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  • फर्रुखाबाद: सपा नेता नरेंद्र सिंह यादव ने मां की स्मृति में बांटे 1100 कंबल, नाम बदलने के मुद्दे पर दिया बड़ा बयान

    फर्रुखाबाद: सपा नेता नरेंद्र सिंह यादव ने मां की स्मृति में बांटे 1100 कंबल, नाम बदलने के मुद्दे पर दिया बड़ा बयान

    फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव ने मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी दिवंगत मां स्वर्गीय सावित्री देवी की स्मृति में गरीब और असहाय लोगों को 1100 कंबल वितरित किए। भीषण ठंड के बीच आयोजित इस कार्यक्रम से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली।

    कमालगंज में आयोजित हुआ कंबल वितरण कार्यक्रम

    यह कंबल वितरण कार्यक्रम कमालगंज थाना क्षेत्र के एस.डी. इंटर कॉलेज, पाहला में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोग मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।नरेंद्र सिंह यादव ने स्वयं जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और उनकी समस्याएं भी सुनीं। कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के कई स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

    नाम बदलने के मुद्दे पर नरेंद्र सिंह यादव का बयान

    कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र सिंह यादव ने नाम बदलने की राजनीति पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा—

    “बात विकास की होनी चाहिए, नाम बदलने से किस्मत नहीं बदलती।
    असली जरूरत रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित के कार्यों की है।”

    उन्होंने आगे कहा कि जनता को नाम बदलने से नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर, महंगाई से राहत और बुनियादी सुविधाएं मिलने से फायदा होगा। नेताओं को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

    गरीबों की सेवा ही सच्ची श्रद्धांजलि

    नरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उनकी मां स्वर्गीय सावित्री देवी हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करती थीं। उन्हीं की प्रेरणा से हर साल ठंड के मौसम में कंबल वितरण का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा “मां की स्मृति में गरीबों की सेवा करना ही उनके प्रति मेरी सच्ची श्रद्धांजलि है।”

    स्थानीय लोगों ने की सराहना

    कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की। जरूरतमंदों का कहना था कि कड़ाके की ठंड में कंबल मिलना उनके लिए बड़ी राहत है। ग्रामीणों ने ऐसे सामाजिक कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की मांग भी की।

  • UPNewBJPPresident: यूपी भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, SIR पर MP-MLA की उदासीनता से संघ नाराज़

    UPNewBJPPresident: यूपी भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, SIR पर MP-MLA की उदासीनता से संघ नाराज़

    UPNewBJPPresident लखनऊ – उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठनात्मक ढांचे के सबसे अहम पद प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जारी इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है। सूत्रों के मुताबिक, इसी सप्ताह पार्टी अपने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है। गौरतलब है कि मौजूदा अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह फैसला लगभग एक साल से लंबित था।

    बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर महत्वपूर्ण समन्वय बैठक हुई। इसी बैठक में प्रदेश संगठन की स्थिति, आगामी रणनीतियों और विशेष रूप से नए अध्यक्ष के नाम पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व के बीच नाम पर सहमति बन चुकी है और घोषणा अंतिम चरण में है।

    SIR (Special Summary Revision) को लेकर नाराज़गी

    प्रदेश में चल रहे SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) अभियान में भाजपा के सांसदों और विधायकों की अपेक्षित भागीदारी न होने से संघ बेहद नाराज़ है। जानकारी के अनुसार, कई जिलों में MP-MLA ने बूथ स्तर पर SIR की समीक्षा या पर्यवेक्षण में दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिससे संघ के पदाधिकारी नाखुश हैं। उनका मानना है कि चुनावी वर्षों में ऐसे अभियानों को हल्के में लेना संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता है।

    RSS ने इस ढीलापन सीधे तौर पर प्रदेश नेतृत्व की निष्क्रियता से जोड़ा है और बैठक में इसे गंभीर मुद्दे के रूप में उठाया गया। यही कारण है कि नया अध्यक्ष चुने जाने में संगठन एक ऐसे चेहरे की तलाश में है जो सांसदों-विधायकों को सक्रिय बनाए रखे और बूथ स्तर तक पार्टी को फिर से ऊर्जावान कर सके।पार्टी सूत्रों का कहना है कि नाम पर मुहर लग चुकी है और औपचारिक घोषणा दिल्ली से किसी भी समय हो सकती है।

  • कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामा , सांसद भोले बोले “मैं सबसे बड़ा हिस्ट्रीशीटर हूं”, पूर्व सांसद वारसी से भिड़ंत का वीडियो वायरल

    कानपुर देहात: दिशा बैठक में हंगामा , सांसद भोले बोले “मैं सबसे बड़ा हिस्ट्रीशीटर हूं”, पूर्व सांसद वारसी से भिड़ंत का वीडियो वायरल

    कानपुर देहात:जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई,

    जब बीजेपी सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के बीच जमकर बहसबाजी हो गई।बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सांसद भोले खुद को “सबसे बड़ा बदमाश” और “हिस्ट्रीशीटर” बताते दिख रहे हैं।


    वारसी के आरोप – “सांसद गुंडों के चेयरमैन हैं”

    बैठक के दौरान पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने आरोप लगाया कि दिशा समिति में सांसद भोले ने ऐसे लोगों को शामिल किया है जो आम नागरिकों को परेशान करते हैं, झूठे मुकदमे दर्ज कराते हैं और फैक्ट्री मालिकों से वसूली करते हैं।
    वारसी ने कहा“सांसद गुंडों के चेयरमैन हैं, इन्हें इलाज की जरूरत है।”उनके इस बयान के बाद बैठक में हंगामा मच गया और माहौल गरमा गया।


    सांसद भोले का पलटवार – “मुझसे बड़ा कोई बदमाश नहीं”

    वारसी के आरोपों पर भड़के सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने कहा कि वारसी हर चुनाव से पहले माहौल खराब करते हैं और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।पत्रकारों से बातचीत में भोले ने चौंकाने वाला बयान दिया “कानपुर देहात में मुझसे बड़ा कोई बदमाश नहीं है।मैं यहां का हिस्ट्रीशीटर हूं।सपा सरकार में मेरे खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए थे।”भोले ने आगे कहा कि वारसी न भारत सरकार को मानते हैं, न प्रदेश सरकार को, और वे समाज में ब्राह्मणवाद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।


    वीडियो वायरल, बीजेपी में मचा सियासी बवाल

    बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बीजेपी की अंदरूनी कलह फिर सुर्खियों में आ गई है।लोग सांसद के बयान पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।वहीं, जिला प्रशासन ने कहा कि बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की जानी थी, लेकिन विवाद के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जिसे पुलिस और अधिकारियों ने शांत कराया।

  • साध्वी उमा भारती की झांसी ललितपुर से चुनाव लड़ने की ख्वाहिश, अनुराग शर्मा खेमे में मची हलचल | UP Political News

    साध्वी उमा भारती की झांसी ललितपुर से चुनाव लड़ने की ख्वाहिश, अनुराग शर्मा खेमे में मची हलचल | UP Political News

    संवाददाता लोकेश मिश्रा झांसी/ललितपुर, उत्तर प्रदेश — झांसी ललितपुर लोकसभा सीट पर राजनीति में हलचल मच गई है। चर्चा है कि मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व सांसद साध्वी उमा भारती ने 2029 लोकसभा चुनाव में झांसी ललितपुर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। इस बयान के बाद वर्तमान सांसद अनुराग शर्मा के राजनीतिक खेमे में बेचैनी और उथल-पुथल मच गई है।

    2019 के लोकसभा चुनाव में उमा भारती की जगह अनुराग शर्मा ने पार्टी का टिकट पाकर चुनाव जीता था। इसके बाद 2024 के चुनाव में भी पार्टी ने उनका भरोसा जताया और वे पुनः विजयी हुए। लेकिन 2029 के चुनाव को लेकर उमा भारती के बयान से राजनीतिक गलियारे में खलबली मच गई है।

    उमा भारती ने मीडिया इंटरव्यू में झांसी को अपना दिल बताया और कहा कि वह इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा रखती हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर अनुराग शर्मा भी झांसी से अपने गहरे संबंधों और जनाधार के लिए जाने जाते हैं। इस बयान के बाद दोनों नेताओं के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में असमंजस और चर्चा तेज हो गई है।

