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  • कासगंज: सपा महिला सभा ने साजिद रशीदी के खिलाफ FIR की मांग की

    कासगंज: सपा महिला सभा ने साजिद रशीदी के खिलाफ FIR की मांग की

    कासगंज (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी महिला सभा ने मौलाना साजिद रशीदी की विवादित टिप्पणी को लेकर तेज विरोध दर्ज कराया है। पार्टी की महिला इकाई ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कासगंज को ज्ञापन देकर FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। यह ज्ञापन गंजडुंडवारा कोतवाली प्रभारी भोजराज अवस्थी के माध्यम से सौंपा गया।

    क्या है मामला? सपा महिला सभा ने साजिद रशीदी के खिलाफ FIR की मांग की

    मौलाना साजिद रशीदी द्वारा मैनपुरी सांसद डिंपल यादव पर की गई अशोभनीय और अभद्र टिप्पणी को लेकर समाजवादी पार्टी ने विरोध दर्ज कराया है। इसे महिलाओं के आत्मसम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला करार दिया गया है। कासगंज सपा महिला सभा जिला अध्यक्ष रीना वर्मा ने कहा :”यह टिप्पणी न सिर्फ एक महिला सांसद पर, बल्कि पूरे महिला समाज की गरिमा पर हमला है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी महिला सभा चरणबद्ध आंदोलन करेगी।” अब्दुल हफीज गांधी, पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता – सपा:”यह लोकतंत्र और महिलाओं के सम्मान पर सीधा प्रहार है। साजिद रशीदी के बयान से समाज में गलत संदेश जा रहा है। पुलिस को तत्काल कठोर कदम उठाना चाहिए।” लक्ष्मण सिंह यादव, जिला उपाध्यक्ष – सपा:”हमने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य BNS 2023 की कई धाराओं के अंतर्गत दंडनीय है। यदि पुलिस टालमटोल करती है, तो हम सड़कों पर उतरेंगे।”


    आंदोलन की चेतावनी सपा महिला सभा ने साजिद रशीदी के खिलाफ FIR की मांग की

    समाजवादी पार्टी ने चेताया कि यदि मौलाना के खिलाफ तुरंत FIR और विधिक कार्रवाई नहीं की जाती, तो जिलेभर में विरोध प्रदर्शन और जनांदोलन शुरू किया जाएगा।

    क्या कहते हैं कानून विशेषज्ञ? सपा महिला सभा ने साजिद रशीदी के खिलाफ FIR की मांग की

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की बयानबाज़ी महिलाओं के खिलाफ आपराधिक टिप्पणी, मानहानि, और सार्वजनिक शांति भंग जैसी धाराओं के अंतर्गत आती है, जिसके लिए FIR अनिवार्य है।

  • संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव,ये रही वजह दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस

    संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव,ये रही वजह दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस

    • संसद के मानसून सत्र के दौरान आज लोकसभा में उस वक्त सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और मैनपुरी से सांसद अखिलेश यादव की सीधी बहस केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हो गई। दोनों नेताओं के बीच जमकर तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।

    क्या था मामला? संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    आज सदन में विपक्ष की ओर से मणिपुर, यूपी में कानून व्यवस्था और सीएए को लेकर सवाल उठाए गए। इसी दौरान अखिलेश यादव ने खड़े होकर सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा,“देश में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।”उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बहुमत के दम पर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। अखिलेश के तीखे तेवरों का जवाब देने के लिए गृहमंत्री अमित शाह खुद खड़े हुए।

    अमित शाह ने किया पलटवार संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    अमित शाह ने कहा,“अखिलेश जी को याद दिलाना जरूरी है कि जब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब कानून व्यवस्था की हालत कैसी थी। आज देश में सुरक्षा बेहतर हुई है, आतंकवाद पर लगाम लगी है।”शाह ने आगे कहा कि विपक्ष को आलोचना का हक है, लेकिन तथ्यात्मक बातें रखी जानी चाहिए।

    सदन में नोकझोंक संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    दोनों नेताओं के बीच बहस के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा। स्पीकर को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। अखिलेश यादव ने सरकार पर तानाशाही रवैये का आरोप दोहराया, वहीं अमित शाह ने कहा कि “जनता का बहुमत हम पर भरोसे की मुहर है, न कि तानाशाही की।”

    विपक्षी दलों का समर्थन संसद में भिड़े अमित शाह और अखिलेश यादव

    बहस के बाद कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने भी अखिलेश यादव के बयान का समर्थन किया और सरकार से जवाब मांगा।

  • अमेठी:सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी पहल, गांव में शुरू की गई ‘PDA पाठशाला’ पढ़िये पूरी खबर

    अमेठी:सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी पहल, गांव में शुरू की गई ‘PDA पाठशाला’ पढ़िये पूरी खबर

    रिपोर्ट – नितेश तिवारी
    अमेठी-अमेठी जनपद के भादर ब्लॉक स्थित रायपुर गांव में समाजवादी पार्टी के पीडीए गठबंधन से जुड़े युवाओं ने एक अनोखी पहल की शुरुआत की है। गांव में एक बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय की जगह अब “PDA पाठशाला” शुरू की गई है। इस पहल की शुरुआत सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव ने की है, जिसमें दर्जनों बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।

    🔸 बच्चों को दी जा रही कॉपी-कलम सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी

    जयसिंह प्रताप यादव ने छोटे-छोटे बच्चों को मुफ्त में कॉपी, कलम, पेंसिल आदि शिक्षा सामग्री वितरित की और कहा कि शिक्षा के बिना समाज आगे नहीं बढ़ सकता। वहीं, गांव के कई युवा अब साइकिल पर किताबें लेकर आस-पास के बच्चों को पढ़ाने निकल चुके हैं।

    🔸 शिक्षा को लेकर भाजपा पर हमला सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी

    सपा नेता ने कहा-“यहां हर चीज को व्यापार समझने वाले भाजपाइयों को कौन समझाए कि शिक्षा लाभ-हानि की चीज नहीं होती।“उन्होंने शिक्षा को समाजवादी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

    अखिलेश यादव ने की सराहना सपा के पीडीए गठबंधन की अनोखी

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस पहल को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए ‘PDA पाठशाला’ को जनहित में ऐतिहासिक कदम बताया।

  • मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

    मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

    मैनपुरी: जिले में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास कर रही है। मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि गरीब और ग्रामीण बच्चे पढ़-लिख न सकें, ताकि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के काबिल न बनें। प्रदर्शन के दौरान मौजूद सपा विधायक बृजेश कठेरिया ने कहा:”भाजपा सरकार एक ओर सरकारी स्कूल बंद कर रही है और दूसरी ओर गांव-गांव में शराब के ठेके खोलकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।”

    राज्यपाल को भेजा गया ज्ञापन मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    सपा प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि बंद हो रहे सभी प्राथमिक और जूनियर स्कूलों को पुनः संचालित किया जाए ताकि शिक्षा के अधिकार का हनन न हो।

    जिले में बना राजनीतिक माहौल मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    इस मुद्दे को लेकर जिले में राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। समाजवादी पार्टी इसे जनविरोधी नीति बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है।