कानपुर।उत्तर प्रदेश के कानपुर में आज 21 जनवरी 2026 को अमर शहीद हेमू कल्याणी की पुण्यतिथि बड़ी श्रद्धा और भावनाओं के साथ मनाई गई। यह दिन उनके शहादत दिवस के रूप में याद किया गया। आयोजन श्री झूलेलाल शिव मंदिर (ब्लाक 13, गोबिंदनगर) में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के कई गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया और शहीद को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

हेमू कल्याणी: देशभक्ति की जीवंत मिसाल
अमर शहीद हेमू कल्याणी का जन्म 23 मार्च, 1923 को सुकुर सिंध प्रांत, अखंड भारत में हुआ था। बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के दौरान उन्होंने अपनी बहादुरी का परिचय दिया।जब अंग्रेजों की हथियारों से भरी ट्रेन उनके क्षेत्र से गुजर रही थी, तब हेमू कल्याणी ने रेल की पटरियां उखाड़कर विरोध किया। इसी साहसिक कदम के कारण ब्रिटिश शासन ने उन्हें गिरफ्तार कर 21 जनवरी 1943 को फांसी पर लटका दिया। शहीद हेमू कल्याणी ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में समाज ने जताया सम्मान
आज के कार्यक्रम में शहीद हेमू कल्याणी की प्रतिमा पर मनोज तलरेजा, बंटी सिधवानी, मनोज लालवानी, बलराम कटारिया सहित समाज के कई गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण किया। इस अवसर पर पूरा झूलेलाल मंदिर प्रांगण “अमर शहीद हेमू कल्याणी अमर रहे, अमर रहे, अमर रहे” के उद्घोष से गूंज उठा।मुख्य अतिथियों में श्यामलाल मूलचंदानी (अध्यक्ष), सुरेश कटारिया, महेश मनचंदा, डॉ. सुरेश मदान, डॉ. सुरेश आहूजा, बंटी सिधवानी, संजू डाबरानी, नरेश फूलवानी, चंद्रभान मोहनानी, मुरारी लाल चुग और कई अन्य शामिल रहे। उन्होंने शहीद की शहादत को याद किया और उनके बलिदान को देशवासियों के लिए प्रेरणा बताया।
शहीदों के बलिदान की याद
इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों ने कहा कि शहीदों की चिताओं पर हर वर्ष मेले लगेंगे और देश पर मर मिटने वालों का यही निशान रहेगा। हेमू कल्याणी जैसे सपूतों की शहादत देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी कहानी हमें हमेशा याद रहेगी।इस कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों को शहीदों के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें देशभक्ति का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर शहीद हेमू कल्याणी को नमन किया और उनके बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प लिया।

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