खजूरी में आंगनवाड़ी वर्कर थीं। उनका मायका भी खजूरी में ही है। पति-पत्नी की शादी को 10 वर्ष हो चुके थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। घटना के बाद मायके और ससुराल दोनों पक्ष के लोग सदमे में हैं।

    हत्या की वजह पर पुलिस जांच जारी

    फिलहाल हत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस व्यक्तिगत रंजिश, घरेलू विवाद, लूट की कोशिश और अन्य आपराधिक कोणों से भी जांच कर रही है।सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और पिछले दिनों के विवादों की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/yogi-government-hi-tech-intruder-detection-detention-model-up/
  • अमरोहा में सिपाही पर बच्चे को थर्ड डिग्री देने का आरोप,पर्स चोरी के शक में पकड़े गए थे बच्चे, सिपाही लाइन हाजिर

    अमरोहा में सिपाही पर बच्चे को थर्ड डिग्री देने का आरोप,पर्स चोरी के शक में पकड़े गए थे बच्चे, सिपाही लाइन हाजिर

    अमरोहा में शादी समारोह से पर्स चोरी के शक में पकड़े गए बच्चों को पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री देने का आरोप लगा है। इस मामले में एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है।यह घटना अमरोहा शहर में रविवार रात एक शादी के कार्यक्रम के दौरान हुई। एक कारोबारी की पत्नी का पर्स चोरी होने के शक में चार नाबालिगों को पकड़ा गया था।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चारों बच्चों को कोतवाली ले गई।कोतवाली में बच्चों से पूछताछ की गई, लेकिन उनके पास से पर्स बरामद नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने चारों बच्चों को आधी रात के समय उनके परिजनों को सौंप दिया था।हालांकि, परिजनों का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने बच्चों को थर्ड डिग्री दी। उन्हें बुरी तरह पीटा गया और बिजली का करंट भी लगाया गया, जिससे एक दस वर्षीय बालक की हालत नाजुक बनी हुई है।अमरोहा के एक मोहल्ले के निवासी पीड़ित परिवार कलेक्ट्रेट पहुंचा।

    उन्होंने अपनी गोद में घायल दस साल के बच्चे को लेकर डिप्टी कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपा और पुलिस की बर्बरता की पूरी कहानी बताई।इस मामले में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर भूड़ चौकी में तैनात सिपाही नीतीश को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच जारी है।

  • कानपुर : 42 लाख की ठगी में फरार आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    कानपुर : 42 लाख की ठगी में फरार आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    कानपुर नगर की कोतवाली थाना पुलिस ने 42 लाख 29 हजार 600 रुपये की ठगी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान रविंद्र नाथ सोनी (42 वर्ष), निवासी श्रीराम, दिल्ली के रूप में हुई है, जो निवेश के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगकर फरार हो गया था।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ IPC 420 समेत कई गंभीर धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज हैं। लगातार खोजबीन के बावजूद पुलिस को उसकी लोकेशन मिल नहीं रही थी। इसके बाद अदालत ने आरोपी के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।सर्विलांस सेल ने आरोपी की लोकेशन देहरादून में ट्रेस की, जिसके आधार पर कानपुर पुलिस ने टीम भेजकर न्यू डिफेंस एनक्लेव में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि रविंद्र नाथ सोनी लोगों को ब्लूचिक नामक कंपनी, जो दुबई और सऊदी अरब में संचालित होने का दावा करती थी, के नाम पर आकर्षक निवेश योजना का लालच देता था। इसी बहाने कई लोगों से करोड़ों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज सभी मामलों की जांच की जा रही है और उसके अन्य सहयोगियों की भी तलाश जारी है।पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।