    अनुराग शर्मा की तरफ़ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व का झुकाव दोनों नेताओं में से किस ओर होगा, यह आगामी समय में साफ होगा।

    स्थानीय जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग साध्वी उमा भारती की लोकप्रियता और अनुभव को देखते हुए उनके पक्ष में हैं, तो वहीं अनुराग शर्मा के समर्थक अपने सांसद के लगातार विकास कार्य और स्थानीय जुड़ाव की बात कर रहे हैं।

    इस सीट पर आगामी चुनाव को लेकर अब सभी की निगाहें पार्टी नेतृत्व और आगामी घोषणाओं पर टिकी हुई हैं। झांसी ललितपुर लोकसभा सीट पर राजनीतिक समीकरण बदलते दिख रहे हैं और अगले चुनाव में किसका पलड़ा भारी होगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

  • आईएएस सुरेन्द्र सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त, सीएमओ में अब तीन सचिव

    आईएएस सुरेन्द्र सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त, सीएमओ में अब तीन सचिव

    लखनऊ, उत्तर प्रदेश: प्रदेश सरकार ने वर्ष 2005 बैच के आईएएस अधिकारी सुरेन्द्र सिंह (IAS Surendra Singh) को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया है। सुरेन्द्र सिंह हाल ही में एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और सभी केंद्र शासित प्रदेश) काडर से लगभग तीन वर्ष की प्रतिनियुक्ति पूरी कर वापस लौटे हैं।

    प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले सुरेन्द्र सिंह मुरादाबाद के मंडलायुक्त पद पर तैनात थे। इसके अलावा, वह अक्टूबर 2019 से मार्च 2021 तक मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव के पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं। अब सरकार ने उन्हें सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

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    मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव संजय प्रसाद के अलावा अब तीन सचिव होंगे। इसमें पहले से तैनात आईएएस सूर्य पाल गंगवार और भारतीय रेल सेवा के अमित सिंह शामिल हैं। इसके अलावा पांच विशेष सचिवों की टीम भी सीएमओ में काम कर रही है, जिनमें विशाल भारद्वाज, बृजेश कुमार, ईशान प्रताप सिंह, विपिन कुमार जैन और नवनीत सिंह चहल शामिल हैं।

    सुरेन्द्र सिंह की नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रशासनिक कार्यों की निगरानी और नीति निर्माण में और मजबूती आने की संभावना है। उनके अनुभव और पूर्व कार्यकाल ने उन्हें मुख्यमंत्री सचिवालय की जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया है।इस नियुक्ति को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वागत किया है। राजनीतिक गलियारों में यह कदम सीएम कार्यालय में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।सुरेन्द्र सिंह की नियुक्ति से मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली में तेजी और प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • Akhilesh Yadav Meet Azam Khan: सपा नेताओं की पहली यादगार मुलाकात

    Akhilesh Yadav Meet Azam Khan: सपा नेताओं की पहली यादगार मुलाकात

    Akhilesh Yadav Meet Azam Khan रामपुर, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज रामपुर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से हुई। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने मुलाकात थी।

    जैसे ही दोनों नेताओं की नजरें मिलीं, आजम खान की आंखें भर आईं। इसके बाद अखिलेश ने आजम का हाथ पकड़कर उन्हें गले लगाया। मुलाकात के बाद दोनों नेता एक ही कार में बैठकर बातचीत करते हुए आजम के घर पहुंचे, जहां अखिलेश ने उनका हाथ पकड़कर अंदर तक उनका साथ दिया। यह मुलाकात दोनों नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत यादगार साबित हुई

    मुलाकात से पहले आजम खान ने यह शर्त रखी थी कि अखिलेश यादव से केवल वे ही मिलेंगे, परिवार के किसी अन्य सदस्य की मौजूदगी नहीं होगी। सूत्रों के अनुसार, आजम खान को कुछ मुद्दों पर नाराजगी थी और यह मुलाकात उसी नाराजगी को दूर करने का प्रयास मानी जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुलाकात समाजवादी पार्टी के लिए एकजुटता और रणनीतिक मजबूती का संदेश है। पार्टी कार्यकर्ता इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं और मान रहे हैं कि इससे आगामी चुनावी मोड़ में सपा का सामूहिक रूप से असर बढ़ सकता है।

    इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें नेताओं के बीच अपनत्व और सम्मान साफ़ झलक रहा है। अखिलेश और आजम की यह पहली मुलाकात राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • झांसी जेल शिफ्ट हुए अतीक अहमद के बेटे अली अहमद, CM योगी से लगाई सुरक्षा की गुहार

    झांसी जेल शिफ्ट हुए अतीक अहमद के बेटे अली अहमद, CM योगी से लगाई सुरक्षा की गुहार

    संवाददाता – लोकेश मिश्रा झांसी:उत्तर प्रदेश के अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को हाल ही में झांसी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। अली अहमद ने जेल शिफ्ट होने के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगाई।

    अली अहमद ने मीडिया से कहा कि उन्हें अन्यथा जेल में सताया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह एक लॉ स्टूडेंट हैं, लेकिन उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। अली ने बताया कि गृह जिले से इतनी दूर जेल भेजना उनके लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग की।

    उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने और सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार दिया जाए। अली अहमद का कहना था कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या परेशानियों से बचे रहें।इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने जेल प्रशासन और सुरक्षा बलों से न्यायपूर्ण और सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की।

    जानकारी के अनुसार, अली अहमद के मामले की संपूर्ण कानूनी प्रक्रिया अभी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी जेल शिफ्टिंग और सुरक्षा उपाय कानून के तहत सुनिश्चित किए गए हैं, लेकिन अली की व्यक्तिगत सुरक्षा की मांग अब प्रमुखता से देखी जा रही है।

    झांसी जेल प्रशासन ने फिलहाल इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, यूपी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर रखा है।

  • SP नेता काजल निषाद ने रवि किशन के GST बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया

    SP नेता काजल निषाद ने रवि किशन के GST बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया

    लखनऊ :सियासी गलियारों में एक बार फिर बयानबाजी का दौर देखने को मिला है। समाजवादी पार्टी (SP) की नेता काजल निषाद ने सांसद और अभिनेता रवि किशन के GST (Goods and Services Tax) पर दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।काजल निषाद ने कहा कि रवि किशन के बयान से जनता में भ्रम फैलता है। उन्होंने अपने तीखे अंदाज में कहा — “लगता है सांसद जी सस्ता वाला नशा करने लगे हैं।” उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल किया जा रहा है।

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    काजल ने आगे कहा कि सांसद को अपने बयानों में जिम्मेदारी रखनी चाहिए और जनता को सही जानकारी देनी चाहिए। उनका कहना था कि संवेदनशील मुद्दों पर ऐसे विवादास्पद बयान देना सही नहीं है।सोशल मीडिया पर काजल निषाद के इस बयान के वीडियो और प्रतिक्रियाओं ने बड़ी तेजी से वायरल होना शुरू कर दिया है। समर्थक और विरोधी दोनों ही पक्ष इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे मज़ाकिया अंदाज में देख रहे हैं, तो कुछ इसे गंभीर राजनीतिक टिप्पणी मान रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर ऐसे बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बन सकते हैं और इसके माध्यम से मतदाताओं का ध्यान आकर्षित किया जा सकता है।यह घटना यूपी की सियासत में राजनीतिक हलचल बढ़ा सकती है और आगामी दिनों में इस पर और बयान आने की संभावना है।

  • Akhilesh Dubey Case:  जेल में अखिलेश दुबे की तबीयत बिगड़ी, सीने में दर्द पर कड़ी सुरक्षा में अस्पताल लाया गया

    Akhilesh Dubey Case:  जेल में अखिलेश दुबे की तबीयत बिगड़ी, सीने में दर्द पर कड़ी सुरक्षा में अस्पताल लाया गया

