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  • अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट पर मुकदमा, विजिलेंस की कार्रवाई से बढ़ीं मुश्किलें

    अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट पर मुकदमा, विजिलेंस की कार्रवाई से बढ़ीं मुश्किलें

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और बीजेपी नेता अपर्णा यादव की मां अंबी बिष्ट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विजिलेंस ने अंबी बिष्ट समेत अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की प्रियदर्शिनी भूखंड योजना में अंबी बिष्ट ने अनियमितताएं की थीं। उस समय वे एलडीए में संपत्ति अधिकारी के पद पर तैनात थीं।

    अंबी बिष्ट का संबंध प्रदेश के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार से है। वे सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की समधन हैं। उनकी बेटी अपर्णा बिष्ट की शादी मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव से हुई है। प्रतीक, मुलायम सिंह और साधना गुप्ता के बेटे हैं। लंबे समय तक लखनऊ नगर निगम में तैनात रही अंबी बिष्ट अक्सर सुर्खियों में रही हैं।

    अंबी बिष्ट लगभग 25 साल तक लखनऊ नगर निगम में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहीं। कई बार उनका तबादला हुआ, लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते आदेश रद्द हो जाते थे। एक बार नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी से टकराव के बाद उन्हें सस्पेंड करने की सिफारिश भी हुई थी। इसके अलावा वे एलडीए और नगर निगम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं।

    अपर्णा यादव, जो मौजूदा समय में यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं, कभी समाजवादी पार्टी से लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा और अब संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

    विजिलेंस की जांच और मुकदमे से अंबी बिष्ट पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला न सिर्फ अंबी बिष्ट बल्कि पूरे यादव परिवार के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

  • रायबरेली में राहुल गांधी का दौरा: अखिलेश-तेजस्वी संग लगे पोस्टरों से गरमाई सियासत

    रायबरेली में राहुल गांधी का दौरा: अखिलेश-तेजस्वी संग लगे पोस्टरों से गरमाई सियासत

    रायबरेली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के रायबरेली दौरे से जिले का सियासी पारा तेजी से चढ़ गया है। उनके स्वागत की तैयारियों के बीच शहर में जगह-जगह चस्पा किए गए पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पोस्टरों में राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की तस्वीरें लगी हैं।

    इन पोस्टरों पर लिखा गया है – “इंडिया की अंतिम आशा… कलयुग के ब्रह्मा, विष्णु, महेश।” यह पोस्टर सपा के स्थानीय नेताओं द्वारा लगाए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में नए समीकरणों पर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं।

    पोस्टरों से बढ़ी हलचल

    रायबरेली कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है और यहां राहुल गांधी का दौरा स्वाभाविक रूप से राजनीतिक मायनों में अहम है। लेकिन अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव के साथ लगाए गए पोस्टरों ने इस दौरे को और खास बना दिया है।

    पोस्टरों में तीनों नेताओं को विपक्षी गठबंधन इंडिया के “नए चेहरे” के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।कांग्रेस और सपा कार्यकर्ता दावा कर रहे हैं कि राहुल गांधी के दौरे से आगामी चुनावों में विपक्षी एकजुटता और मजबूत होगी। दूसरी ओर, भाजपा इसे मात्र राजनीतिक स्टंट करार दे रही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि जनता अब वास्तविक विकल्प चाहती है और यही संदेश इन पोस्टरों के जरिए दिया गया है।

  • प्रधानमंत्री और उनकी मां पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में बिहार बंद, कल बीजेपी करेगी सड़क पर प्रदर्शन

    प्रधानमंत्री और उनकी मां पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में बिहार बंद, कल बीजेपी करेगी सड़क पर प्रदर्शन

    पटना: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल के विरोध में NDA के घटक दलों की महिला शाखा ने 4 सितंबर को पांच घंटे के लिए बिहार बंद का आह्वान किया है। यह बंद बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रभावी रहेगा।

    दरअसल दरभंगा में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान खुले मंच से प्रधानमंत्री और उनकी मां के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित NDA के घटक दलों के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि सभी NDA नेता इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ पीएम मोदी की मां का नहीं बल्कि देश की हर मां का अपमान है।”स्थानीय प्रशासन ने बंद के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और जनता से अपील की गई है कि वे आवश्यक सावधानी बरतें।

    कल बीजेपी की महिला विंग करेगी बिहार बंद

    उन्होंने बताया कि महिला शाखा द्वारा आहूत बंद में आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाओं को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। डॉ. जायसवाल ने इस घटना को बिहार का भी अपमान बताया और कहा कि माताओं को देवतुल्य माना जाता है, उनका अपमान असहनीय है। उन्होंने लोगों से बंद में शामिल होने और कांग्रेस-राजद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने की अपील की।

