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  • समाजवादी नेता आज़म खान की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती

    समाजवादी नेता आज़म खान की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती

    रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के पूर्व विधायक आज़म खान की तबीयत अचानक बिगड़ जाने के बाद उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की एक टीम उनकी लगातार देखरेख कर रही है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन पूरी तरह से खतरे से बाहर नहीं हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, आज़म खान पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। गुरुवार को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में उनके खिलाफ चल रही सुनवाई में भी वे उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील ने कोर्ट में हाजिरी माफी की अर्जी दाखिल करते हुए बताया कि आज़म खान की तबीयत काफी खराब है और उन्हें तत्काल चिकित्सा देखरेख की आवश्यकता है।

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    डॉक्टरों के अनुसार, आज़म खान को उच्च रक्तचाप और सांस संबंधी दिक्कतें हैं, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने फिलहाल उन्हें पूर्ण विश्राम और निगरानी में रखने की सलाह दी है।

    गौरतलब है कि आज़म खान लंबे समय से कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं और स्वास्थ्य कारणों से पहले भी कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

    रामपुर और आसपास के इलाकों में यह खबर फैलते ही सपा कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार दिल्ली अस्पताल से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं।

  • लखनऊ दुबग्गा सिटी बस कर्मचारियों का वेतन विवाद: संचालन बाधित

    लखनऊ दुबग्गा सिटी बस कर्मचारियों का वेतन विवाद: संचालन बाधित

    रिपोर्टर: दिनेश चौरसिया लखनऊ। दुबग्गा सिटी ट्रांसपोर्ट की भगवा रंग की बसों के कर्मचारियों में आज यानी 16 अक्टूबर 2025 को भारी असंतोष देखा गया। बस चालक और परिचालक सुबह से ही संचालन बाधित कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कंपनी ने उनका बेसिक वेतन घटाकर 13,000 रुपये से घटाकर केवल 7,000 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही दीपावली का बोनस देने का वादा भी रद्द कर दिया गया।

    दुबग्गा बस डिपो में कर्मचारियों का कहना है कि इतने कम वेतन में घर चलाना असंभव है। उन्होंने बताया कि यह कटौती उनके परिवार की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। बस चालक और परिचालक अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर आए हैं और वेतन वृद्धि तथा बोनस देने की मांग कर रहे हैं।

    कर्मचारियों ने इस समस्या का समाधान निकालने के लिए शासन-प्रशासन और आल्हा अधिकारियों से भी न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।इस विवाद के कारण दुबग्गा सिटी की बस सेवा प्रभावित रही, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने भी कर्मचारियों के समर्थन में अपनी नाराजगी जताई है।

    दुबग्गा थाना क्षेत्र के अंतर्गत यह मामला अब उच्च अधिकारियों के समक्ष पहुंचा है और जल्द ही इसे सुलझाने के लिए बैठकें होने की संभावना है। अभी यह देखना बाकी है कि शासन-प्रशासन इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेते हैं और कर्मचारियों के वेतन तथा बोनस को लेकर क्या समाधान निकाला जाता है।

  • हमीरपुर: न्याय न मिलने पर परिवार ने ठिलिया पर बैठकर अधिकारियों को सौंपा प्रार्थनापत्र

    हमीरपुर: न्याय न मिलने पर परिवार ने ठिलिया पर बैठकर अधिकारियों को सौंपा प्रार्थनापत्र

    हमीरपुर। सुमेरपुर थाना क्षेत्र में एक परिवार ने न्याय न मिलने के विरोध में ठिलिया पर बैठकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखी। परिवार में पति-पत्नी और उनके नवजात सहित चार बच्चे शामिल थे।

    परिवार ने बताया कि पिछले तीन महीने से थाने के चक्कर काटने के बावजूद उनका न्याय नहीं हुआ। पड़ोसी के साथ विवाद के चलते पुलिस ने पीड़ित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

    परिवार ने एसपी और DM को प्रार्थनापत्र सौंपते हुए उचित जांच और कार्यवाही की मांग की। परिवार का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से उन्हें न्याय नहीं मिल रहा और वे सही जांच के लिए संघर्षरत हैं।

  • औरैया में एनएच-19 पर अमोनिया गैस रिसाव से मचा हड़कंप, फायर ब्रिगेड ने टाला बड़ा हादसा

    औरैया में एनएच-19 पर अमोनिया गैस रिसाव से मचा हड़कंप, फायर ब्रिगेड ने टाला बड़ा हादसा

