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  • VaranasiNews: इंग्लिशिया लाइन किसान मंडी में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, अवैध दुकानें सील

    VaranasiNews: इंग्लिशिया लाइन किसान मंडी में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, अवैध दुकानें सील

    VaranasiNews: संवाददाता मनीष पटेल वाराणसी: जिले की सबसे बड़ी किसान मंडी के रूप में जानी जाने वाली इंग्लिशिया लाइन स्थित फुल मंडी में नगर निगम ने अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई दुकानों को सील कर दिया।

    यह कार्रवाई किसानों को अनावश्यक कर वसूली और शोषण से राहत दिलाने के उद्देश्य से की गई है।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, फुल मंडी में लंबे समय से कुछ ठेकेदार अवैध रूप से दुकानों पर कब्जा जमाए हुए थे।

    इन कब्जों के कारण न केवल मंडी की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, बल्कि किसानों से जबरन वसूली की शिकायतें भी सामने आ रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पहले ही मामले की सुनवाई कर संबंधित ठेकेदारों को दुकानों को खाली करने के निर्देश दिए थे।

    नगर निगम की चेतावनी के बाद भी नहीं हटे कब्जे

    कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद नगर निगम एसडीएम सुनील यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि संबंधित ठेकेदारों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अवैध कब्जा हटा लें। इसके बावजूद जब आदेशों की अवहेलना की गई, तो नगर निगम को विधिसम्मत कार्रवाई करनी पड़ी।उन्होंने बताया कि शुक्रवार को नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ फुल मंडी पहुंची और चिन्हित अवैध दुकानों को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।

    कार्रवाई के दौरान हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

    सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें सिगरा थाने भेज दिया गया।नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह की जांच और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

    प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से मंडी में पारदर्शिता और व्यवस्था बेहतर होगी। अवैध कब्जे हटने से किसानों को राहत मिलेगी और उनसे होने वाली अतिरिक्त कर वसूली पर रोक लगेगी। साथ ही मंडी का संचालन नियमों के अनुरूप किया जा सकेगा।नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाएगा।

  • महाराजगंज में BJP जिलामंत्री का नोटों के बंडल संग वीडियो वायरल, तंत्र-मंत्र बताकर दी सफाई

    महाराजगंज में BJP जिलामंत्री का नोटों के बंडल संग वीडियो वायरल, तंत्र-मंत्र बताकर दी सफाई

    उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिलामंत्री गौतम तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में गौतम तिवारी नोटों के बंडल के साथ नजर आ रहे हैं, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। वीडियो सामने आते ही विपक्ष ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है, वहीं पार्टी के भीतर भी इस मामले को लेकर असहजता देखी जा रही है।

    सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    वायरल वीडियो में कथित तौर पर भाजपा जिलामंत्री के सामने बड़ी मात्रा में नकदी दिखाई दे रही है। वीडियो के सामने आते ही यह फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर तेजी से फैल गया। लोग वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे पैसों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स इसे भ्रष्टाचार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे साजिश बता रहे हैं।

    नेता ने दी अजीबोगरीब सफाई

    वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा जिलामंत्री गौतम तिवारी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक चौंकाने वाली सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला जादू-टोना और तंत्र-मंत्र से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, कुछ तंत्र-मंत्र करने वाले लोगों ने उन्हें साजिश के तहत जाल में फंसाया है और यह वीडियो उसी साजिश का हिस्सा है।

    गौतम तिवारी का कहना है कि वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और इसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है और वे जल्द ही सच्चाई सामने लाएंगे।

    विपक्ष का हमला तेज

    इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है, लेकिन उनके ही नेता नोटों के बंडल के साथ वीडियो में नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और सवाल उठाया है कि अगर नेता निर्दोष हैं, तो वीडियो में नकदी कहां से आई।

    पार्टी की बढ़ी मुश्किलें

    वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा संगठन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। फिलहाल पार्टी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने चर्चा तेज है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द ही स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो यह मामला आगामी चुनावों में पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

    जांच की मांग

    स्थानीय लोगों और राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले पर नजर रखी जा रही है।

    कुल मिलाकर, महाराजगंज में भाजपा जिलामंत्री गौतम तिवारी का नोटों के बंडल के साथ वायरल वीडियो अब सिर्फ एक सोशल मीडिया विवाद नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिस पर आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