  • बिहार विधानसभा चुनाव- अकेले दम पर उतरेगी बसपा, आकाश आनंद संभालेंगे कमान

    बिहार विधानसभा चुनाव- अकेले दम पर उतरेगी बसपा, आकाश आनंद संभालेंगे कमान

    लखनऊ-बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने घोषणा की है कि बसपा इस बार किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होगी, बल्कि अकेले दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर यह जानकारी साझा की और बताया कि बीते दो दिनों तक चली समीक्षा बैठकों में उम्मीदवार चयन से लेकर जनसभाओं की रूपरेखा पर मंथन किया गया है।

    आकाश आनंद को मिली कमान

    बसपा प्रमुख मायावती ने बिहार चुनाव की कमान अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को सौंपी है। उनके साथ राज्यसभा सांसद राम जी गौतम भी चुनाव प्रबंधन देखेंगे। साथ ही बिहार इकाई को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है।मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को तन, मन और धन से चुनावी मैदान में जुटने के निर्देश दिए।वोट बैंक बढ़ाने के लिए खास रणनीति तैयार की गई है।बिहार को तीन ज़ोन में बांटकर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।राजनीतिक विश्लेषक के अनुसार, यूपी बॉर्डर से सटे जिलों में बसपा को संभावना दिखाई दे रही है। यदि पार्टी यहां वोट बैंक मजबूत कर पाती है तो बसपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा।
    आकाश आनंद की युवा छवि से युवाओं में जोश भी देखने को मिल रहा है।

    अगले महीने से जनसभाओं की शुरुआत

    मायावती ने ऐलान किया कि अगले महीने से बसपा की चुनावी सभाएं और यात्राएं शुरू होंगी। इन कार्यक्रमों का संचालन आकाश आनंद और बिहार इकाई के जिम्मे होगा।मायावती का दावा है कि बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच बसपा पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी और बेहतर नतीजे हासिल करेगी।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द पर मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा,कहा- माहौल खराब ना करें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द पर मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा,कहा- माहौल खराब ना करें

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए जा रहे अपशब्दों पर अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने प्रतिक्रिया दी है।मायावती ने बिना नाम लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा कि इस तरह की भाषा से देश का राजनीतिक माहौल खराब होता है

    बसपा सुप्रीमो ने कहा कि नेताओं को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दों पर राजनीति होनी चाहिए, व्यक्तिगत हमलों और अपशब्दों से लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचती है। मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा

    मायावती के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। गौरतलब है कि हाल ही में बिहार की वोटर अधिकार रैली में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था।मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा

    बसपा चीफ ने लिखा- यहां इस बारे में यह विशेष उल्लेखनीय है कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का आदर्श कल्याणकारी भारतीय संविधान, भारत के करोड़ों लोगों के हित, सुरक्षा व उनके आत्म-सम्मान को सर्वोपरि मानते हुये, हर संवैधानिक संस्था को अपनी-अपनी निर्धारित सीमा में रहकर कार्य करने अर्थात् उन सबके लिए चेक एण्ड बैलेन्स की गारण्टी सुनिश्चित की है, जिस पर सही से अमल करके ही हालात को बिगड़ने से ज़रूर बचाया जा सकता है. मायावती ने राहुल और तेजस्वी को घेरा

  • अखिलेश यादव के सामने रोते हुए बोला कानपुर का सत्यम त्रिवेदी, जानिए क्या है पूरा मामला

    अखिलेश यादव के सामने रोते हुए बोला कानपुर का सत्यम त्रिवेदी, जानिए क्या है पूरा मामला

    कानपुर। इंस्पेक्टर पर पिटाई करने का आरोप लगाने वाला युवक सपा नेता के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास लखनऊ पहुंचा और रो पड़ा। उसने कहा कि इंस्पेक्टर ने जाति विशेष को लेकर अपमानित किया और जमीन पर बैठाकर पीटा। पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    पनकी के रतनपुर निवासी सत्यम त्रिवेदी ने बताया कि पड़ोसी से 25 अप्रैल को घर के बाहर की नाली को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्ष पनकी थाने पहुंचे, जहां एक पक्ष ने पड़ोसी को कुर्सी पर बैठाने और उन्हें जमीन पर बैठाने का आरोप लगाया