    Akhilesh Dubey Case :  जेल में बंद अखिलेश दुबे की अचानक तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। जेल अधिकारियों के अनुसार, दुबे को सीने में दर्द के लक्षण महसूस होने पर तुरंत कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट कराए जा रहे हैं।

    इस बीच पीड़ित पक्ष ने कहा कि दुबे की तबीयत बिगड़ने का यह मामला उनके लिए जमानत का नया ग्राउंड बन सकता है। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के तहत अधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया।जेल प्रशासन ने मीडिया को बताया कि दुबे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    इस घटना के बाद जेल में सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन के स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा और किसी भी आरोपी के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।वहीं, न्यायिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले जमानत या विशेष सुविधा की मांग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रियाओं और मेडिकल रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

    इस घटना ने राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें अदालत के संभावित फैसले और जेल प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

  • बरेली बवाल के बाद मौलाना तौकीर रजा की मुश्किलें बढ़ीं, चार थानों में दर्ज FIR

    बरेली बवाल के बाद मौलाना तौकीर रजा की मुश्किलें बढ़ीं, चार थानों में दर्ज FIR

    बरेली। उपद्रव के बाद शहर के चार थानों में मौलाना तौकीर रजा समेत सैकड़ों अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की गई है। यह प्राथमिकी पुलिस की ओर से दर्ज कराई जा रही हैं।बारादरी थाने में दो मुकदमे पंजीकृत किए गए हैं। पहले मुकदमे में पुलिस ने 28 लोगों को नामजद करते हुए, ढाई सौ अज्ञात लोगों को शामिल किया है।

    इसी के साथ दूसरे मुकदमे में करीब 18 लोगों को नामजद करते हुए बाकी डेढ़ सौ अज्ञात लोगों को शामिल किया है।

    बारादरी में इनके खिलाफ केस

    बारादरी में लिखे गए मुकदमे में नदीम, अनीस सकलैनी, साजिद सकलैनी, तहमीन, वसीम तहसीनी, अजीम, अदनान, मोईन सिद्दीकी, फैजुल्ला नबी, कलीम खान, मोबीन, नायाब उर्फ निम्मा, बबलू खां, दाउद खा, अमन, अजमल रफी, फैजान, सामनान, सम्मू खान, अरशद अली, मुस्तफा नूरी, नौशाद खान मुनीमिया मोहम्मद आकिब, मुन्ना, सलाउद्दीन, यूनुस, आशु आदि को नामजद किया गया है।

    मौलाना तौकीर रजा को भी किया नामजद

    इसी तरह से दूसरे मुकदमे में भी 18 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक अभी तक कोतवाली, बारादरी, प्रेमनगर और किला थाने में भी मुकदमे लिखे गए हैं जिसमें मौलाना तौकीर रजा को भी नामजद किया गया है। 

    एक घंटे से डटे थे प्रदर्शनकारी, एसएसपी के लाठी उठाते ही दौड़े

    कोतवाली क्षेत्र में लाठी चार्ज के बाद श्यामगंज में उपद्रवियों ने उपद्रव का किया प्रयास – पुलिस ने काफी देर समझाया मगर नहीं माने उपद्रवी, जब हुआ लाठीचार्ज तो भागे जागरण संवाददाता, बरेली : कोतवाली क्षेत्र में बवाल लाठीचार्ज के बाद श्यामगंज में भी उपद्रवियों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। मौके पर पहुंची बारादरी पुलिस व अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन उपद्रवी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। इसी बीच जब एसएसपी को सूचना मिली तो वह भी श्यामगंज में मोर्चा संभालने पहुंच गए।

    एसएसपी के हाथ में लाठी देखते ही भीड़ में से आया फायर 

    एसएसपी के हाथ में लाठी देखते ही भीड़ में से किसी ने फायर किया तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। चंद मिनट में ही पूरा श्यामगंज खाली हो गया। गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं। श्यामगंज में करीब एक घंटे से उपद्रवी डेरा जमाए खडे थे।सीओ तृतीय समेत अन्य अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया मगर कोई मानने को तैयार नहीं था। पुलिस ने रस्सा खींचकर भीड़ को रोका था, लेकिन सभी इस्लामियां ग्राउंड में जाने की होड़ में थे।

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