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पीलीभीत: 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लोग मान रहे चमत्कारी, परिक्रमा से कैंसर और फालिज तक ठीक होने का दावा

चमत्कार या अंधविश्वास? पीलीभीत के 100 साल पुराने पीपल के पेड़ पर उमड़ी आस्था, गंभीर बीमारियाँ “ठीक होने” के दावे

पीलीभीत/बीसलपुर, यूपी- चमत्कार या अंधविश्वास का अंधा खेल, चमत्कारी हुआ पीपल का पेड़, चक्कर मात्र से लोगों की ठीक हो जा रही कैंसर औऱ फलिस जैसी गंभीर बीमारी, आप सोच रहें होंगे की हम कैसी बहकी बहकी बातें कर रहें है लेकिन यही सवाल हमने वहां के लोगों से भी किया, जो उन्होंने कहा वो सच में चौकाने वाला था। लोग इसे भगवान का चमत्कार मान रहें है पीलीभीत जिले की बीसलपुर तहसील के गाँव सखिया में स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना पीपल का पेड़ इन दिनों चर्चा में है। ग्रामीणों का दावा है कि पेड़ की परिक्रमा करने से कैंसर, लिवर रोग, फालिज (पैरालिसिस) जैसी गंभीर बीमारियाँ भी ठीक हो रही हैं। लोग इस वृक्ष को “डॉ. ब्रह्मदेव” के रूप में पूजने लगे हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन के लिए पहुँच रहे हैं।

कैसे शुरू हुई चर्चा? पीलीभीत: 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लोग मान रहे चमत्कारी

स्थानीय लोगों के मुताबिक 22 जुलाई को रामपुर जिले से पहुँचे कुछ लोगों ने परिक्रमा करने के बाद “बीमारी से निज़ात” का दावा किया। इसके बाद से क्षेत्र में खबर तेजी से फैली और भीड़ बढ़ने लगी। महिलाएँ विशेष रूप से पूजा-पाठ में शामिल हो रही हैं। कई लोग इसे “भगवान का चमत्कार” मान रहे हैं।

मौके का हाल पीलीभीत: 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लोग मान रहे चमत्कारी

  • पेड़ के चारों ओर परिक्रमा पथ जैसा मार्ग बन गया है।
  • रोज़ाना श्रद्धालु मन्नतें मांग रहे हैं और प्रसाद/ध्वज बाँध रहे हैं।
  • गाँव के लोग आगंतुकों के लिए जल/बैठक की व्यवस्था कर रहे हैं।

प्रशासन/विशेषज्ञ क्या कहते हैं? पीलीभीत: 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लोग मान रहे चमत्कारी

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर बीमारियों का इलाज वैज्ञानिक चिकित्सा से ही संभव है; किसी वृक्ष की परिक्रमा से रोग ठीक होने के दावे प्रमाणित नहीं हैं।
  • स्थानीय प्रशासन भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई और सुरक्षा पर नज़र बनाए हुए है।

समाचार माध्यम के रूप में हम किसी चमत्कारिक इलाज के दावे की पुष्टि नहीं करते। पाठकों से अपील है कि लक्षण दिखें तो योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

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