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  • कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई, वीडियो हुआ वायरल

    कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई, वीडियो हुआ वायरल

    कन्नौज | उत्तर प्रदेश के कन्नौज जनपद से एक शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग बीच सड़क पर एक युवक को चप्पलों और थप्पड़ों से बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं।

    कहाँ की है घटना? कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई

    सूत्रों के मुताबिक, यह घटना छिबरामऊ के नगर पालिका रोड की बताई जा रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई लोग एक व्यक्ति को चारों तरफ से घेरकर उसकी पिटाई कर रहे हैं, और राहगीर बस तमाशा देख रहे हैं।


    पुलिस का डर खत्म? कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई

    वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों का कहना है कि छिबरामऊ कोतवाली पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है। दिनदहाड़े हुई इस पिटाई की घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


    क्या कर रही है पुलिस? कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई

    फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक मारपीट करने वालों की पहचान नहीं हो सकी है।
    पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    बढ़ता भीड़तंत्र – कानून व्यवस्था पर सवाल कन्नौज: बीच सड़क पर युवक की चप्पल और थप्पड़ों से पिटाई

    यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की पिटाई नहीं, बल्कि यह संकेत है कि कैसे भीड़तंत्र का डर पुलिस से ज्यादा हो चला है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं।

  • हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी, वीडियो देख भावुक हुए लोग

    हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी, वीडियो देख भावुक हुए लोग

    हमीरपुर, उत्तर प्रदेश –जहां एक ओर यमुना और बेतवा नदी की बाढ़ ने जिले में तबाही मचा रखी है, वहीं दूसरी ओर एक मानवीय चेहरा सामने आया है।हमीरपुर यातायात पुलिस में तैनात कांस्टेबल रंजीत कुमार और अश्वनी कुमार ने बाढ़ पीड़ित बच्चों को गरमा गरम समोसे खिलाकर मानवता की मिसाल पेश की।

    वीडियो हुआ वायरल, जनता कर रही तारीफ हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी

    बच्चों को समोसा खिलाने का यह भावनात्मक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग पुलिसकर्मियों की इस पहल की सराहना कर रहे हैं और इसे “वर्दी में मसीहा” बता रहे हैं।

    बाढ़ से बेहाल हमीरपुर, पर उम्मीद जिंदा हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी

    हमीरपुर जिला मुख्यालय में यमुना और बेतवा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में पानी भर गया है और राहत कार्य जारी हैं। ऐसे समय में पुलिस की यह मानवीय पहल लोगों को राहत और सहारा दे रही है।

    पुलिस सिर्फ कानून नहीं, संवेदनाएं भी संभालती है हमीरपुर: बाढ़ के बीच बच्चों को समोसे खिलाते दिखे ट्रैफिक पुलिसकर्मी

    इस घटना ने यह साबित किया है कि पुलिस विभाग सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सहायता में भी आगे है।

  • जौनपुर: ऑनलाइन विज्ञापन के नाम पर ठगी, बीटेक छात्र निकला मास्टरमाइंड

    जौनपुर: ऑनलाइन विज्ञापन के नाम पर ठगी, बीटेक छात्र निकला मास्टरमाइंड

    जौनपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद में ऑनलाइन विज्ञापन के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक ₹10,000 का इनामी अपराधी भी शामिल है।गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मास्टरमाइंड एक बीटेक डिग्रीधारी छात्र बताया जा रहा है, जो लंबे समय से इस धोखाधड़ी नेटवर्क को संचालित कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन और बाइक भी बरामद की है।

    📱 ऐसे करते थे ऑनलाइन ठगी जौनपुर: ऑनलाइन विज्ञापन के नाम पर ठगी

    प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया और वेबसाइट्स पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को लुभाता था और फिर उनसे पेमेंट ट्रांजैक्शन या OTP के जरिए धोखा करता था। कई मामलों में लोगों से नौकरी, सामान खरीद या सर्विस बुकिंग के नाम पर रुपये ऐंठे गए।

    👮‍♂️ पुलिस कार्रवाई जौनपुर: ऑनलाइन विज्ञापन के नाम पर ठगी

    पुलिस ने बताया कि सभी आरोपियों पर प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच-पड़ताल जारी है। गिरोह की गतिविधियों की कड़ियां अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़ी हो सकती हैं, जिसकी जाँच साइबर सेल द्वारा की जा रही है।

    बरामद सामग्री: जौनपुर: ऑनलाइन विज्ञापन के नाम पर ठगी

    • ₹10,000+ नकद
    • 5+ मोबाइल फोन
    • दोपहिया वाहन (बाइक)
    • फर्जी दस्तावेजों की प्रतियाँ

    गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी ने इंजीनियरिंग (B.Tech) की पढ़ाई की है। उसकी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल गिरोह साइबर फ्रॉड में दक्षता पाने में करता था। पुलिस अब उसके डिजिटल डिवाइसेज़ की फॉरेंसिक जांच भी कर रही है। जौनपुर: ऑनलाइन विज्ञापन के नाम पर ठगी

  • गोरखपुर में 600 ट्रेनी महिला सिपाहियों का दर्द,ट्रेनिंग सेंटर के बाथरूम में कैमरे लगे,RTC प्रभारी पर लगाया गाली देने का आरोप