    आरोप है कि पनकी इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने जाति विशेष शब्दों का प्रयोग कर पीटा व गाली-गलौज कर अपमानित किया। कहीं सुनवाई न होने पर शुक्रवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय भी पहुंचे। इसके बाद मामले की जांच एडीसीपी पश्चिम को सौंपी गई। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    सोमवार को कानपुर महानगर के युवजन सभा अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी ने पनकी थाना अध्यक्ष द्वारा अप्रैल में सत्यम त्रिवेदी को पनकी थानाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह द्वारा जूतों से मारते हुए जातिसूचक गालियां दी गयी थी। जिसकी सूचना कानपुर महानगर के युवजन सभा अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी ने सपा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को इस मामले की जानकारी दी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें सत्यम त्रिवेदी के साथ लखनऊ बुलाया, जहां सत्यम रो पकड़े और आपबीती बता इंस्पेक्टर पर पिटाई का आरोप लगाया। कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

    पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि पार्टी न्याय दिलाने का काम करेगी। कार्रवाई भी कराएंगे। वहीं, इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि सत्यम का पड़ोसी से विवाद हुआ तो उसने उनसे मारपीट की थी। सत्यम पर पहले से ही पनकी, गुजैनी थाने समेत थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके आरोप झूठे हैं।कानपुर का सत्यम त्रिवेदी

  • कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह, प्रतिभा शुक्ला के पति समेत 3 को नोटिस

    कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह, प्रतिभा शुक्ला के पति समेत 3 को नोटिस

    कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर गुटबाजी और कलह तेज हो गई है, जो अब लखनऊ तक पहुंच गई है।पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला, राजेश तिवारी और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के निर्देश पर पार्टी महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल ने जारी किया। कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह

    सूत्रों के अनुसार, पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को अनुशासनहीनता का नोटिस दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि तीनों नेताओं की गतिविधियां पार्टी के आचरण के विपरीत हैं और यह अनुशासनहीनता मानी जाती है। तीनों नेताओं को 7 दिन में अपना जवाब देने के लिए कहा गया है।यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो पार्टी तीनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।दरअसल, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला और राजेश तिवारी ने हाल ही में अकबरपुर के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने दूसरी पार्टियों से आने वाले नेताओं पर निशाना साधा। यही कारण माना जा रहा है कि पार्टी ने अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया। कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह

    पूर्व जिलाध्यक्षों ने आरोप लगाए—चारों विधायक भ्रष्ट और बाहरी पार्टी से आए

    हाल ही में पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शुक्ला और राजेश तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के चारों विधायकों पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद दूसरे दलों से आए नेता मठाधीश बन गए हैं और पार्टी को व्यक्तिगत हित साधने का माध्यम बना लिया है। उनके अनुसार, चारों विधायक भ्रष्ट हैं—कोई बसपा से, कोई सपा से और कोई कांग्रेस से आया।पूर्व जिलाध्यक्षों का कहना है कि इनमें से कोई भी पुराना भाजपाई नहीं है, और ये नेता चलती रेलगाड़ी में सवार होकर बस लूटने में लगे हैं, जिससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।इस बयान के बाद बीजेपी में अंदरूनी कलह और गुटबाजी बढ़ गई है और पार्टी ने तीन वरिष्ठ नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

    प्रतिभा शुक्ला के पति ने अनिल वारसी ने दिया था धरना कानपुर देहात बीजेपी में आंतरिक कलह
    बता दें, 24 जुलाई को योगी सरकार में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति अनिल वारसी ने कानपुर देहात के कोतवाली में 6 घंटे धरना दिया था. साथ ही, उन्होंने कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया था. इसके बाद एसपी अरविंद मिश्रा ने मंत्री से बदसलूकी करने के आरोप में लालपुर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया था. इसी मामले में योगी सरकार ने अनिल वारसी को नोटिस जारी किया है.

  • कानपुर देहात भाजपा में घमासान,निवर्तमान जिला अध्यक्ष मनोज शुक्ला ने चारों विधायकों पर साधा निशाना

    कानपुर देहात भाजपा में घमासान,निवर्तमान जिला अध्यक्ष मनोज शुक्ला ने चारों विधायकों पर साधा निशाना

    कानपुर देहातकानपुर देहात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अंदरूनी राजनीति अब खुलकर सामने आने लगी है। निवर्तमान जिला अध्यक्ष मनोज शुक्ला ने दर्जनों वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस वार्ता कर जिले के चारों विधायकों पर गंभीर आरोप लगाए।मनोज शुक्ला का कहना है कि “जिले के चारों विधायक मूल रूप से भाजपा कार्यकर्ता नहीं हैं। इनका काम सिर्फ चलती ट्रेन में सवार होकर गंतव्य तक पहुंचना है।”

