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Tag: Uttar Pradesh Politics

  • यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

    यूपी विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला

    लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन को संबोधित करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और हालिया विवादों पर सरकार का पक्ष रखा। अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कफ सिरप कांड को लेकर समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला और गंभीर आरोप लगाए।

    कफ सिरप मामले पर सीएम योगी का बड़ा बयान

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कफ सिरप के नाम पर जहरीली दवाइयों का कारोबार मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पकड़े गए आरोपियों का समाजवादी पार्टी से सीधा कनेक्शन सामने आया है। योगी ने कहा,“जिन लोगों ने मासूमों की जान से खिलवाड़ किया, उनके तार समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं। यह वही लोग हैं, जिन्हें सत्ता में रहते हुए गरीबों और जनता की कोई चिंता नहीं थी।”

    विपक्ष पर तीखा हमला

    सीएम योगी ने सपा सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले अपराधियों को संरक्षण मिलता था, जबकि वर्तमान सरकार में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि कफ सिरप जैसे मामलों में सरकार दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शने वाली नहीं है, चाहे उनका राजनीतिक संरक्षण कितना ही मजबूत क्यों न हो।

    सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और रोजगार को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार जनहित से जुड़े अहम विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा करेगी।
    योगी ने यह भी कहा कि प्रदेश में मेडिकल सेक्टर को मजबूत करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

    सत्र के दौरान हंगामे के आसार

    सीएम योगी के इस बयान के बाद सत्र के दौरान राजनीतिक टकराव तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष पहले ही सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाता रहा है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के तहत और जनता के हित में की जा रही है।

    आगे क्या?

    विधानमंडल के इस शीतकालीन सत्र में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, महंगाई और विकास योजनाओं को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है। कफ सिरप मामला सत्र का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है।

  • मायावती का बड़ा फैसला: अब स्मारकों पर नहीं जाएंगी, जनसभा भी की रद्द

    मायावती का बड़ा फैसला: अब स्मारकों पर नहीं जाएंगी, जनसभा भी की रद्द

    नई दिल्ली/लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए 6 दिसंबर को नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणास्थल पर प्रस्तावित अपनी विशाल जनसभा रद्द कर दी। पार्टी पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक के बाद मायावती ने यह निर्णय लिया और इसके पीछे की वजह आम जनता की सुविधा को बताया।

    मायावती ने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्मारकों और सार्वजनिक स्थानों पर आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से उन्होंने आगे से महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर बड़े स्मारकों पर न जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी साझा की।

    अपने पोस्ट में मायावती ने कहा कि बीएसपी सरकार ने महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायण गुरु, डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम जैसे महापुरुषों को सम्मान देते हुए कई बड़े स्मारक और प्रेरणास्थल बनवाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवादी पार्टियों की सरकारों में इन समाज सुधारकों को अक्सर अनदेखा किया जाता रहा है, जबकि बीएसपी ने सदैव इन महान विभूतियों को उचित सम्मान दिया।

    उधर, उनकी जनसभा रद्द होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह कदम सुरक्षा व्यवस्था और जनता की कठिनाइयों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। इसके साथ ही मायावती की आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी मौसम में ऐसे फैसले राजनीतिक संदेश भी देते हैं। हालांकि, बीएसपी सुप्रीमो ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज सुधारकों का सम्मान बनाए रखना है। मायावती के इस रुख ने समर्थकों और विपक्ष दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

  • UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लेखपाल सुधीर कुमार के घरवालों से की मुलाकात, दिया 2 लाख का सहयोग,BLO की मौतों पर सरकार से मांगी जवाबदेही

    UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लेखपाल सुधीर कुमार के घरवालों से की मुलाकात, दिया 2 लाख का सहयोग,BLO की मौतों पर सरकार से मांगी जवाबदेही

    सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को मृतक लेखपाल सुधीर कुमार के परिवार से मुलाकात की। सुधीर कुमार ने शादी से एक दिन पहले तनाव के चलते आत्महत्या कर ली थी। परिवार का आरोप है कि छुट्टी नहीं मिलने और अत्यधिक वर्कलोड के कारण वह मानसिक दबाव में थे। अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी और आश्वासन दिया कि समाजवादी पार्टी आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी।

    अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में BLO और लेखपाल अत्यधिक कार्यभार, प्रशिक्षण की कमी और लगातार दबाव के कारण असामयिक मौत का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि,
    “बिना ट्रेनिंग दिए इन्हें चुनावी काम पर लगा दिया जाता है। जितने भी BLO मरे हैं, उनके परिवारों के लिए हम लोकसभा में सरकारी नौकरी की मांग करेंगे।”

    शादी से एक दिन पहले की थी सुसाइड

    जानकारी के अनुसार, सुधीर कुमार की शादी 26 नवंबर तय थी और परिवार में तैयारियां चल रही थीं। लेकिन सुधीर को छुट्टी नहीं मिल पा रही थी और चुनावी कार्यों में लगातार दबाव बढ़ रहा था। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थे। शादी से ठीक एक दिन पहले उन्होंने यह कदम उठा लिया, जिससे परिवार सदमे में है।

    अखिलेश यादव ने प्रशासन से मांग की कि सभी BLO और फील्ड कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण, समय पर छुट्टी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी कर्मचारी काम के बोझ के कारण जान न गंवाए।

    सरकार से मुआवजे और नौकरी की मांग

    सपा प्रमुख ने मांग की कि मृतक सुधीर कुमार के परिवार को उचित मुआवजा, उसकी बहन/पत्नी में से किसी एक को सरकारी नौकरी और परिवार के भरण-पोषण की गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद और विधानसभा में मजबूती से उठाएगा।इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में BLO और लेखपालों की कार्य-परिस्थितियों को लेकर बहस तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार से मांग की है कि चुनावी कार्यों में तैनात फील्ड स्टाफ को पर्याप्त प्रशिक्षण और सहूलियतें दी जाएं, ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।