    रिपोर्टर — अमित शर्मा औरैया।राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-19 पर स्थित भीकमपुर दयालपुर इलाके में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब शबनम बर्फ फैक्ट्री से अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। जहरीली गैस के फैलते ही आसपास के मोहल्लों में दहशत फैल गई। लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और घबराहट की शिकायतें होने लगीं।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गैस रिसाव पर काबू पा लिया। टीम की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

    फायर विभाग के सीएफओ तेजवीर सिंह और अग्निशमन अधिकारी देवेश तिवारी ने खुद बीए सेट किट पहनकर पाइपलाइनों के बीच पहुंचकर जांच की।

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    जांच में पाया गया कि पाइपलाइन के एक हिस्से के खराब होने से गैस का रिसाव हुआ था। तत्पश्चात पानी की बौछारों से गैस के असर को कम किया गया और पूरे परिसर को सुरक्षित घोषित किया गया।

    फैक्ट्री संचालक पप्पू खान (निवासी दिबियापुर) को घटना की जानकारी दे दी गई है। फैक्ट्री में मौजूद सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री के सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है।स्थानीय लोगों ने फायर टीम की फुर्ती और साहसिक कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए राहत की सांस ली है।

  • अमेठी: छह महीने से बना CSC सेंटर जर्जर, प्रशासनिक लापरवाही से जनता नहीं पा रही सरकारी योजनाओं का लाभ

    अमेठी: छह महीने से बना CSC सेंटर जर्जर, प्रशासनिक लापरवाही से जनता नहीं पा रही सरकारी योजनाओं का लाभ

    रिपोर्टर: नितेश तिवारी अमेठी।पंचायती राज विभाग की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। जामो ब्लॉक के कटारी गांव में लाखों रुपये की लागत से बना कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पिछले छह महीनों से बनकर तैयार है, लेकिन अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है।

    ग्रामीणों का कहना है कि CSC सेंटर के न चलने से उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि इस केंद्र के शुरू होने से जनसेवा से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक आसानी से पहुंच सकता था।

    लंबे समय से बंद पड़े भवन की हालत अब जर्जर होने लगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण लाखों की लागत से बना यह भवन बेकार साबित हो रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते केंद्र का संचालन शुरू नहीं किया गया, तो यह पूरी तरह खराब हो जाएगा और सरकार की योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है।

  • हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड ,अजय राय को परिवार से मिलने से रोका, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

    हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड ,अजय राय को परिवार से मिलने से रोका, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

    हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड लखनऊ। फतेहपुर के ऊंचाहार में मानसिक रूप से अस्वस्थ दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की 1 अक्टूबर को हुई निर्मम हत्या का मामला अब भी सुर्खियों में है। इस हत्या के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने फतेहपुर जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

    सूत्रों के अनुसार, अजय राय के साथ पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दकी, सांसद राकेश कुमार राठौर सहित भारी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे। पुलिस हिरासत के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। समर्थकों ने मौके पर जोरदार नारेबाजी की और पुलिस के इस कदम की निंदा की। अजय राय ने आरोप लगाया कि हत्या में भाजपाई गुंडों का हाथ है और पीड़ित परिवार से मिलने के दौरान उन्हें रोकना कानून का उल्लंघन है।

    मामले की गंभीरता

    1 अक्टूबर को हरिओम वाल्मीकि को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला। परिजनों के अनुसार, हरिओम बैंक में तैनात अपनी पत्नी से मिलने जा रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे चोर समझकर हमला कर दिया। 2 अक्टूबर को मामला वायरल वीडियो के माध्यम से सामने आया।

    पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

    इस मामले में अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। शुक्रवार रात 12वें आरोपी दीपक अग्रहरी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी के पैर में गोली लगी और उसके पास से देशी तमंचा बरामद हुआ।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    इस घटना पर राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।यह मामला यूपी में जातिगत और सामाजिक न्याय के मुद्दों को फिर से प्रमुखता दे रहा है और अजय राय के परिवार से मिलने की कोशिश पर पुलिस की रोक राजनीतिक बहस को और बढ़ा रही है।

  • उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर को मनाई जाएगी महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश

    उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर को मनाई जाएगी महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर 2025 (मंगलवार) को महर्षि वाल्मीकि जयंती का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में राज्य अवकाश घोषित किया है।

    महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि और रामायण के रचयिता के रूप में जाना जाता है। उनकी जयंती पर प्रदेशभर में शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। लोग अपने-अपने क्षेत्रों में वाल्मीकि मंदिरों में पूजा-अर्चना कर उनकी शिक्षाओं को स्मरण करेंगे।

    सरकार की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश Negotiable Instruments Act 1881 के तहत नहीं आता। यानी इस दिन बैंक और वित्तीय संस्थान खुले रहेंगे, जबकि शैक्षणिक और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।