  • मेरठ–बागपत सड़क हादसा: हिंडन नदी पुल से कार गिरी, हेड कांस्टेबल समेत दो की मौत

    मेरठ–बागपत सड़क हादसा: हिंडन नदी पुल से कार गिरी, हेड कांस्टेबल समेत दो की मौत

    मेरठ–बागपत सड़क हादसा मेरठ/बागपत।उत्तर प्रदेश के मेरठ–बागपत सीमा क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। थाना जानी क्षेत्र में बागपत–मेरठ हाईवे स्थित हिंडन नदी पुल पर चल रही एक मारुति इग्नीस कार अनियंत्रित होकर पुल से टकराने के बाद करीब 25 फीट नीचे नदी में जा गिरी। इस भीषण हादसे में हेड कांस्टेबल समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसा मंगलवार सुबह करीब चार बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। वाहन में कुल पांच लोग सवार थे। मृतकों की पहचान बुलंदशहर निवासी हेड कांस्टेबल राहुल और बसौद निवासी अजरू उर्फ अजरुद्दीन के रूप में हुई है। वहीं, कार में सवार एक अन्य कांस्टेबल सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    विवेचना से लौटते वक्त हुआ हादसा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम किसी विवेचना के सिलसिले में मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में दबिश देने गई थी। कार्रवाई के बाद टीम बागपत लौट रही थी। मेरठ–बागपत सीमा पर हिंडन नदी पर एक पुराना और एक नया पुल बना हुआ है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार के कारण कार अनियंत्रित हो गई और दोनों पुलों के बीच से निकलते हुए सीधे पुल के पिलर से टकराकर नदी में जा गिरी

    मौके पर पहुंची पुलिस, रेस्क्यू में जुटे लोग

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद नदी में गिरे घायलों को बाहर निकाला गया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को बाहर निकाला गया।

    जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी अन्य वाहन की टक्कर तो हादसे की वजह नहीं बनी। मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं पुलिस महकमे में भी शोक की लहर है।

  • वाराणसी: आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    वाराणसी: आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    संवाददाता मनीष पटेल वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर मोहल्ले में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल (35) की सिलबट्टे से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। सुबह जब परिजन और पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया तो कमरे की कुंडी बाहर से बंद मिली। अंदर पहुंचते ही खून से लथपथ अनुपमा का शव देखकर लोगों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।


    सुबह-सुबह हुई हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    घटना शुक्रवार सुबह की है। मृतका अनुपमा पटेल के पति शैलेश कुमार दूध सप्लाई का काम करते हैं। वे रोज की तरह सुबह करीब 5 बजे दूध लेने घर से निकले थे। उस वक्त अनुपमा घर के बाहर झाड़ू लगा रही थीं और पति को बाहर तक छोड़ने आई थीं।शैलेश जब सुबह 8 बजे दूध लेकर वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि घर का मेन गेट खुला है, लेकिन पत्नी कहीं दिखाई नहीं दे रही। संदेह होने पर उन्होंने कमरे की कुंडी चेक की, जो बाहर से बंद थी। कुंडी खोलकर जैसे ही अंदर गए, वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए—अनुपमा खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थीं। उनके सिर पर सिलबट्टे से कई बार वार किया गया था।

    चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी, शक गहराया

    स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह किसी ने भी किसी तरह की चीख, शोर या विवाद की आवाज नहीं सुनी। इससे पुलिस को आशंका है कि हत्यारे ने पहले महिला के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, ताकि आवाज बाहर न जा सके।
    कमरे को बाहर से बंद करने से साफ है कि आरोपी घटना को अंजाम देकर आराम से निकल गया और शक को भटकाने की कोशिश भी की।

    फोरेंसिक, SOG और पुलिस अधिकारियों ने संभाली जांच

    सूचना मिलते ही शिवपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसीपी कैंट नितिन तनेजा, SOG टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंचे। कमरे से खून के नमूने, हथियार (सिलबट्टा) और अन्य साक्ष्य जुटाए गए।
    फोरेंसिक टीम यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय कमरे में एक से अधिक लोग थे या नहीं, और कहीं जबरन प्रवेश के निशान तो नहीं हैं।मृतका अनुपमा खजूरी में आंगनवाड़ी वर्कर थीं। उनका मायका भी खजूरी में ही है। पति-पत्नी की शादी को 10 वर्ष हो चुके थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। घटना के बाद मायके और ससुराल दोनों पक्ष के लोग सदमे में हैं।