    गोरखपुर में 600 ट्रेनी महिला सिपाहियों का दर्द,ट्रेनिंग सेंटर के बाथरूम में कैमरे लगे,RTC प्रभारी पर लगाया गाली देने का आरोप

    गोरखपुर -गोरखपुर में स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 600 ट्रेनी महिला सिपाही अचानक बाहर निकलकर रोने और चिल्लाने लगीं। महिला सिपाहियों का आरोप है कि ट्रेनिंग सेंटर के बाथरूम में छिपे हुए कैमरे लगे हैं, जिससे उनकी निजता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


    ट्रेनी सिपाहियों का दर्द गोरखपुर में 600 ट्रेनी महिला सिपाहियों का दर्द

    रोती हुई एक ट्रेनी महिला सिपाही ने कहा,”हम लोग यहां नौकरी करने आए हैं, सम्मान के लिए… लेकिन बाथरूम तक में कैमरे लगे हैं। हमारी निजता से खिलवाड़ किया जा रहा है।” अन्य महिलाओं ने भी मानसिक उत्पीड़न और डर का माहौल होने की बात कही।


    हरकत में आया पुलिस प्रशासन गोरखपुर में 600 ट्रेनी महिला सिपाहियों का दर्द

    घटना की जानकारी मिलते ही SSP गोरखपुर और ADG ज़ोन मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में प्रशासन ने कैमरों की मौजूदगी को गंभीरता से लिया है और टेक्निकल टीम को बुलाकर पूरे परिसर की जांच कराई जा रही है।


    🔍 जांच के निर्देश गोरखपुर में 600 ट्रेनी महिला सिपाहियों का दर्द

    ADG ने मीडिया को बताया:प्रकरण अत्यंत गंभीर है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जल्द ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

    महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल

    इस घटना ने महिला सुरक्षा और निजता को लेकर पुलिस महकमे की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षण स्थल जैसी सुरक्षित जगह पर ऐसा आरोप गंभीर चिंता का विषय है।


    वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दर्जनों महिला सिपाही रोते हुए अपनी आपबीती बता रही हैं। वीडियो ने पूरे प्रदेश में जनता और अधिकारियों को झकझोर कर रख दिया है।


  • अमेठी पुलिस का नया कारनामा,पढ़िये बकरी व्यापारी के साथ पुलिस ने किया लॉकअप में ये काम

    अमेठी पुलिस का नया कारनामा,पढ़िये बकरी व्यापारी के साथ पुलिस ने किया लॉकअप में ये काम

    अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से पुलिस की बर्बरता का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अमेठी पुलिस पर एक बकरी व्यापारी ने गंभीर आरोप लगाया है।व्यापारी का आरोप है कि पुलिस ने पहले उसे लॉकअप में डालकर बर्बरता पूर्वक पीटा।उसके बाद उससे एक लाख की रिश्वत लेकर शांति भंग की धारा में चालान कर दिया।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

    एसपी को प्रार्थना पत्र देकर लगाई न्याय की गुहार अमेठी पुलिस का नया कारनामा

    जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हुसैनगंज निवासी एक बकरी व्यापारी ने सोमवार को एसपी को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर बकरी चोरी के मामले में पूछताछ करने के नाम पर पिटाई करने व रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। व्यापारी ने मामले में अपना मेडिकल कराए जाने व दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने बकरी व्यापारी की पिटाई व रिश्वत के आरोपों से इंकार किया है।

    जानकारी के मुताबिक, जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हुसैनगंज निवासी नौसाद का आरोप है कि बीते 10 जुलाई को जामो पुलिस उसके बेटे इरशाद को खौंपुर से उठा कर ले गई। जब वह थाने पर गया तो उसे भी बैठा लिया गया और बताया गया कि उसके ऊपर बकरी चोरी का आरोप है।बाद में उसके गांव के प्रधान उमापति तिवारी के माध्यम से पुलिस से बातचीत हुई और प्रधान ने उसके घर से लाकर एक लाख रुपए हेड मुहर्रिर दिनेश को दिया। जिसके बाद उसका शांति भंग में चालान कर दिया गया। नौसाद ने यह भी आरोप लगाया कि 26 जून को एसओजी टीम उसे उठा ले गई थी और एन्काउंटर का डर दिखाकर ग्राम प्रधान के माध्यम से सवा लाख रुपए लेकर छोड़ा था। हालांकि एसओजी टीम रायबरेली जिले की थी। मामले में एसपी ने जांच कराने की बात कही है।

    पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के निर्देश दिए अमेठी पुलिस का नया कारनामा

    एसएचओ जामो विनोद सिंह ने बताया कि 10 जुलाई को थाना क्षेत्र के अचलपुर निवासी विश्वनाथ ने पुलिस को चार बकरी चोरी होने का शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उसने बकरी चोरी में नौसाद व उसके बेटे पर चोरी की आशंका जताई थी। जिसे लेकर पुलिस ने नौसाद व उसके बेटे को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। जिसे 151 करके छोड़ा गया था। इससे एक बार एसओजी रायबरेली भी पूछताछ कर चुकी है। पुलिस पर लगाए गए नौसाद के सारे आरोप असत्य हैं।

    https://x.com/nnstvlive/status/1947874033401217062