    प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन समाज को समानता, ज्ञान और मानवता का संदेश देता है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

  • औरैया “मृत” महिला के चक्कर में ससुराल वाले झेल रहे थे मुकदमा, वो निकली जिंदा

    औरैया “मृत” महिला के चक्कर में ससुराल वाले झेल रहे थे मुकदमा, वो निकली जिंदा

    रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। दो साल पहले जिस महिला को परिजनों ने मृत मानकर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, वही महिला अब जीवित मिली है। पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश से बरामद किया है।थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पढ़ीन की मड़ैया निवासी 20 वर्षीय विवाहिता की शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही वह रहस्यमयी परिस्थितियों में अपनी ससुराल से गायब हो गई।

    लंबे समय तक खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। इसी दौरान 23 अक्टूबर 2023 को विवाहिता के मायके पक्ष ने गुमशुदगी दर्ज कराई। बाद में शक जताते हुए इसे दहेज हत्या का मामला बताया गया और अदालत के आदेश पर थाना कोतवाली में पति समेत छह ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

    इस पूरे मामले की विवेचना सीओ सिटी औरैया के नेतृत्व में की जा रही थी। जांच में एसओजी और सर्विलांस टीम ने सक्रिय प्रयास किए और गुमशुदा विवाहिता का लोकेशन मध्य प्रदेश में पाया। तत्परता के बाद पुलिस ने महिला को सकुशल बरामद कर लिया।

    क्षेत्राधिकारी सदर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि लगभग दो साल पहले महिला गायब हो गई थी और उसके मृत होने पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था। अब महिला जिंदा मिलने के बाद पूरे मामले का रुख बदल सकता है और अदालत में इस घटना का बड़ा असर पड़ने की संभावना है। महिला को औरैया लाकर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।यह मामला कानून-व्यवस्था और दहेज प्रथा के गंभीर पहलुओं को उजागर करता है और सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

  • यूपी: जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जानलेवा हमला, सिर पर कैंची से वार

    यूपी: जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जानलेवा हमला, सिर पर कैंची से वार

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जानलेवा हमला किया गया। घटना के अनुसार, एक कैदी ने गायत्री प्रजापति के सिर पर ताबड़तोड़ कैंची से वार किए, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।

    घटना लखनऊ जिला कारागार के जेल अस्पताल में हुई। जानकारी के मुताबिक, सफाई ड्यूटी पर लगे एक बंदी के साथ कहासुनी के बाद अचानक धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान कैदी ने गायत्री प्रजापति को अलमारी के स्लाइडिंग हिस्से से मारकर चोट पहुँचाई, जिससे उन्हें सिर में 10 से अधिक टांके लगे। आनन-फानन में जेल प्रशासन ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने शोर सुनकर तुरंत कार्रवाई की और घायल पूर्व मंत्री को सुरक्षित रखा। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।इस हमले के बाद समाजवादी पार्टी ने चिंता व्यक्त की है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि यह घटना गंभीर है और जेल प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि पूर्व मंत्री को समुचित इलाज और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

    गायत्री प्रजापति समाजवादी पार्टी के शासन काल में अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इस घटना ने जेल सुरक्षा और कैदियों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।जेल प्रशासन ने वार करने वाले कैदी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जेल में उच्च प्रोफाइल कैदियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

  • मथुरा में ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी में डूबी कार, ट्रैफिक पुलिस ने बहादुरी दिखाकर बचाई जान वीडियो वायरल

    मथुरा में ओवरब्रिज के नीचे जमा पानी में डूबी कार, ट्रैफिक पुलिस ने बहादुरी दिखाकर बचाई जान वीडियो वायरल

    मथुरा:उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सोमवार को भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। हालात इतने बिगड़ गए कि शहर के ओवरब्रिज के नीचे एक कार पूरी तरह पानी में डूब गई। कार के अंदर सवार लोगों की जान खतरे में पड़ गई, लेकिन मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने फुर्ती और बहादुरी दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह पुलिसकर्मी पानी में उतरकर कार का दरवाजा खोलते हैं और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालते हैं। बताया जा रहा है कि कार में एक परिवार सवार था जो बरसात के कारण जलभराव में फंस गया था।

    स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और साहसिक कदम की सराहना की है। वहीं, नगर निगम और प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि बारिश के बाद शहर में जलभराव की समस्या हर साल क्यों दोहराई जाती है।मथुरा पुलिस ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट से भी इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा “ट्रैफिक पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। जनता की सेवा ही हमारा कर्तव्य है।”