    हत्या की वजह पर पुलिस जांच जारी

    फिलहाल हत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस व्यक्तिगत रंजिश, घरेलू विवाद, लूट की कोशिश और अन्य आपराधिक कोणों से भी जांच कर रही है।सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और पिछले दिनों के विवादों की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/yogi-government-hi-tech-intruder-detection-detention-model-up/
  • Meerut Rape Case : बलात्कार पीड़िता को न्याय नहीं, मेडिकल थाना पुलिस पर लापरवाही के आरोप

    Meerut Rape Case : बलात्कार पीड़िता को न्याय नहीं, मेडिकल थाना पुलिस पर लापरवाही के आरोप

    Meerut Rape Case मेडिकल थाना क्षेत्र में एक युवती के यौन शोषण और बलात्कार के गंभीर आरोपों के मामले में कार्रवाई न होने को लेकर पीड़िता के परिजन भड़क गए हैं। परिवार का आरोप है कि पुलिस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इसी विरोध में गुरुवार को परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे और धरना देकर न्याय की मांग की।

    परिजनों ने बताया कि युवती ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का दावा है कि मेडिकल थाना पुलिस न केवल कार्रवाई में देरी कर रही बल्कि आरोपियों को संरक्षण भी मिल रहा है, जिससे पीड़िता और उसके परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।

    एसएसपी कार्यालय परिसर में बैठकर परिजनों ने जोरदार विरोध जताया। उनका कहना है कि इतने गंभीर अपराध के बाद भी पुलिस की धीमी कार्रवाई समझ से परे है। परिजनों ने कहा कि जब तक मामले में गिरफ्तारी नहीं होती और निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने पर बैठी पीड़िता की मां ने कहा कि “हमारी बेटी के साथ घोर अन्याय हुआ है, लेकिन पुलिस आरोपी पक्ष के दबाव में काम कर रही है। हम न्याय मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे।”

    वहीं, एसएसपी दफ्तर में मौजूद अधिकारियों ने परिजनों की शिकायत सुनी और मामले की जांच के लिए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी।
    इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में कानून व्यवस्था को लेकर विश्वास बना रहे।

  • अकबरपुर रनिया में दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    अकबरपुर रनिया में दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

    कानपुर देहात। अकबरपुर रनिया में आयोजित दो दिवसीय विधायक खेल प्रतियोगिता का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया।युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्ययुवाओं में अनुशासन, टीमवर्क, खेल भावना और फिटनेस को बढ़ावा देना था।

    प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

    गोला फेंक में समीर, अजीत और सौरभ कुमार प्रथम स्थान पर रहे।
    भाला फेंक में अमन ने बाजी मारी।
    बालिका वर्ग में अर्शी, तानी और मयंक पाल प्रथम स्थान पर रहीं।
    कबड्डी प्रतियोगिता में माती की टीम ने खिताब जीता
    वॉलीबॉल में ककरदही टीम विजेता बनी।

    मंत्री प्रतिभा शुक्ला का संबोधन

    पुरस्कार वितरण के दौरान मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा“खेल चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और अनुशासन सिखाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र में खेल सुविधाओं और संसाधनों को और अधिक मजबूत किया जाएगा।मंत्री ने भरोसा जताया कि अकबरपुर रनिया के खिलाड़ी जल्द ही जोन, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का गौरव बढ़ाएँगे।

    कार्यक्रम में प्रमुख लोग उपस्थित रहे

    इस अवसर पर ग्राम प्रधान किरण देवी, जिला युवा कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार, व्यायाम प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी हिमेंद्र गौतम सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में प्रतियोगिता को और बड़े स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

  • राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्र आवंटन पर उठे सवाल , वीसी के आदेशों की खुली अवहेलना

    राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय में परीक्षा केंद्र आवंटन पर उठे सवाल , वीसी के आदेशों की खुली अवहेलना