    प्रतिभा शुक्ला और भोले सांसद विवाद की गूँज कानपुर देहात भाजपा में घमासान

    बीते दिनों राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कोतवाली में धरना दिया था। धरने के दौरान उनके पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने मौजूदा भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसी घटनाक्रम के बाद यह प्रेस वार्ता बुलाई गई, जिसमें जिले के वरिष्ठ ब्राह्मण नेताओं ने अनिल शुक्ला और प्रतिभा शुक्ला पर भी आरोप लगाए।

    2027 विधानसभा चुनाव पर असर तय कानपुर देहात भाजपा में घमासान

    प्रेस वार्ता से यह साफ हो गया है कि कानपुर देहात में भाजपा की राह 2027 के विधानसभा चुनावों में आसान नहीं रहने वाली। फिलहाल पार्टी कई खेमों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। निवर्तमान जिला अध्यक्ष मनोज शुक्ला ने साफ कहा कि वे चारों विधायकों का विरोध करेंगे क्योंकि “वे मूल रूप से भाजपाई नहीं हैं।”

  • स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए

    स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए

    उत्तर प्रदेश की सियासत में सुर्खियों में रहने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। कोर्ट ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

    क्या है मामला?स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं

    जानकारी के मुताबिक, यह मामला उनके विवादित बयानों से जुड़ा है, जिसे लेकर विरोध दर्ज कराया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मौर्य के बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और समाज में अशांति फैलने का खतरा पैदा हुआ।

    कोर्ट का रुख,स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं

    मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर हैं। इसलिए, संबंधित थाने को तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।

    राजनीतिक हलचल,स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं

    इस आदेश के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सपा समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे कानून का पालन बताते हुए मौर्य पर निशाना साध रहे हैं।

    पुलिस की कार्रवाई,स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं

    कोर्ट आदेश मिलने के बाद पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है। आरोप सिद्ध होने पर मौर्य को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

  • मुरादाबाद में गरजे योगी: सपा नेताओं की बुद्धि ‘गधे’ जैसी हो गई! , बोले – डबल इंजन सरकार जाति-मजहब नहीं देखती

    मुरादाबाद में गरजे योगी: सपा नेताओं की बुद्धि ‘गधे’ जैसी हो गई! , बोले – डबल इंजन सरकार जाति-मजहब नहीं देखती

    मुरादाबाद | उत्तर प्रदेश।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “सपा नेताओं की बुद्धि अब गधे जैसी हो गई है, उन्हें समझ में नहीं आता कि देश किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।”योगी के इस बयान से राजनीतिक तापमान एक बार फिर गर्म हो गया है। उनके निशाने पर समाजवादी पार्टी की “जातिवादी राजनीति” और योजनाओं को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रम थे।


    क्या बोले योगी आदित्यनाथ? मुरादाबाद में गरजे योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से कहा:”डबल इंजन की सरकार योजनाएं जाति और मजहब देखकर नहीं बनाती। लेकिन कुछ नेताओं को ये बात समझ में नहीं आती। उनकी बुद्धि गधों जैसी हो गई है।”उन्होंने विपक्ष पर “जनता को गुमराह करने और समाज में विभाजन की राजनीति” करने का भी आरोप लगाया।


    डबल इंजन सरकार के दावे मुरादाबाद में गरजे योगी

    मुख्यमंत्री ने मंच से कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि:

    • प्रधानमंत्री आवास योजना
    • उज्ज्वला गैस कनेक्शन
    • शौचालय निर्माण
    • फ्री राशन योजना

    इन सभी का लाभ बिना किसी जाति या मजहब के भेदभाव के दिया गया है।


    सपा का पलटवार संभावित मुरादाबाद में गरजे योगी

    हालांकि अभी तक सपा की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह टिप्पणी राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती है। सपा प्रवक्ता जल्द पलटवार कर सकते हैं।


    जनसभा में भारी भीड़, भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश मुरादाबाद में गरजे योगी

    मुख्यमंत्री के साथ स्थानीय सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभा में बड़ी संख्या में लोग जुटे और मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान जमकर नारेबाज़ी हुई।


    राजनीति में बयानबाज़ी से गरमा रहा माहौलमुरादाबाद में गरजे योगी

    बिहार से लेकर यूपी तक, जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आते जा रहे हैं, बयानबाज़ी तल्ख होती जा रही है। जाति, मजहब, और योजनाओं के वितरण को लेकर नेताओं के बोल बेकाबू हो रहे हैं।