    रिपोर्ट: शशि गुप्ता लोकेशन: अलीगढ़ राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय, अलीगढ़ में परीक्षा केंद्र आवंटन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने ही बनाए नियमों और वीसी द्वारा जारी स्पष्ट आदेशों की अनदेखी करते हुए परीक्षा केंद्र निर्धारित कर दिए हैं।

    वीसी द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि एक ही प्रबंधन के दो कॉलेजों को एक-दूसरे के सेंटर नहीं बनाए जाएगा।जहां कम से कम 250 परीक्षार्थियों की उपस्थिति होगी, वहीं केंद्र बनाया जाएगा।लेकिन वास्तविकता इन आदेशों के बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।

    नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप

    • कई महाविद्यालयों में 3000 से अधिक छात्रों को एक ही सेंटर पर बैठा दिया गया है।
    • आसपास के कॉलेज खाली पड़े हैं, फिर भी उन्हें सेंटर नहीं बनाया गया।
    • आरोप है कि परीक्षा केंद्र निर्धारण में सेटिंग-गेटिंग और मनमानी की गई है।
    • वीसी का आदेश होने के बावजूद एक ही मालिकान समूह के दो संस्थानों को एक-दूसरे का परीक्षा केंद्र बनाया गया है

    परीक्षा केंद्र आवंटन की यह प्रक्रिया वही मनमानी और लापरवाही दिखा रही है, जिस पर पहले बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा को लेकर

    आलोचनाएं होती थीं। अब वही तस्वीर राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय में भी देखने को मिल रही है, जिससे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में रोष है।

    प्रशासन की सफाई

    जब इस मामले पर विश्वविद्यालय के कंट्रोलर से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि“समिति और नियमों के अनुसार ही परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं।”लेकिन विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध आधिकारिक लिस्ट खुद ही इन दावों का खंडन कर रही है।जब नियम विश्वविद्यालय स्वयं बनाता है, तो फिर उन्हीं नियमों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा?क्या परीक्षा केंद्र आवंटन प्रक्रिया पारदर्शी है?या फिर यह सब मिलीभगत और मनमानी का परिणाम है?

  • लखनऊ में शुरू हुआ 10 दिवसीय खादी महोत्सव-2025, 160 से अधिक उद्यमियों के स्टॉल—स्वदेशी उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

    लखनऊ में शुरू हुआ 10 दिवसीय खादी महोत्सव-2025, 160 से अधिक उद्यमियों के स्टॉल—स्वदेशी उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

    लखनऊ। खादी महोत्सव-2025 का 10 दिवसीय भव्य आयोजन शुक्रवार को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमतीनगर में शुरू हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने फीता काटकर, दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया।इस वर्ष महोत्सव में प्रदेश के 160 से अधिक उद्यमियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जहां खादी, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्कृष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

    मंत्री राकेश सचान ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, आत्मनिर्भर भारत का आधार है। गांधीजी के स्वावलंबन के विचार को आगे बढ़ाते हुए यह महोत्सव नवाचार और परंपरा के संगम का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में आयोजित 20 प्रदर्शनियों में दो हजार से अधिक इकाइयों ने भाग लिया और 44.38 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की।

    390 हजार लोगों को मिला रोजगार

    मंत्री राकेश सचान ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वर्तमान समय में 3,90,000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत की वृद्धि है। वर्ष 2025 में अब तक 66,640 युवाओं को टूलकिट प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है।दुना बनाने की मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और इलेक्ट्रॉनिक चाक जैसे उपकरण ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं। इसी क्रम में समारोह में चयनित लाभार्थियों को विभिन्न टूलकिट प्रदान किए गए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

    खादी हुई आधुनिक, ई-कॉमर्स से खुला वैश्विक बाजार

    प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने कहा कि खादी आधुनिक डिज़ाइन और तकनीक के साथ युवाओं की पसंद बन चुकी है। निफ्ट और फैशन संस्थानों की मदद से खादी को नया रूप मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से खादी उत्पाद अब राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं, जिससे कारीगरों को अधिक आय और पहचान मिल रही है।

    लाभार्थियों को मिला सम्मान

    कार्यक्रम में मेरठ के दीपक कुमार, गोंडा की ममता और हाथरस के संजय सिंह को क्रमशः 40,000, 30,000 और 20,000 रुपये के राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही दर्जनों लाभार्थियों को दोना मेकिंग मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और विद्युत चालित चाक वितरित किए गए।मंत्री ने लखनऊवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुँचकर खादी उत्पाद खरीदें और ग्रामीण कारीगरों का मनोबल बढ़ाएँ

  • सांसद संध्या राय का विपक्ष पर पलटवार, “मनचाहा रिज़ल्ट न आए तो बस आरोप लगाते हैं”

    सांसद संध्या राय का विपक्ष पर पलटवार, “मनचाहा रिज़ल्ट न आए तो बस आरोप लगाते हैं”

    रिपोर्टर – लोकेश मिश्रा मध्य प्रदेश के दतिया-भिंड लोकसभा क्षेत्र से सांसद संध्या राय ने बिहार चुनाव परिणामों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया को लेकर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि NDA की बड़े अंतर से जीत जनता का भरोसा दर्शाती है, लेकिन विपक्ष चुनाव हारते ही निर्वाचन आयोग और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगता है, जो लोकतंत्र के लिए सही संदेश नहीं है।

    सांसद संध्या राय दतिया के प्रसिद्ध सूर्य नगरी बालाजी धाम निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने विकास और स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट जनादेश दिया है। ऐसे में विपक्ष की ओर से लगातार आरोप-प्रत्यारोप करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर अविश्वास का माहौल पैदा करता है।

    उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यशैली की भी प्रशंसा की और कहा कि देश में चुनाव प्रणाली दुनिया में सबसे पारदर्शी और मजबूत है। “जब जीतते हैं तो सब ठीक लगता है, और जब हारते हैं तो कमियां दिखने लगती हैं… विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए,” सांसद संध्या राय ने कहा।

    सांसद इन दिनों दतिया और भिंड क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों की समीक्षा कर रही हैं। बालाजी धाम निरीक्षण के बाद वह क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगी, जहाँ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, और जलापूर्ति जैसे कई प्रोजेक्टों की प्रगति पर चर्चा की जाएगी।

    क्षेत्रवासियों का कहना है कि सांसद संध्या राय लगातार फील्ड में रहकर सरकारी योजनाओं की स्थिति को समझती हैं और जरूरत के मुताबिक तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित कराती हैं। उनके इस सक्रिय दौरे को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

  • कानपुर देहात: माती कोर्ट में बार एसोसिएशन ने दिल्ली आतंकी हमले की निंदा की, कहा- आतंकवाद मानवता का दुश्मन है

    कानपुर देहात: माती कोर्ट में बार एसोसिएशन ने दिल्ली आतंकी हमले की निंदा की, कहा- आतंकवाद मानवता का दुश्मन है

    कानपुर देहात। दिल्ली में हुए आतंकी हमले की निंदा पूरे देश में की जा रही है। इसी क्रम में माती कोर्ट परिसर में जिला बार एसोसिएशन, कानपुर देहात ने गुरुवार को एक शोक सभा आयोजित की। सभा में अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया।

    सभा को संबोधित करते हुए सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, यह मानवता का शत्रु है।” उन्होंने समाज से अपील की कि सभी लोग जाति-धर्म से ऊपर उठकर इस बुराई के खिलाफ एकजुट हों।वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि यह हमला देश की आत्मा को झकझोर देने वाला है। निर्दोष लोगों की मौत मानवता के लिए बड़ी त्रासदी है।

    वहीं, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि आतंकवाद को केवल गोली से नहीं, बल्कि “न्याय, एकता और राष्ट्रीय संकल्प की शक्ति” से हराया जा सकता है। उन्होंने इसे भारत की एकता, शांति और न्याय पर सीधा प्रहार बताया।एसोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि इस हमले के पीछे के सभी आतंकी नेटवर्क का खुलासा कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए।

    सभा का संचालन महामंत्री घनश्याम सिंह राठौर ने किया। इस मौके पर सम्पत लाल यादव, रमेश चंद्र सिंह गौर, सर्वेंद्र सिंह यादव, वैभवकांत मिश्र, अभिषेक सविता, सुशील कटियार, रोहित शुक्ला, योगेंद्र प्रताप सिंह चौहान सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।